Rahu Kaal Today In Hindi: 7 फरवरी 2026 का पंचांग वेस्टर्न और हिंदू ज्योतिष के अनुसार विस्तृत विवरण: तिथि, नक्षत्र, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल समय, अभिजीत मुहूर्त और दिन के धार्मिक संकेत। जानें आज किन कार्र्यों में विशेष शुभ फल की संभावनाएँ और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार क्या ध्यान रखें।
भारतीय सनातन परंपरा में पंचांग केवल तिथि या दिन की जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समय का आध्यात्मिक और ज्योतिषीय मार्गदर्शक माना जाता है। किसी भी दिन का पंचांग हमें यह समझने में सहायता करता है कि कौन-सा समय शुभ है, किन कार्यों से लाभ मिल सकता है और किन परिस्थितियों में संयम या प्रतीक्षा करना अधिक उचित होगा।
7 फरवरी 2026 का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शनिवार को पड़ रहा है, जिस पर शनि देव का प्रभाव प्रधान माना जाता है। शनि को कर्म, न्याय, अनुशासन और दीर्घकालिक फल देने वाला ग्रह कहा गया है। ऐसे में इस दिन का पंचांग धार्मिक, आध्यात्मिक और व्यावहारिक – तीनों दृष्टियों से खास महत्व रखता है।
इस लेख में हम हिंदू और वेस्टर्न ज्योतिष, दोनों दृष्टिकोणों से 7 फरवरी 2026 के पंचांग का विस्तृत विश्लेषण करेंगे, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, ग्रह गोचर, धार्मिक संकेत और दिन के लिए आवश्यक सावधानियाँ शामिल हैं।
आज का पंचांग: 7 फरवरी 2026 (शनिवार)
दिन, तिथि और वार का महत्व
7 फरवरी 2026 शनिवार का दिन है। शनिवार का स्वामी ग्रह शनि है, जिन्हें वैदिक शास्त्रों में कर्मफल दाता कहा गया है। शनिवार के दिन किए गए कार्यों का फल तुरंत नहीं मिलता, लेकिन यदि कार्य सही विधि, संयम और ईमानदारी से किया जाए, तो उसका प्रभाव स्थायी और गहरा होता है।
तिथि का विवरण
पंचांग के अनुसार इस दिन कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि रात्रि लगभग 02:55 बजे तक रहेगी। इसके बाद सप्तमी तिथि का आरंभ होगा।
षष्ठी तिथि का शास्त्रीय अर्थ
षष्ठी तिथि को शास्त्रों में:
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सेवा और परिश्रम
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रोग निवारण
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मानसिक अनुशासन
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उत्तरदायित्व निभाने
से संबंधित माना गया है। यह तिथि नई शुरुआत की अपेक्षा चल रहे कार्यों को व्यवस्थित करने और सुधारने के लिए अधिक अनुकूल मानी जाती है।
सप्तमी तिथि का संकेत
रात्रि के बाद आने वाली सप्तमी तिथि सूर्य से जुड़ी मानी जाती है, जो ऊर्जा, नेतृत्व और आत्मविश्वास का प्रतीक है। इसका प्रभाव अगले दिन अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
नक्षत्र विचार: चित्रा नक्षत्र का प्रभाव
आज का प्रमुख नक्षत्र चित्रा है, जो लगभग देर रात तक प्रभावी रहेगा।
चित्रा नक्षत्र का स्वभाव
चित्रा नक्षत्र को वैदिक ज्योतिष में:
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सृजन
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निर्माण
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सौंदर्य
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आत्मपरिवर्तन
का नक्षत्र कहा गया है। इस नक्षत्र में व्यक्ति अपने जीवन में सुधार लाने, पुराने ढांचे को बदलने और नई दिशा तय करने की इच्छा करता है।
आज चित्रा नक्षत्र का फल
आज के दिन चित्रा नक्षत्र यह संकेत देता है कि:
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आत्ममंथन करना लाभदायक रहेगा
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अपने कार्य-तरीकों में सुधार करें
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दिखावे की बजाय वास्तविक गुणवत्ता पर ध्यान दें
यह दिन योजनाओं की समीक्षा और दीर्घकालिक निर्णयों के लिए उपयुक्त है।
चंद्रमा की स्थिति और राशि परिवर्तन
चंद्रमा कन्या से तुला राशि में
दिन के प्रारंभ में चंद्रमा कन्या राशि में स्थित है, जो:
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विश्लेषण
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सेवा
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व्यावहारिक सोच
का प्रतिनिधित्व करती है। इस समय मन छोटे-छोटे विवरणों पर अधिक ध्यान देता है।
दोपहर बाद चंद्रमा तुला राशि में प्रवेश करेगा, जो:
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संतुलन
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संबंध
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न्याय
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सामंजस्य
का संकेत देती है। इस परिवर्तन के बाद मानसिक स्थिति अधिक संतुलित और संवाद-प्रधान हो जाती है।
वेस्टर्न ज्योतिष दृष्टि
