Aaj Ka Panchang 29 January 2026: तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और वैज्ञानिक दृष्टि से ज्योतिष विश्लेषणIt takes 5 minutes... to read this article !

आज का पंचांग 29 January 2026: जानिए तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्य-चंद्र स्थिति, ज्योतिष + विज्ञान + शास्त्र आधारित संपूर्ण विश्लेषण।

हर दिन एक जैसा नहीं होता। कुछ दिन ऐसे होते हैं जब फैसले अपने आप सही दिशा में बढ़ते हैं, और कुछ दिन ऐसे जब छोटी-सी चूक भी बड़ा असर छोड़ जाती है। 29 January 2026 का दिन भी ऐसा ही है, जिसे समझने के लिए केवल तारीख देखना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसके पीछे छिपे समय के संकेतों को जानना ज़रूरी है। आज का पंचांग उसी समझ का माध्यम है।

भारतीय पंचांग प्रणाली केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि समय का व्यवस्थित अध्ययन है। इसमें सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक खगोलीय स्थिति के आधार पर तिथि, नक्षत्र, योग और करण तय किए जाते हैं। आधुनिक विज्ञान भी मानता है कि चंद्रमा का प्रभाव ज्वार-भाटा, मानव नींद चक्र और मानसिक स्थिरता पर पड़ता है। इसी कारण पंचांग आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना हजारों वर्ष पहले था।

29 जनवरी 2026 को बनने वाले ग्रहयोग यह संकेत देते हैं कि यह दिन गहराई से सोचने, योजनाओं की समीक्षा करने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। एकादशी तिथि और अनुराधा नक्षत्र का संयोजन आत्मनिरीक्षण और रणनीतिक निर्णयों को बढ़ावा देता है। यह दिन जल्दबाज़ी से नहीं, बल्कि समझदारी से कदम उठाने का संदेश देता है।

इस लेख में आप जानेंगे:

  • आज की तिथि और नक्षत्र का वास्तविक अर्थ

  • कौन से समय आपके पक्ष में हैं और किनसे बचना चाहिए

  • ज्योतिष, विज्ञान और शास्त्र – तीनों दृष्टिकोण से आज का विश्लेषण

  • और यह कि आज का पंचांग आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कैसे उपयोगी हो सकता है

अगर आप चाहते हैं कि आपके फैसले केवल अनुमान नहीं, बल्कि समय की समझ पर आधारित हों, तो 29 January 2026 का पंचांग आपको एक स्पष्ट दिशा दिखा सकता है।

पंचांग क्यों जरूरी है?

भारतीय संस्कृति में पंचांग केवल तिथि बताने का साधन नहीं है, बल्कि यह समय का विज्ञान है।

वैदिक ऋषियों ने आकाशीय पिंडों की गति को देखकर यह समझा कि समय का हर क्षण समान नहीं होता

आज का पंचांग हमें यह बताता है:

  • कौन सा कार्य कब करना शुभ है

  • किस समय निर्णय लेने से सफलता मिलती है

  • किन समयों से बचना चाहिए

यह ज्ञान अंधविश्वास नहीं, बल्कि हजारों वर्षों के astronomical observations और mathematical calculations पर आधारित है।

आज का पंचांग: 29 January 2026 (गुरुवार)

दिनांक

29 जनवरी 2026, गुरुवार

विक्रम संवत

2082

शक संवत

1947

आयन

उत्तरायण

ऋतु

शिशिर ऋतु

तिथि (Tithi)

एकादशी तिथि

  • आरंभ: 28 जनवरी 2026 – रात्रि

  • समाप्ति: 29 जनवरी 2026 – संध्या तक

तिथि का शास्त्रीय महत्व

एकादशी तिथि को शास्त्रों में शक्ति और परिवर्तन की तिथि माना गया है।

यह दिन:

  • आत्मिक साधना

  • ध्यान

  • पुराने कर्मों के समाधान

    के लिए उपयुक्त होता है।

वैज्ञानिक दृष्टि

चंद्रमा पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण को प्रभावित करता है। एकादशी पर समुद्री ज्वार अधिक सक्रिय होते हैं, जो मानव मनोविज्ञान को भी प्रभावित करते हैं।

नक्षत्र (Nakshatra)

अनुराधा नक्षत्र

  • स्वामी ग्रह: शनि

  • देवता: मित्र

नक्षत्र फल

अनुराधा नक्षत्र:

  • मित्रता

  • नेटवर्किंग

  • नेतृत्व

  • अनुशासन

के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

वैज्ञानिक विश्लेषण

शनि से जुड़े समय में निर्णय लेने की क्षमता स्थिर और व्यावहारिक होती है।

योग (Yoga)

शोभन योग

  • यह योग सौंदर्य, संतुलन और सकारात्मकता को बढ़ाता है

  • विवाह, सौंदर्य, कला और रचनात्मक कार्यों के लिए अनुकूल

करण (Karana)

वणिज करण

वणिज करण व्यापार, लेन-देन, निवेश और आर्थिक योजनाओं के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

