11 February 2026 Ka Panchang in Hindi: 11 फरवरी 2026 का पंचांग हिंदी में पढ़ें। आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, चौघड़िया और शास्त्रीय महत्व की पूरी जानकारी।
Today’s Panchang 11 Feb 2026: समय, चेतना और धर्म का दिव्य संगम
पंचांग – केवल कैलेंडर नहीं, चेतना का विज्ञान
सनातन धर्म में समय को केवल बीतता हुआ क्षण नहीं माना गया, बल्कि उसे जीवित चेतना के रूप में देखा गया है। पश्चिमी दृष्टिकोण में समय एक रेखा है, जबकि वैदिक दृष्टि में समय एक चक्र है, जो निरंतर सृजन, संरक्षण और लय की प्रक्रिया में प्रवाहित होता रहता है। इसी चक्र को समझने का शास्त्रीय साधन है – पंचांग।
पंचांग का उद्देश्य मनुष्य को यह बोध कराना है कि कौन-सा समय किस कर्म के लिए अनुकूल है। जब मनुष्य समय के साथ संघर्ष करता है, तब जीवन में बाधाएँ आती हैं; और जब वह समय के साथ सहयोग करता है, तब जीवन सहज हो जाता है।
11 फरवरी 2026 का पंचांग इसी सहयोग का एक स्पष्ट संकेत देता है।
तिथि: फाल्गुन कृष्ण पक्ष नवमी
तिथि का गूढ़ अर्थ
तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोणीय अंतर से निर्मित होती है। नवमी तिथि तब बनती है जब चंद्रमा सूर्य से 96 अंश की दूरी पर होता है। यह स्थिति मन में संघर्ष और साधना दोनों को जन्म देती है।
फाल्गुन मास स्वयं में एक अत्यंत आध्यात्मिक महीना है। यह वह समय है जब प्रकृति शीत से बाहर निकलकर नवजीवन की ओर बढ़ती है। इसी कारण इसे अंतःशुद्धि और आत्म-परिष्कार का काल माना गया है।
नवमी तिथि का आध्यात्मिक स्वरूप
नवमी तिथि को शास्त्रों में उग्र तिथि कहा गया है, किंतु इसका अर्थ अशुभ नहीं है। उग्र का अर्थ है – आंतरिक शक्ति का जागरण।
देवी-पुराण में नवमी तिथि को शक्ति-तत्त्व से जोड़ा गया है। यह वह दिन है जब साधक अपने भीतर छिपी दुर्बलताओं से युद्ध करता है।
नवमी पर किए गए कार्य:
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साधना
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व्रत
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मौन
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आत्मचिंतन
अत्यंत फलदायी माने गए हैं।
वार: बुधवार – बुध देव का प्रभाव
बुधवार का संबंध बुध ग्रह से है, जो बुद्धि, वाणी, व्यापार, लेखन और विवेक का कारक है। बुध ग्रह को शास्त्रों में “राजकुमार” कहा गया है, क्योंकि यह ग्रह निर्णयों को परिपक्व बनाता है।
आध्यात्मिक दृष्टि से बुधवार
बुधवार का दिन साधक के लिए विशेष होता है क्योंकि:
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यह दिन ज्ञान अर्जन के लिए श्रेष्ठ है
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मंत्र-जप में स्पष्टता देता है
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लेखन, अध्ययन और संवाद को शुद्ध करता है
श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है:
“बुद्धियोगं ददामि तम्”
अर्थात मैं साधक को वह बुद्धि देता हूँ जिससे वह मुझे प्राप्त कर सके।
बुधवार इसी बुद्धियोग को सक्रिय करता है।
नक्षत्र (Aaj Ka Nakshatra 11 February 2026): अनुराधा से ज्येष्ठा तक का संक्रमण
अनुराधा नक्षत्र: साधना और समर्पण
अनुराधा नक्षत्र का स्वामी शनि है। शनि अनुशासन, तप और धैर्य का ग्रह है। इस नक्षत्र में जन्मी ऊर्जा व्यक्ति को लंबे समय तक चलने वाली साधना की ओर प्रेरित करती है।
अनुराधा का प्रतीक कमल है – जो कीचड़ में रहकर भी पवित्र रहता है। यह नक्षत्र सिखाता है कि संसार में रहते हुए भी असंग कैसे रहा जाए।
