Astrology Tips: चंद्र दोष शांति के लिए चांदी का कड़ा या अंगूठी पहनने के चमत्कारी लाभ, जानिए नियम कब और कैसे पहनेंIt takes 5 minutes... to read this article !

Silver Astrology Benefits: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चांदी का कड़ा या अंगूठी पहनने से चंद्र दोष शांत होता है। जानिए किसे, कब, कैसे पहनना चाहिए और शास्त्रीय विधि।

चांदी का कड़ा या अंगूठी पहनने के ज्योतिषीय नियम

वैदिक ज्योतिष में चांदी को अत्यंत शुभ धातु माना गया है। शास्त्रों के अनुसार प्रत्येक धातु का संबंध किसी न किसी ग्रह से होता है और चांदी का सीधा संबंध चंद्रमा तथा आंशिक रूप से शुक्र ग्रह से बताया गया है। चंद्रमा मन, भावनाओं, माता, मानसिक शांति और जल तत्व का कारक ग्रह है। जब कुंडली में चंद्र कमजोर होता है, तब व्यक्ति मानसिक तनाव, निर्णय भ्रम और अस्थिरता का अनुभव करता है।

ऐसे में चांदी का कड़ा या अंगूठी धारण करना चंद्र दोष शांति का प्रभावी उपाय माना गया है।

शास्त्रीय संदर्भ

गरुड़ पुराण और बृहत् संहिता में उल्लेख मिलता है कि चंद्रमा से संबंधित दोषों में चांदी का प्रयोग मानसिक संतुलन प्रदान करता है। शुक्र ग्रह से जुड़ी समस्याओं में भी चांदी शुभ फल देती है।

कौन पहन सकता है चांदी का कड़ा या अंगूठी

ज्योतिष अनुसार विशेष रूप से कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को चांदी धारण करने से शीघ्र लाभ प्राप्त होता है। जिनकी कुंडली में चंद्र निर्बल हो, चंद्रमा छठे, आठवें या बारहवें भाव में हो, उन्हें भी यह धातु अनुकूल फल देती है।

  • पुरुष: दाहिने हाथ में चांदी का कड़ा

  • महिलाएं: बाएं हाथ में चांदी का कड़ा

  • अंगूठी: छोटी उंगली में धारण करें

चांदी पहनने का शुभ दिन और समय

चांदी पहनने के लिए सोमवार और शुक्रवार सर्वश्रेष्ठ माने गए हैं।

समय: सूर्योदय से दोपहर 12 बजे तक

शनिवार के दिन चांदी पहनना शास्त्रों में वर्जित बताया गया है।

चांदी पहनने के ज्योतिषीय लाभ

  • चंद्रमा की अशुभता शांत होती है

  • मानसिक तनाव और भय में कमी आती है

  • माता लक्ष्मी की कृपा से आर्थिक स्थिरता बढ़ती है

  • कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है

  • भावनात्मक संतुलन और नींद में सुधार होता है

चांदी पहनने की शुद्ध विधि

चांदी धारण करने से पूर्व शुद्धिकरण अनिवार्य है।

  1. कच्चे गाय के दूध में चांदी को रखें

  2. 108 बार “ॐ सोमाय नमः” मंत्र का जाप करें

  3. स्वच्छ जल से धोकर धारण करें

  4. अपनी चांदी किसी अन्य व्यक्ति को न पहनने दें

महत्वपूर्ण सावधानियां

  • टूटी या खंडित चांदी न पहनें

  • शनिवार को न धारण करें

  • अशुद्ध या काली पड़ी चांदी से बचें

FAQs: चांदी का कड़ा या अंगूठी पहनने से जुड़े महत्वपूर्ण

1. क्या हर व्यक्ति चांदी का कड़ा या अंगूठी पहन सकता है?

नहीं। ज्योतिष अनुसार चांदी मुख्य रूप से चंद्रमा से संबंधित है। जिनकी कुंडली में चंद्र कमजोर, पीड़ित या दोषयुक्त हो, उनके लिए चांदी अधिक लाभकारी होती है। बिना कुंडली देखे पहनना हमेशा उचित नहीं माना जाता।

2. चांदी का कड़ा ज्यादा प्रभावी है या अंगूठी?

दोनों का प्रभाव अलग होता है।

  • मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन के लिए कड़ा

  • चंद्र दोष शांति और निर्णय क्षमता के लिए अंगूठी

    यदि गंभीर चंद्र दोष हो तो कड़ा अधिक प्रभावी माना जाता है।

3. चांदी की अंगूठी किस उंगली में पहननी चाहिए?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चांदी की अंगूठी छोटी उंगली (कनिष्ठा) में पहननी चाहिए क्योंकि यह चंद्र और जल तत्व से संबंधित मानी जाती है।

4. चांदी पहनने का सबसे शुभ दिन कौन सा है?