वेस्टर्न एस्ट्रोलॉजी के अनुसार भी चंद्रमा का यह ट्रांजिट भावनाओं में स्थिरता और रिश्तों में संतुलन लाने में सहायक माना जाता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त का महत्व
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सूर्योदय: लगभग 07:06 बजे
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सूर्यास्त: लगभग 06:05 बजे
सूर्योदय और सूर्यास्त के समय को वैदिक परंपरा में अत्यंत पवित्र माना गया है। इन समयों में:
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संध्या वंदन
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ध्यान
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मंत्र जाप
विशेष फलदायी होते हैं।
पंचांग के पाँच अंग: विस्तृत व्याख्या
पंचांग पाँच मूल तत्वों पर आधारित होता है:
1. वार
शनिवार – शनि देव का दिन, जो कर्म और न्याय का प्रतिनिधित्व करता है।
2. तिथि
कृष्ण पक्ष षष्ठी / सप्तमी – सेवा, अनुशासन और ऊर्जा का मिश्रित प्रभाव।
3. नक्षत्र
चित्रा / स्वाति – आत्मपरिवर्तन और स्वतंत्र विचार।
4. योग
शूल योग और उसके बाद गण्ड योग – ये योग संकेत देते हैं कि जल्दबाज़ी से बचना चाहिए और निर्णय सोच-समझकर लेने चाहिए।
5. करण
करण दिन के सूक्ष्म फल को दर्शाता है और सामान्य कार्यों के लिए यह दिन उपयुक्त माना गया है।
शुभ मुहूर्त: आज के अनुकूल समय
शुभ मुहूर्त वह समय होता है जब ग्रहों की स्थिति मनुष्य के पक्ष में होती है।
आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त
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ब्रह्म मुहूर्त: 05:22 – 06:14
ध्यान, साधना और आत्मचिंतन के लिए श्रेष्ठ। -
अभिजीत मुहूर्त: 12:13 – 12:57
सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए उत्तम। -
विजय मुहूर्त: 14:25 – 15:09
प्रतियोगिता, कानूनी मामलों और साहसिक निर्णयों के लिए अनुकूल। -
गोधूलि मुहूर्त: 18:03 – 18:29
संध्या पूजन और दीपदान के लिए श्रेष्ठ। -
अमृत काल: 19:31 – 21:15
शुभ आरंभ और सकारात्मक संकल्प के लिए उत्तम। -
निशिता मुहूर्त: 12:09 – 01:01
विशेष साधना और तांत्रिक अनुष्ठान के लिए उपयुक्त।
अशुभ काल और राहुकाल
राहुकाल का महत्व
राहुकाल को ज्योतिष में ऐसा समय माना जाता है जब नए कार्यों से बचना चाहिए।
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राहुकाल: 09:51 – 11:13
अन्य अशुभ काल
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गुलिक काल: 07:06 – 08:28
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यमगण्ड काल: 13:58 – 15:20
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दुर्मुहूर्त: समयानुसार
इन कालों में:
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नया व्यापार
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नई यात्रा
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महत्वपूर्ण निर्णय
से बचना अधिक लाभकारी माना जाता है।
धार्मिक दृष्टि से 7 फरवरी 2026
शनिवार और कृष्ण पक्ष का संयोग आत्मशुद्धि और कर्म सुधार का अवसर देता है।
आज के लिए अनुशंसित धार्मिक कार्य
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शनिदेव की पूजा
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तिल या काले वस्त्र का दान
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हनुमान चालीसा का पाठ
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वृद्धों और श्रमिकों की सेवा
इन कार्यों को शास्त्रों में शनि दोष शमन और मानसिक स्थिरता के लिए प्रभावी माना गया है।
ज्योतिषीय उपाय और सावधानियाँ
आज क्या करें
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सुबह सूर्य को जल अर्पित करें
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कार्यों की स्पष्ट योजना बनाएं
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धैर्य और संयम रखें
आज क्या न करें
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जल्दबाज़ी में निर्णय
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अनावश्यक विवाद
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राहुकाल में शुभ कार्य
दिन का समग्र ज्योतिषीय संदेश
7 फरवरी 2026 का दिन यह सिखाता है कि:
“सही दिशा में किया गया धीमा प्रयास भी, गलत दिशा में की गई तेज़ दौड़ से अधिक फलदायी होता है।”
यह दिन आत्मविश्लेषण, अनुशासन और दीर्घकालिक सोच के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
7 फरवरी 2026 का पंचांग धार्मिक, ज्योतिषीय और व्यावहारिक तीनों दृष्टियों से संतुलित दिन दर्शाता है। यदि शुभ मुहूर्तों का सही उपयोग किया जाए और राहुकाल व अशुभ समय से बचा जाए, तो यह दिन जीवन में स्थिरता, मानसिक शांति और सकारात्मक दिशा प्रदान कर सकता है।
FAQ’s: Aaj ka Panchang 07 February 2026
1. 7 फरवरी 2026 को कौन-सी तिथि है?