ज्येष्ठा नक्षत्र: नेतृत्व और आत्मबल
ज्येष्ठा नक्षत्र इंद्र से जुड़ा हुआ है। यह नक्षत्र शक्ति, अधिकार और जिम्मेदारी का बोध कराता है।
ज्येष्ठा का संदेश स्पष्ट है:
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शक्ति मिले तो अहंकार नहीं, उत्तरदायित्व बढ़ना चाहिए
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नेतृत्व मिले तो सेवा बढ़नी चाहिए
यह नक्षत्र आत्मबल को जाग्रत करता है, किंतु साथ ही चेतावनी भी देता है कि शक्ति का दुरुपयोग पतन का कारण बनता है।
योग: व्याघात और सर्वार्थ सिद्धि
व्याघात योग: आंतरिक अवरोधों का संकेत
व्याघात योग का नाम सुनकर लोग भयभीत हो जाते हैं, किंतु आध्यात्मिक दृष्टि से यह योग आत्मनिरीक्षण का अवसर देता है।
यह योग बताता है:
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जीवन में जो बाधा है, वह बाहरी नहीं, आंतरिक है
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अहंकार, अधैर्य और असंतुलन मुख्य कारण हैं
यदि इस योग में साधना की जाए, तो बाधाएँ शीघ्र समाप्त होती हैं।
सर्वार्थ सिद्धि योग: कर्म की सिद्धि
यह योग अत्यंत शुभ माना गया है। इसके प्रभाव में किया गया कर्म दीर्घकालीन फल देता है।
आध्यात्मिक दृष्टि से यह योग:
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मंत्र-दीक्षा
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पूजा
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संकल्प
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शुभ आरंभ
के लिए श्रेष्ठ है।
करण: कर्म का सूक्ष्म आधार
करण तिथि का आधा भाग होता है। करण यह दर्शाता है कि कर्म किस प्रकार का फल देगा।
आज का करण साध्य और तैतिल प्रभाव लिए हुए है, जो संकेत देता है कि:
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परिश्रम से सफलता मिलेगी
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अधूरे कार्य पूरे हो सकते हैं
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साधना में निरंतरता आवश्यक है
चोघड़िया (Today Choghadiya 11 February 2026): समय का व्यावहारिक मार्गदर्शन
सनातन परंपरा में समय को दिन और रात के आठ-आठ भागों में विभाजित किया गया है। इन्हें चोघड़िया कहा जाता है।
शुभ चोघड़िया का महत्व
शुभ, लाभ और अमृत चोघड़िया में किए गए कार्य सहजता से पूर्ण होते हैं।
11 फरवरी 2026 को प्रातः काल का शुभ चोघड़िया विशेष रूप से प्रभावी है।
अशुभ चोघड़िया का आध्यात्मिक उपयोग
रोग, काल और उद्वेग चोघड़िया में नए कार्य नहीं करने चाहिए, किंतु:
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ध्यान
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जप
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आत्मचिंतन
इन समयों में अत्यंत प्रभावी होता है।
राहुकाल (11 February 2026 Rahu Kaal Today) और उसका आध्यात्मिक रहस्य
राहुकाल को सामान्यतः अशुभ माना जाता है, किंतु शास्त्र कहते हैं कि:
“जो राहु से नहीं डरता, वही राहु को पार करता है।”
राहुकाल में:
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ईश्वर का स्मरण
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मौन
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मानसिक शुद्धि
करने से राहु का नकारात्मक प्रभाव समाप्त होता है।
फाल्गुन कृष्ण नवमी: विशेष आध्यात्मिक संकेत
फाल्गुन कृष्ण पक्ष नवमी आत्मसंघर्ष और आत्मविजय का दिन है। यह तिथि बताती है कि:
