Today Panchang 13 February 2026 Hindi: 13 फरवरी 2026 का दैनिक पंचांग पढ़ें। जानें फाल्गुन कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त, अमृत काल और सूर्योदय-सूर्यास्त समय। शुभ-अशुभ समय सहित संपूर्ण वैदिक पंचांग हिंदी में।
13 फरवरी 2026 – संपूर्ण दैनिक पंचांग (Daily Panchang in Hindi)
भारतीय संस्कृति में पंचांग केवल दिन-प्रदर्शक नहीं है; यह समय के सूक्ष्म ऊर्जा विवरण का शास्त्रीय विभाजन है, जो हमारे कर्म, निर्णय और शुभ कार्यों की दिशा निर्धारित करता है। पंचांग के पांच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — हमारे जीवन के प्रत्येक कर्म को प्रभावी बनाते हैं। आज 13 फरवरी 2026 का पंचांग हमें समय के अनुरूप उचित कार्य, उपवास, पूजा-समय और राहुकाल का सम्यक ज्ञान देता है ताकि जीवन में बाधा कम और सफलता अधिक हो सके।
Panchang 13 February 2026
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| दिन | शुक्रवार |
| मास | फाल्गुन |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| तिथि | एकादशी (लगभग दोपहर 02:23 बजे तक), बाद में द्वादशी |
| व्रत | विजया एकादशी |
| नक्षत्र | मूल (लगभग शाम 04:02 बजे तक), बाद में पूर्वाषाढ़ा |
| योग | वज्र योग |
| करण | बालव, फिर कौलव |
| सूर्योदय | प्रातः 07:01 बजे (लगभग) |
| सूर्यास्त | सायं 06:05 बजे (लगभग) |
| अभिजीत मुहूर्त | 12:12 बजे – 12:57 बजे |
| अमृत काल | 09:08 बजे – 10:54 बजे |
| राहुकाल | 11:12 बजे – 12:35 बजे |
| यमगंड काल | दोपहर बाद (स्थानानुसार भिन्न) |
| गुलिक काल | प्रातः समय (स्थानानुसार भिन्न) |
नोट: समय स्थान (शहर) के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर संभव है। महत्वपूर्ण कार्य से पहले अपने क्षेत्रीय पंचांग से मिलान अवश्य करें।
1) तिथि (Tithi)
आज **फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है।
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एकादशी हिन्दू धर्म में विशेष रूप से विष्णु पूजा और व्रत-उपासना का अत्यंत पुण्यदायी दिन मानी जाती है। वैदिक परंपरा में एकादशी का व्रत मन की शुद्धि, पाप नाश और मनोकामना सिद्धि के लिए श्रेष्ठ माना गया है।
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यह तिथि दिन के अधिकतर समय (लगभग 14:23 बजे तक) प्रभाव में रहेगी और उसके पश्चात द्वादशी में परिणत हो जाएगी।
2) वार (Day)
आज शुक्रवार है, जो भगवान शुक्रदेव और संतुलन, प्रेम तथा कला का प्रतीक माना जाता है।
शुक्रवार के दिन किए गए दान, स्तुति और स्त्री-पुरुष सम्बन्धों में मेल-जोल को सौभाग्य और स्थिरता प्राप्त होती है, जिससे व्यापार, प्रेम और पारिवारिक वातावरण में भी संतुलन आता है। शास्त्रों में उल्लेख है कि शुक्रदेव की कृपा से वैवाहिक जीवन और सौन्दर्य की अनुभूति में वृद्धि होती है।
3) नक्षत्र (Nakshatra)
आज का प्रमुख नक्षत्र मूल (Moola Nakshatra) है और यह लगभग 16:02 बजे तक प्रभाव में रहेगा, उसके पश्चात पूर्वाषाढा (Purva Ashadha) नक्षत्र ग्रहण करेगा।
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मूल नक्षत्र गहराई, मूल कारणों का बोध, आध्यात्मिक विश्लेषण तथा जीवन-धर्म के मूल प्रश्नों को स्पष्ट रूप से देखने की ऊर्जा प्रदान करता है।
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पूर्वाषाढा नक्षत्र विजय, सत्य, निष्कर्ष और स्थायी सफलता का प्रतीक है।
4) योग (Yoga)
आज का योग वज्र योग है।
वज्र योग शास्त्रीय रूप से अत्यंत मजबूत और फलदायी योग माना जाता है, जो मनोबल, स्पष्टता और कार्यक्षेत्र में निर्णायक क्षमता को बढाता है। ऐसे योग में किए गए निर्णय स्थिरता और सफलता देने वाले सिद्ध होते हैं।
5) करण (Karana)
आज के दो करण हैं:
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दिन का पहला करण बालवा
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बाद में कौलव
यह दोनों करण सामान्यतः शुभ और मध्यम श्रेणी के कार्यों के लिए सुविधाजनक होते हैं, परंतु निर्णय तथा विवाह जैसे अत्यंत शुभ कार्यों के समय अमुक मिहुरत का सहारे लीना उत्तम है।
6) सूर्योदय एवं सूर्यास्त (Sunrise Sunset Time 13 Feb 2026)
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सूर्योदय: लगभग 07:01 बजे
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सूर्यास्त: लगभग 18:05 बजे
इन समयों में ब्रह्ममुहूर्त और संध्याकाल के समय किए गए ध्यान, पूजा व मंत्र जाप का पुण्य फल अत्यधिक माना गया है।
शुभ और अशुभ काल (Shubh Ashubh Samay Today)
शुभ मुहूर्त
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अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurat 13 Feb 2026): लगभग 12:12 बजे से 12:57 बजे तक — यह समय प्रतिपन्न है जब किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत फलदायी मानी जाती है।
शुभ समय विशेष (Amrit Kaal Today)