7 फरवरी 2026 को पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि दिन में रहती है, जो रात्रि लगभग 02:55 बजे तक प्रभावी रहती है। इसके बाद सप्तमी तिथि का आरंभ होता है।
2. आज का नक्षत्र कौन-सा है?
आज का प्रमुख नक्षत्र चित्रा है, जो देर रात तक रहता है। चित्रा नक्षत्र को निर्माण, रचनात्मकता और आत्मपरिवर्तन से जुड़ा नक्षत्र माना जाता है।
3. 7 फरवरी 2026 को राहुकाल का समय क्या है?
शनिवार को राहुकाल प्रातः 09:51 बजे से 11:13 बजे तक रहता है। इस समय नए और महत्वपूर्ण कार्यों से बचना शुभ माना जाता है।
4. आज का अभिजीत मुहूर्त कब है?
7 फरवरी 2026 को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:13 बजे से 12:57 बजे तक है। यह समय सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
5. क्या 7 फरवरी 2026 विवाह या गृह प्रवेश के लिए शुभ है?
आज का दिन विवाह या गृह प्रवेश जैसे बड़े संस्कारों के लिए औसत से कम अनुकूल माना जाता है, क्योंकि शनिवार और शनि प्रभाव के कारण विलंब योग बनता है। हालांकि अन्य ग्रह स्थितियों के अनुसार व्यक्तिगत कुंडली देखकर निर्णय लेना उचित होता है।
6. आज कौन-से शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं?
आज के प्रमुख शुभ मुहूर्तों में ब्रह्म मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त, विजय मुहूर्त, गोधूलि मुहूर्त और अमृत काल शामिल हैं, जिनमें पूजा, मंत्र जाप और नए कार्य किए जा सकते हैं।
7. 7 फरवरी 2026 को कौन-से कार्य करने चाहिए?
आज के दिन शनिदेव की पूजा, सूर्य को जल अर्पण, ध्यान, सेवा कार्य और योजनाओं की समीक्षा करना विशेष शुभ माना जाता है।
8. आज किन कार्यों से बचना चाहिए?
राहुकाल, यमगण्ड और गुलिक काल में नए कार्यों की शुरुआत, महत्वपूर्ण निवेश और विवादास्पद निर्णय लेने से बचना चाहिए।
9. चंद्रमा किस राशि में है और उसका क्या प्रभाव है?
आज चंद्रमा प्रारंभ में कन्या राशि में रहता है और बाद में तुला राशि में प्रवेश करता है। इससे दिन के उत्तरार्ध में मानसिक संतुलन और संबंधों में सामंजस्य बढ़ता है।
10. 7 फरवरी 2026 का धार्मिक महत्व क्या है?
शनिवार और कृष्ण पक्ष का संयोग आत्मसंयम, कर्म सुधार और शनि साधना के लिए उत्तम माना जाता है। आज दान, सेवा और संयमित आचरण विशेष फल देता है।
Disclaimer:
यह पंचांग और ज्योतिषीय जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं सामान्य ज्योतिष सिद्धांतों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना देना है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले व्यक्तिगत कुंडली या विशेषज्ञ सलाह अवश्य लें।