Today Panchang 14 February 2026 Hindi: 14 फरवरी 2026 पंचांग: आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र, शनि प्रदोष व्रत और आध्यात्मिक उपाय जानें। दैनिक ज्योतिष और मंत्र सुझाव भी देखें।
14 फरवरी 2026 का पंचांग और आध्यात्मिक मार्गदर्शन (14 February 2026 Panchang in Hindi)
14 फरवरी 2026, शनिवार का दिन हमारे जीवन में विशेष आध्यात्मिक और ज्योतिषीय प्रभाव लेकर आया है। इस दिन का पंचांग न केवल शुभ-अशुभ समय की जानकारी देता है, बल्कि हमारे कर्म, व्रत और मानसिक स्थिति के लिए भी गहरा मार्गदर्शन प्रदान करता है।
बिलकुल! मैं आपके लिए 14 फरवरी 2026 के पंचांग को एक विस्तृत, तालिका (table) फॉर्म में तैयार कर रहा हूँ। इसमें तिथि, नक्षत्र, योग, करण, चौघड़िया, राहुकाल, दिशा शूल, शुभ मुहूर्त और विशेष व्रत सभी शामिल होंगे। यह SEO-फ्रेंडली और यूज़र-फ्रेंडली भी होगा।
14 फरवरी 2026 – पंचांग (Daily Panchang in Hindi)
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| दिन | शनिवार |
| तिथि | द्वादशी (4:02 PM तक) → त्रयोदशी (4:02 PM से) |
| नक्षत्र | पूर्वाषाढ़ा (सुबह 6:00 AM – 12:30 PM), उत्तराषाढ़ा (12:30 PM – 6:00 AM अगला दिन) |
| योग | सिद्धि योग (रात्रि 3:18 तक), व्यक्तिपात योग (3:18 PM – रात 3:18 AM) |
| करण | तैतिल करण (सुबह 6:00 AM – 12:00 PM), गर (12:00 PM – 6:00 PM) |
| चौघड़िया | सुबह 6:00 – 7:24 → अशुभ, 7:24 – 8:32 → शुभ, 8:32 – 9:55 → लाभ (शुभ), 9:55 – 11:18 → चर (मध्यम), 11:18 – 12:41 → रोग (अशुभ), 12:41 – 2:04 → चर (मध्यम), 2:04 – 4:51 → लाभ/अमृत (शुभ), 4:51 – 6:00 → काल (अशुभ) |
| राहुकाल | 9:00 AM – 10:30 AM (अशुभ) |
| दिशा शूल | पूर्व दिशा में यात्रा से बचें |
| विशेष व्रत / पर्व | शनि प्रदोष व्रत (संध्या 4:30 PM – 6:00 PM), वैलेन्टाइन दिवस (प्रेम और संबंध) |
| शुभ समय (मुहूर्त) | लाभ/अमृत चौघड़िया 2:04 PM – 4:51 PM, सिद्धि योग रात्रि 3:18 तक |
| अनुकूल गतिविधियाँ | पूजा-पाठ, मंत्र जाप, नए कार्यों की योजना, आध्यात्मिक साधना, निवेश या व्यापारिक निर्णय (शुभ समय में) |
| अनुकूल उपाय | तिल और काले वस्त्र का दान, गाय को चारा देना, राहुकाल में हल्के भोज्य पदार्थ, शनि मंत्र जाप |
विस्तृत आध्यात्मिक टिप्स
| समय | गतिविधि / उपाय | लाभ |
|---|---|---|
| सुबह 6:00 – 8:32 | तैल, तिल या हल्का दान करें | दिन की शुरुआत शुभ होती है |
| 8:32 – 9:55 | लाभ चौघड़िया में पूजा-पाठ | मानसिक शांति, कार्यों में सफलता |
| 9:00 – 10:30 | राहुकाल | कोई नया कार्य टालें, यदि अनिवार्य हो तो हल्का भोजन या तिल का दान करें |
| 12:41 – 2:04 | चर चौघड़िया | आध्यात्मिक साधना या व्रत पालन लाभकारी |
| 2:04 – 4:51 | लाभ/अमृत चौघड़िया | व्यापार, निवेश और नए कार्य शुभ |
| 4:30 – 6:00 | शनि प्रदोष व्रत और पूजा | शनि देव की कृपा, जीवन में बाधा निवारण |
| रात्रि | सिद्धि योग (रात्रि 3:18 तक) | सफलता और मानसिक स्थिरता |
आज की तिथि और नक्षत्र
आज की तिथि द्वादशी है, जो दोपहर 4:02 बजे तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी।
चन्द्रमा का प्रभाव आज पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र तक रहेगा, जो साहस, उत्साह और लक्ष्य प्राप्ति की क्षमता बढ़ाता है। इसके पश्चात उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का उदय होगा, जो आत्मविश्वास, न्यायप्रियता और स्थिरता का प्रतीक है।
नक्षत्रों का ज्ञान हमें हमारी मानसिक स्थिति और भावनाओं के संतुलन में मदद करता है। यदि आप आज ध्यान और साधना में समय देंगे, तो नक्षत्रों का सकारात्मक प्रभाव आपके मन और कर्म दोनों पर दिखाई देगा।