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अमृत काल: 09:08 बजे से 10:54 बजे — यह समय स्वास्थ्य, सौभाग्य और पूजा के लिए योग्य माना है।
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पंचांग ग्रंथों में वर्णित है कि अमृत काल में आराधना, मंत्र जाप तथा दान का विशेष फल मिलता है।
अशुभ काल (Rahu Kaal Today Timing)
शुभ कार्यों से इन समयों में बचें:
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राहुकाल: लगभग 11:12 बजे से 12:35 बजे तक — राहुकाल को पुराणों में अशुभ समय माना जाता है जब शुभ कार्य टालना शुभ होता है।
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गुलिक काल: सुबह
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यमगंड काल: अपराह्न
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दुर्मुहूर्त: दो विशेष अंतराल — इन समय में कोई शुभ कार्य आरंभ न करें।
आज के व्रत-उपासना और त्योहार (Vrat Tyohar 13 February 2026)
विजया एकादशी व्रत
आज की एकादशी विशेष रूप से विजया एकादशी (Vijaya Ekadashi) के समान पुण्यदायी फल प्रदान करती है — यह श्रद्धा, संयम और भक्ति के साथ उपवास करने से मन के पापों का नाश और मानसिक शांति प्रदान करती है। पुराणों में कहा गया है कि एकादशी के दिन तुलसी, पंचामृत, धूप-दीप का उपयोग विशेष फलदायक रहता है।
पंचांग का आध्यात्मिक महत्व
भारतीय शास्त्रों में पंचांग हमारे जीवन की चाल, निर्णय, कर्म और फल को गणनात्मक ऊर्जा के रूप में दर्शाता है। तिथि हमारे कर्मों का परिणाम बताती है, नक्षत्र मन की वृत्ति दर्शाती है, योग हमारे कर्मों की गति बताता है और करण कार्य करने की क्षमता का संकेत देता है। आज का पंचांग बताता है कि एकादशी के पुण्य से ध्यान-धारणा, उपवास, पूजा-धाम, अभिजीत और अमृत काल के शुभ समय में आराधना अत्यंत फलदायी होगी।
आज के धार्मिक उपाय और सुझाव (Aaj 13 Feb 2026 Ke Upay)
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एकादशी व्रत से मन की शुद्धि: आज तुलसी के पौधे के समक्ष भजन-कीर्तन या विष्णु स्तुति करें।
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अभिजीत मुहूर्त का प्रयोग: 12:12 बजे से 12:57 बजे तक किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करें।
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राहुकाल में कार्य न करें: राहुकाल में शुभ कार्य से बचें, मंत्र जाप और ध्यान करें।
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अमृत काल में ध्यान: 09:08 बजे से 10:54 बजे तक ध्यान क्रिया उत्तम फल देगी।
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चंद्रमा का ध्यान: आज चंद्रमा धनु राशि में है, अतः सुख-शांति, दान-पुण्य, संतों का आशिर्वाद पूजनीय है।
निष्कर्ष
13 फरवरी 2026 का पंचांग बताता है कि विवेक, धर्म, भक्ति और सही समय का उपयोग हमारा जीवन सफल बना सकता है। एकादशी की पवित्रता, शुभ मुहूर्त और राहुकाल जैसे समय-विशेष के ज्ञान से हम अपने कर्म को अधिक प्रभावी बना सकते हैं। पंचांग को सिर्फ समय-सूची न मानें, बल्कि इसे जीवन-निर्णयों का मार्गदर्शक और आत्म-ज्ञान का स्रोत समझकर उपयोग करें।
FAQs (13 फरवरी 2026 पंचांग)
1. 13 फरवरी 2026 को कौन सी तिथि है?
इस दिन फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जो भगवान विष्णु की आराधना के लिए शुभ मानी जाती है।
2. 13 फरवरी 2026 का नक्षत्र क्या है?
दिन के प्रारंभ में मूल नक्षत्र रहेगा, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र प्रभाव में आएगा।
3. 13 फरवरी 2026 का राहुकाल कब है?
राहुकाल लगभग पूर्वाह्न समय में रहेगा, इस दौरान शुभ कार्य टालना चाहिए।
4. क्या 13 फरवरी 2026 को अभिजीत मुहूर्त है?
हाँ, मध्याह्न के समय अभिजीत मुहूर्त रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
5. 13 फरवरी 2026 को कौन सा व्रत है?
इस दिन विजया एकादशी व्रत का पालन किया जा सकता है।
6. क्या 13 फरवरी 2026 विवाह के लिए शुभ है?
विवाह हेतु शुभ मुहूर्त पंचांग और व्यक्तिगत कुंडली देखकर ही निर्धारित करना चाहिए।
7. 13 फरवरी 2026 का सूर्योदय और सूर्यास्त समय क्या है?
सूर्योदय प्रातः लगभग 7 बजे और सूर्यास्त सायं लगभग 6 बजे के आसपास होगा (स्थानानुसार भिन्नता संभव है)।
8. आज का योग और करण क्या है?
इस दिन वज्र योग तथा बालव और कौलव करण का प्रभाव रहेगा।
9. 13 फरवरी 2026 को यात्रा करना शुभ है?
शुभ मुहूर्त में यात्रा करना अनुकूल रहेगा, राहुकाल में यात्रा से बचें।
10. 13 फरवरी 2026 का विशेष उपाय क्या है?
एकादशी के दिन भगवान विष्णु का पूजन, तुलसी अर्चन और मंत्र जाप अत्यंत फलदायी है।
Disclaimer: यह पंचांग वैदिक गणना पर आधारित सामान्य जानकारी है। स्थान और व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार समय व फल में अंतर संभव है। महत्वपूर्ण कार्य से पहले योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श लें।