सूर्य और चंद्र स्थिति

सूर्य
  • राशि: मकर

  • तत्व: पृथ्वी

चंद्रमा
  • राशि: वृश्चिक

ज्योतिषीय प्रभाव

मकर सूर्य और वृश्चिक चंद्र:

  • गंभीर सोच

  • गहन भावनाएं

  • रणनीतिक निर्णय

का योग बनाते हैं।

शुभ मुहूर्त 29 January 2026

अभिजीत मुहूर्त

12:10 PM – 12:52 PM

गृह कार्य

सुबह 9:30 से 11:00 तक

विवाह एवं सगाई

यह दिन सीमित रूप से अनुकूल, पंचांग देखकर निर्णय करें।

अशुभ समय

राहुकाल

1:30 PM – 3:00 PM

यमगण्ड

6:00 AM – 7:30 AM

गुलिक काल

9:00 AM – 10:30 AM

इन समयों में नए कार्य से बचना शास्त्रसम्मत माना गया है।

आज का उपाय (Astrology Remedy)

  • शनि मंत्र का 108 बार जाप

  • काले तिल का दान

  • वृद्ध एवं श्रमिक वर्ग की सहायता

वैज्ञानिक मनोवैज्ञानिक प्रभाव

दान और जप से:

  • मन शांत होता है

  • Focus बढ़ता है

  • Decision fatigue कम होती है

क्या सच में ग्रह असर डालते हैं?

आधुनिक विज्ञान भी मानता है:

  • चंद्रमा का प्रभाव ज्वार और मानव sleep cycle पर पड़ता है

  • सूर्य की गतिविधियां Earth Magnetic Field को प्रभावित करती हैं

Astrology इन प्राकृतिक प्रभावों को symbolic language में समझाती है।

शास्त्रों में पंचांग का उल्लेख

ऋग्वेद और सूर्य सिद्धांत में समय गणना का विस्तृत वर्णन है।

पंचांग के पाँच अंग:

  1. तिथि

  2. वार

  3. नक्षत्र

  4. योग

  5. करण

इसी से पंचांग शब्द बना।

महत्व

आज का पंचांग केवल एक दिन का ज्ञान नहीं देता, बल्कि:

  • समय प्रबंधन

  • निर्णय क्षमता

  • मानसिक संतुलन

का मार्गदर्शन करता है।

इसी कारण पंचांग हजारों वर्षों से प्रासंगिक है और आगे भी रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. 29 जनवरी 2026 को कौन सी तिथि है?

29 जनवरी 2026 को एकादशी तिथि है। यह तिथि आत्मचिंतन, साधना और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए उपयुक्त मानी जाती है।

2. आज कौन सा वार है?

29 जनवरी 2026 को गुरुवार है। गुरुवार का संबंध गुरु ग्रह से होता है, जो ज्ञान, धर्म और सकारात्मक सोच का प्रतीक है।

3. 29 January 2026 का नक्षत्र क्या है?

इस दिन अनुराधा नक्षत्र रहेगा। यह नक्षत्र अनुशासन, मित्रता, नेतृत्व और दीर्घकालिक योजनाओं के लिए अनुकूल माना जाता है।


4. आज का राहुकाल कितने बजे है?

29 जनवरी 2026 को राहुकाल दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक रहेगा। इस समय नए और शुभ कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए।

5. क्या आज कोई शुभ मुहूर्त है?

हाँ, आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:10 बजे से 12:52 बजे तक रहेगा, जो सामान्यतः अधिकांश शुभ कार्यों के लिए सुरक्षित माना जाता है।

6. आज सूर्य और चंद्रमा किस राशि में हैं?
  • सूर्य: मकर राशि

  • चंद्रमा: वृश्चिक राशि

    यह संयोजन गंभीर सोच, रणनीतिक निर्णय और भावनात्मक गहराई को दर्शाता है।

7. क्या 29 जनवरी 2026 विवाह या मांगलिक कार्य के लिए शुभ है?

यह दिन सीमित रूप से अनुकूल माना जाता है। विवाह जैसे कार्यों के लिए कुंडली और विस्तृत पंचांग देखकर निर्णय लेना उचित रहता है।

 

8. आज कौन सा ज्योतिषीय उपाय लाभकारी रहेगा?

आज शनि से संबंधित उपाय जैसे काले तिल का दान, शनि मंत्र का जाप और सेवा कार्य मानसिक स्थिरता और सकारात्मकता बढ़ाते हैं।

 

हमारी एडिटोरियल टीम अनुभवी वैदिक एवं तांत्रिक साधकों का एक समर्पित समूह है, जिन्होंने वर्षों तक वेद, तंत्र और प्राचीन शास्त्रों का गहन अध्ययन किया है। इन ग्रंथों में वर्णित साधनाओं का विधिवत पुरश्चरण कर, व्यावहारिक अनुभव के साथ ज्ञान को आत्मसात किया गया है। Sadhanas.in पर प्रकाशित प्रत्येक लेख और साधना शुद्ध रूप से प्राचीन शास्त्रों एवं प्रमाणिक ग्रंथों के अध्ययन पर आधारित है, ताकि साधकों को प्रामाणिक, सुरक्षित और सही मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।

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