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बाहरी युद्ध से पहले आंतरिक युद्ध आवश्यक है
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इंद्रियों पर विजय ही सच्ची विजय है
इस दिन किए गए संकल्प दीर्घकाल तक प्रभावी रहते हैं।
आज के लिए विशेष आध्यात्मिक साधना
प्रातः काल
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स्नान के बाद मौन रखें
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गणेश या विष्णु का ध्यान करें
मध्याह्न
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गुरु या ईष्ट का स्मरण
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शास्त्र अध्ययन
सायंकाल
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दीप प्रज्वलन
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आत्मचिंतन
रात्रि
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दिनभर के कर्मों का विश्लेषण
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कृतज्ञता भाव
पंचांग और कर्म सिद्धांत
पंचांग कर्म को नियंत्रित नहीं करता, बल्कि कर्म को सही दिशा देता है।
जो व्यक्ति पंचांग को समझकर चलता है, वह भाग्य का दास नहीं बनता, बल्कि भाग्य का शिल्पकार बनता है।
(Hindu Panchang 11 February 2026) समय से मित्रता ही साधना है
11 फरवरी 2026 का पंचांग यह संदेश देता है कि:
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साधना सरल नहीं, पर संभव है
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शक्ति मिले तो सेवा बढ़े
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बुद्धि मिले तो अहंकार घटे
जो साधक समय के संकेतों को समझ लेता है, उसके लिए हर दिन तीर्थ बन जाता है।
FAQ (11 फरवरी 2026 का पंचांग)
प्रश्न: 11 फरवरी 2026 को कौन-सी तिथि है?
उत्तर: 11 फरवरी 2026 को फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है।
प्रश्न: 11 फरवरी 2026 का वार क्या है?
उत्तर: इस दिन बुधवार है, जो बुध ग्रह से संबंधित माना जाता है।
प्रश्न: 11 फरवरी 2026 को कौन-सा नक्षत्र है?
उत्तर: इस दिन प्रारंभ में अनुराधा नक्षत्र और बाद में ज्येष्ठा नक्षत्र रहता है।
प्रश्न: 11 फरवरी 2026 को कौन-से शुभ योग बन रहे हैं?
उत्तर: इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बनता है, जो शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है।
प्रश्न: 11 फरवरी 2026 को राहुकाल कब होता है?
उत्तर: बुधवार होने के कारण राहुकाल दोपहर के समय रहता है, जिसमें शुभ कार्य नहीं करने चाहिए।
प्रश्न: 11 फरवरी 2026 को कौन-सा करण प्रभावी है?
उत्तर: इस दिन साध्य और तैतिल करण का प्रभाव रहता है।
प्रश्न: 11 फरवरी 2026 को पूजा के लिए कौन-सा समय शुभ है?
उत्तर: प्रातः काल का शुभ चौघड़िया पूजा, जप और साधना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
प्रश्न: फाल्गुन कृष्ण नवमी का धार्मिक महत्व क्या है?
उत्तर: यह तिथि आत्मसंयम, शक्ति साधना और आंतरिक शुद्धि से जुड़ी मानी जाती है।
प्रश्न: क्या 11 फरवरी 2026 को नए कार्य शुरू किए जा सकते हैं?
उत्तर: हाँ, शुभ मुहूर्त और सर्वार्थ सिद्धि योग में नए कार्य शुरू किए जा सकते हैं।
प्रश्न: 11 फरवरी 2026 को कौन-सा मंत्र जप करना शुभ है?
उत्तर: गणेश मंत्र और विष्णु मंत्र का जप इस दिन विशेष फलदायी माना जाता है।
Disclaimer: यह लेख धार्मिक ग्रंथों, पंचांग गणना और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है। किसी भी निर्णय से पूर्व विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।