आज का पंचांग 1 फरवरी 2026: तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और ग्रह स्थिति का वैदिक ज्योतिष अनुसार विस्तृत विवरण।
आज का पंचांग | 1 फरवरी 2026
वैदिक ज्योतिष और धर्मशास्त्र में पंचांग को दिन की आत्मा कहा गया है। बृहत संहिता और धर्मसिंधु ग्रंथों के अनुसार पंचांग के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — किसी भी दिन के शुभ-अशुभ प्रभाव को निर्धारित करते हैं।
1 फरवरी 2026, रविवार का दिन विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व रखता है क्योंकि इस दिन माघ पूर्णिमा का प्रभाव प्रातःकाल तक बना हुआ है और सूर्य स्वयं अपने वार का स्वामी है।
Aaj Ka Panchang in Hindi: पंचांग विवरण (1 फरवरी 2026)
दिनांक: 1 फरवरी 2026
वार: रविवार
ऋतु: शिशिर
आयन: उत्तरायण
माह (अमावस्यांत): माघ
माह (पूर्णिमांत): माघ
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि:
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पूर्णिमा तिथि सुबह 03:38 बजे तक
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इसके बाद प्रतिपदा (प्रथम तिथि)
नक्षत्र:
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पुष्य नक्षत्र रात 11:57 बजे तक
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इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र
योग:
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प्रीति योग सुबह 10:18 बजे तक
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इसके बाद आयुष्मान योग
करण:
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विष्टि भद्र करण शाम 04:42 बजे तक
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इसके बाद भाव करण
ग्रह स्थिति (राशि अनुसार)
चंद्र राशि: कर्क
सूर्य राशि: मकर
वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब चंद्रमा कर्क राशि में स्थित होता है, तब भावनाएं, परिवार और मानसिक स्थिति अधिक प्रभावी रहती हैं। वहीं सूर्य का मकर राशि में होना कर्म, अनुशासन और दायित्व की भावना को मजबूत करता है।
शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:19 से दोपहर 01:02
अभिजित मुहूर्त को शास्त्रों में सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त माना गया है। कालप्रकाशिका के अनुसार इस समय किया गया शुभ कार्य सामान्य दोषों से मुक्त माना जाता है।
अशुभ समय
राहुकाल: शाम 04:46 से शाम 06:07 तक
राहुकाल में नए कार्य, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है।
सूर्य समय
सूर्योदय: सुबह 07:14
सूर्यास्त: शाम 06:07
सूर्य उपासना के लिए प्रातः सूर्योदय का समय विशेष फलदायी माना गया है, विशेषकर रविवार के दिन।
संवत विवरण
संवत्सर: विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर): सिद्धार्थी
विक्रम संवत: 2082
शक संवत: 1947
विष्णु पुराण के अनुसार संवत्सर का प्रभाव पूरे वर्ष की मानसिक और सामाजिक प्रवृत्तियों को दर्शाता है।
आज के दिन का ज्योतिषीय महत्व
माघ पूर्णिमा को स्नान, दान और जप का विशेष महत्व बताया गया है। गरुड़ पुराण में उल्लेख है कि माघ मास में पूर्णिमा तिथि पर किया गया दान कई गुना फल प्रदान करता है।
रविवार होने के कारण सूर्य देव की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है।
आज के लिए शास्त्र सम्मत उपाय
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प्रातः सूर्य को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें
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आदित्य हृदय स्तोत्र या गायत्री मंत्र का जाप करें
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जरूरतमंद को अन्न या वस्त्र दान करें
ये उपाय आत्मबल, स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं।
पंचांग से मिलने वाला संकेत
1 फरवरी 2026 का दिन संयम, धर्म और आत्मचिंतन का संदेश देता है।
पंचांग के अनुसार यदि व्यक्ति शुभ मुहूर्त में कार्य करे और अशुभ समय से बचे, तो जीवन में आने वाली बाधाएं स्वतः कम होने लगती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. 1 फरवरी 2026 को कौन-सी तिथि है?
A. इस दिन सुबह 03:38 बजे तक पूर्णिमा तिथि रहेगी, इसके बाद प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी।
Q2. आज कौन-सा नक्षत्र रहेगा?
A. रात 11:57 बजे तक पुष्य नक्षत्र रहेगा, उसके बाद अश्लेषा नक्षत्र लगेगा।
Q3. 1 फरवरी 2026 का राहुकाल क्या है?
A. राहुकाल शाम 04:46 बजे से शाम 06:07 बजे तक रहेगा।
Q4. आज का शुभ मुहूर्त कौन-सा है?
A. अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:19 से 01:02 बजे तक रहेगा।
Q5. माघ पूर्णिमा का क्या धार्मिक महत्व है?
A. माघ पूर्णिमा पर स्नान, दान और सूर्य उपासना को शास्त्रों में अत्यंत पुण्यदायी बताया गया है।
Disclaimer
यह पंचांग वैदिक ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित सामान्य जानकारी है। स्थान और गणना पद्धति के अनुसार समय में परिवर्तन संभव है। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पूर्व विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।