योग और करण
आज सिद्धि योग रात्रि 3:18 तक रहेगा। यह योग विशेष रूप से उन कार्यों में लाभकारी है जिन्हें आप लंबे समय से करने का सोच रहे हैं।
सिद्धि योग में मंत्र जाप, पूजा और आध्यात्मिक अभ्यास करने से मन की शांति और आत्मिक उन्नति होती है।
इसके बाद व्यतिपात योग रहेगा। इस समय नए कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए, क्योंकि यह योग बाधा और असफलता का संकेत देता है। यदि आवश्यक हो, तो साधारण या निस्संदेह कार्य किए जा सकते हैं, लेकिन महत्वपूर्न कार्य टालना ही लाभकारी रहेगा।
करण:
आज का आरंभ तैतिल करण से होता है। यह करण छोटे कार्यों और दैनिक पूजा-पाठ के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
चौघड़िया और शुभ मुहूर्त
आज का शुभ चौघड़िया सुबह 8:32 से 9:55 तक रहेगा।
चर चौघड़िया दोपहर 12:41 से 2:04 तक रहेगा।
लाभ और अमृत चौघड़िया दोपहर 2:04 से 4:51 तक हैं।
इन समयों में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य प्रारंभ करना अत्यंत शुभ माना जाता है। विशेषकर नए निवेश, यात्रा या आध्यात्मिक साधना के लिए ये समय सर्वोत्तम हैं।
राहुकाल और दिशा शूल (Rahu Kaal 14 February 2026 Timing)
राहु काल: 9:00 से 10:30 बजे तक रहेगा। इस समय किसी भी शुभ कार्य को प्रारंभ करना अशुभ माना जाता है। राहु काल में यात्रा या व्यापारिक निर्णय टालने चाहिए।
दिशा शूल: आज पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि अनिवार्य यात्रा है, तो सफर से पूर्व तिल या तैलयुक्त वस्तु का सेवन, गाय को चारा देना और शुभ शगुन रखना लाभकारी रहेगा।
ग्रहों का प्रभाव
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सूर्य: आज सूर्य का प्रभाव शक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ा रहा है। कार्यों में नेतृत्व क्षमता और साहस का अनुभव होगा।
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चंद्रमा: चंद्रमा मन और भावनाओं को नियंत्रित करता है। आज चंद्रमा का प्रभाव मानसिक स्थिरता और निर्णय क्षमता को बढ़ाता है।
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शनि: शनि की स्थिति बाधाओं और कठिनाइयों को नियंत्रित करती है। शनि प्रदोष व्रत का पालन आज जीवन में अनावश्यक बाधाओं को कम करेगा।
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गुरु और शुक्र: गुरु और शुक्र की स्थिति प्रेम, संबंध और आध्यात्मिक ज्ञान को बढ़ावा देती है।
विशेष व्रत और पूजा (Vrat Tyohar 13 February 2026)
आज शनि प्रदोष व्रत का दिन है। यह व्रत शनि देव की कृपा प्राप्ति और जीवन में व्यवधान कम करने के लिए अत्यंत प्रभावकारी माना जाता है।
व्रत करने के दौरान निम्न उपाय लाभकारी होंगे:
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गाय को चारा और जल प्रदान करें।
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शनिदेव मंत्र का जाप करें:
“ॐ शं शनैश्चराय नमः” -
काले तिल का दान करें।
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व्रत करते समय सूर्योदय और सूर्यास्त का ध्यान रखें।
राशियों के अनुसार सुझाव
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मेष: आज आपकी मेहनत सफल होगी। सिद्धि योग में नयी परियोजना प्रारंभ करना लाभकारी रहेगा।
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वृषभ: लाभ चौघड़िया में निवेश और व्यापारिक निर्णय करें। राहुकाल में सतर्क रहें।
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मिथुन: पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे। ध्यान और साधना से मानसिक शांति प्राप्त होगी।