चांदी पहनने के लिए सोमवार सर्वश्रेष्ठ दिन माना जाता है। इसके अलावा शुक्रवार भी शुभ फलदायक होता है।

5. क्या शनिवार को चांदी पहन सकते हैं?

नहीं। शनिवार का संबंध शनि ग्रह से होता है और शनि-चंद्र की ऊर्जा परस्पर विरोधी मानी जाती है। इसलिए शनिवार को चांदी पहनना शास्त्रों में वर्जित बताया गया है।

6. पुरुष और महिलाएं चांदी किस हाथ में पहनें?
  • पुरुष: दाहिने हाथ में

  • महिलाएं: बाएं हाथ में

    यह नियम चंद्र और सूर्य ऊर्जा के संतुलन के आधार पर बताया गया है।

7. क्या चांदी पहनने से चंद्र दोष खत्म हो जाता है?

चांदी पहनने से चंद्र दोष पूरी तरह समाप्त नहीं, लेकिन उसकी अशुभता काफी हद तक शांत हो जाती है। यह एक सहायक उपाय है, पूर्ण समाधान नहीं।

8. क्या बच्चे चांदी पहन सकते हैं?

हां। बच्चों के लिए चांदी अत्यंत शुभ मानी जाती है। यह मानसिक विकास, स्मरण शक्ति और भावनात्मक स्थिरता में सहायक होती है।

9. गर्भवती महिलाओं के लिए चांदी पहनना कैसा है?

ज्योतिष अनुसार गर्भवती महिलाओं के लिए चांदी शुभ मानी जाती है क्योंकि यह चंद्र ऊर्जा को संतुलित कर मानसिक शांति प्रदान करती है।

10. क्या काली या ऑक्सीडाइज्ड चांदी पहननी चाहिए?

नहीं। काली, टूटी या अशुद्ध चांदी पहनना अशुभ माना जाता है। हमेशा शुद्ध और चमकदार चांदी ही धारण करनी चाहिए।

11. क्या किसी और की पहनी हुई चांदी पहन सकते हैं?

नहीं। चांदी व्यक्ति की ऊर्जा को ग्रहण कर लेती है। इसलिए किसी और की पहनी हुई चांदी पहनना वर्जित माना गया है।

12. चांदी पहनने से कौन-से लाभ मिलते हैं?
  • मानसिक शांति

  • चिंता और भय में कमी

  • चंद्र दोष शांति

  • माता लक्ष्मी की कृपा

  • दांपत्य जीवन में मधुरता

13. क्या चांदी और सोना साथ में पहन सकते हैं?

ज्योतिष अनुसार चांदी (चंद्र) और सोना (सूर्य) साथ पहनना तभी उचित है जब कुंडली में सूर्य-चंद्र संतुलन हो। अन्यथा विशेषज्ञ सलाह आवश्यक है।

14. क्या चांदी पहनने से स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है?

हां। शास्त्रों और आयुर्वेद अनुसार चांदी शरीर की ऊष्मा को संतुलित करती है और मन को शांत करती है, जिससे नींद और तनाव पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

15. चांदी पहनने से पहले शुद्धिकरण क्यों जरूरी है?

शुद्धिकरण से धातु की नकारात्मक ऊर्जा हटती है और वह ग्रह ऊर्जा को सही तरीके से ग्रहण करने योग्य बनती है।

16. चांदी पहनने का मंत्र कौन-सा है?

सबसे प्रभावी मंत्र है:

“ॐ सोमाय नमः”

इसे 108 बार जाप करके चांदी धारण करनी चाहिए।

17. क्या चांदी हमेशा पहनकर रख सकते हैं?

हां, लेकिन स्नान, शौच और धार्मिक अपवित्र स्थितियों में इसे उतारना बेहतर माना जाता है।

18. चांदी पहनने से धन लाभ कैसे होता है?

चांदी शुक्र और चंद्र दोनों को संतुलित करती है। इससे मानसिक निर्णय बेहतर होते हैं, जिससे आर्थिक स्थिरता और धन आगमन के योग बनते हैं।

19. क्या चांदी पहनने के नुकसान भी हो सकते हैं?

यदि गलत दिन, गलत हाथ या गलत धातु (मिश्रित) में पहनी जाए, तो मानसिक अस्थिरता या चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है।

20. क्या बिना कुंडली देखे चांदी पहनना ठीक है?

सामान्य तौर पर चांदी सौम्य धातु है, लेकिन व्यक्तिगत कुंडली देखकर पहनना सर्वोत्तम माना जाता है।

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