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कर्क: यात्रा के लिए दिन अनुकूल है, लेकिन दिशा शूल का ध्यान रखें।
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सिंह: स्वास्थ्य और मानसिक शक्ति पर ध्यान दें। साधना और प्राणायाम लाभकारी रहेगा।
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कन्या: लाभ और अमृत चौघड़िया में वित्तीय निर्णय बेहतर रहेंगे।
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तुला: प्रेम और संबंधों में सुधार होगा। वैवाहिक संबंधों में सकारात्मक बदलाव आएंगे।
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वृश्चिक: शनि प्रदोष व्रत पालन करने से पुराने कष्ट कम होंगे।
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धनु: आध्यात्मिक साधना में समय दें। सिद्धि योग आपके प्रयासों को सफल बनाएगा।
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मकर: परिवार और व्यवसाय में सामंजस्य बना रहेगा। राहुकाल में नया निर्णय टालें।
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कुंभ: मानसिक शांति और ध्यान के लिए दिन उत्तम है।
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मीन: आज किसी भी नए काम की शुरुआत से पहले शुभ समय का ध्यान रखें।
आध्यात्मिक मंत्र और उपाय (Aaj 14 Feb 2026 Ke Upay)
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सुबह उठकर गाय को पानी और चारा दें।
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तिल का दान और काले वस्त्र का दान विशेष लाभकारी है।
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सिद्धि योग में हनुमान चालीसा या गुरु मंत्र का जाप लाभ बढ़ाता है।
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राहुकाल में चटपटे या तिलयुक्त भोज्य पदार्थ ग्रहों की अनुकूलता के लिए उपयुक्त हैं।
14 फरवरी 2026 का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। शुभ मुहूर्त, योग और तिथि के अनुसार अपने कार्यों को योजना बनाकर प्रारंभ करना चाहिए। राहुकाल और दिशा शूल के समय सावधानी बरतने से जीवन में अनावश्यक बाधाओं से बचा जा सकता है। शनि प्रदोष व्रत और मंत्र जाप से जीवन में मानसिक स्थिरता, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
इस दिन का सही उपयोग कर आप न केवल अपने कर्मों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि आत्मिक उन्नति और मानसिक शांति भी सुनिश्चित कर सकते हैं।
FAQs (14 फरवरी 2026 पंचांग)
Q1: 14 फरवरी 2026 का पंचांग क्या है?
A1: 14 फरवरी 2026, शनिवार का पंचांग द्वादशी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, सिद्धि योग और तैतिल करण के साथ है।
Q2: आज का राहुकाल कब है?
A2: आज का राहुकाल सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे तक है, इस दौरान कोई भी शुभ कार्य टालना चाहिए।
Q3: शनि प्रदोष व्रत कैसे करें?
A3: शनि प्रदोष व्रत के दौरान गाय को चारा दें, काले तिल दान करें और “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें।
Q4: 14 फरवरी 2026 का शुभ मुहूर्त कौन सा है?
A4: लाभ और अमृत चौघड़िया दोपहर 2:04 से 4:51 तक हैं, इस समय नए कार्य और पूजा-पाठ शुभ होते हैं।
Q5: आज कौन सा योग लाभकारी है?
A5: आज सिद्धि योग रात्रि 3:18 तक रहेगा, जो कार्यों में सफलता और मानसिक स्थिरता प्रदान करता है।
Disclaimer: यह कंटेंट केवल सूचना और शिक्षा हेतु है। आध्यात्मिक उपाय और व्रत पालन व्यक्तिगत विवेक अनुसार करें।