Aaj Ka Panchang 16 Feb 2026: फाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि, श्रवण नक्षत्र, आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल, पढ़ें 16 फरवरी का पंचांगIt takes 5 minutes... to read this article !

Daily Panchang in Hindi: आज का पंचांग 16 फरवरी 2026: तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, योग व करण सहित दैनिक वैदिक पंचांग विवरण हिंदी में जानें। शास्त्रीय पद्धति से सटीक ज्योतिषीय विश्लेषण।

आज का पंचांग 16 फरवरी 2026 – तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहुकाल समय

Today Panchang 16 Feb 2026: वैदिक ज्योतिष में पंचांग का विशेष महत्व बताया गया है। बृहद पाराशर होरा शास्त्र और विष्णु पुराण में दिन की शुभता जानने के लिए तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का अध्ययन अनिवार्य बताया गया है। 16 फरवरी 2026 का पंचांग आपको बताएगा कि आज कौन सा कार्य शुभ रहेगा और किस समय सावधानी आवश्यक है।

16 फरवरी 2026 का पंचांग विवरण (Calendar Format)

तत्व विवरण
दिनांक 16 फरवरी 2026
वार सोमवार
पक्ष कृष्ण पक्ष
तिथि त्रयोदशी (प्रातः/समयानुसार)
नक्षत्र श्रवण / धनिष्ठा (समयानुसार परिवर्तन संभव)
योग सिद्ध / शुभ योग
करण गर / वणिज
सूर्योदय प्रातः लगभग 6:50
सूर्यास्त सायं लगभग 6:10
राहुकाल प्रातः 7:30 – 9:00
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:15 – 1:00
गुलिक काल 1:30 – 3:00
यमगंड 10:30 – 12:00

(स्थानीय स्थान अनुसार समय में अंतर संभव)

ग्रहों की स्थिति और ज्योतिषीय प्रभाव

आज चंद्रमा का गोचर मकर राशि में होने से व्यावहारिक सोच और अनुशासन बढ़ेगा। सूर्य की स्थिर स्थिति आत्मविश्वास प्रदान करेगी। शनि का प्रभाव कर्मप्रधान दृष्टिकोण देगा। व्यापार, निवेश और सरकारी कार्यों के लिए दिन मध्यम से शुभ रहेगा।

आज के शुभ कार्य

  • भूमि पूजन

  • गृह प्रवेश

  • शिव पूजा एवं रुद्राभिषेक

  • निवेश योजना की शुरुआत

  • आध्यात्मिक साधना

आज किन कार्यों से बचें

  • राहुकाल में नया कार्य प्रारंभ

  • उधार लेन-देन

  • विवादित निर्णय

  • जल्दबाजी में निवेश

आज का विशेष आध्यात्मिक उपाय

सोमवार होने से भगवान शिव की पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जप मानसिक शांति और बाधा निवारण में सहायक रहेगा।

आज की तिथि और पक्ष

आज 16 फरवरी 2026, फाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। वैदिक पंचांग में तिथि का महत्व पूजा, व्रत और सामाजिक क्रियाओं के शुभ समय को निर्धारित करता है। त्रयोदशी तिथि को विशेष रूप से शिव पूजन और गुरु मंत्र जप के लिए अनुकूल माना जाता है। शिव पुराण एवं अन्य ग्रंथों में कहा गया है कि त्रयोदशी तिथि में किए गए अध्यात्मिक कार्य मनोबल तथा मानसिक संतुलन को बढ़ाते हैं।

आज का नक्षत्र

आज का दिन श्रवण नक्षत्र से प्रारंभ होता है तथा इसके पश्चात धनिष्ठा नक्षत्र की प्रभावशाली स्थिति बनी रहती है।

  • श्रवण नक्षत्र शिक्षा, अनुशासन और ज्ञान का प्रतिनिधित्व करता है।

  • धनिष्ठा नक्षत्र शक्ति, संतुलन और सफलता के मार्ग को प्रबल बनाता है।

जिस व्यक्ति का जन्म इन नक्षत्रों में हुआ होता है उसे आज धर्म, शिक्षा और सामाजिक मान्यता में लाभ मिलने के संकेत हैं।

आज का योग और करण

योग

आज सिद्धि योग रहने से यह दिन कार्य सिद्धि, मानसिक स्पष्टता तथा महत्वपूर्ण निर्णयों के समय लाभकारी माना जाता है। वैदिक शास्त्रों में सिद्धि योग को मनोकामना सिद्धि, शुभ कार्य सिद्धि और संतुलन का योग कहा गया है।

करण

आज के करण हैं गर तथा वणिज

  • गर करण साहस, दृढ़ता और इच्छा शक्ति को दर्शाता है।

  • वणिज करण व्यापार, यात्रा और आर्थिक मामलों में सकारात्मक संकेत देता है।

आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल

शुभ मुहूर्त

आज के दिन अभिजीत मुहूर्त प्रातः लगभग 12:10 बजे से 12:55 बजे तक है, जो शुभ कार्यों, पूजा, मंत्र जाप तथा यात्रा आरंभ के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है।

राहुकाल

आज का राहुकाल सुबह 08:15 बजे से 09:40 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य प्रारंभ नहीं करना चाहिए क्योंकि यह समय अराजकता और बाधाओं का संकेत देता है।

शुभ-अशुभ संकेत

शुभ समय
  • सुबह 05:30 से 07:30 बजे तक — आराधना व पूजा के लिए

  • दोपहर 12:10 से 12:55 बजे तक — अभिजीत मुहूर्त (नए कार्य के लिए सबसे शुभ)

  • शाम 05:00 से 07:00 बजे तक — यात्रा तथा सामाजिक कार्यक्रम

अशुभ समय
  • राहुकाल (Aaj Ka Rahu Kaal): 08:15 से 09:40 — नई शुरुआत टालें

पंचांग से जुड़े शास्त्रीय महत्त्व

वैदिक ग्रंथों जैसे बृहत् पाराशर होरा शास्त्र और पंचांग सूत्र में पंचांग के तत्वों को जीवन के चारों आयामों—धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक तथा पारिवारिक—के पालन हेतु आवश्यक बताया गया है। तिथि और नक्षत्र का प्रभाव पूजा, उपवास, दान, शिक्षा तथा व्यापार में निर्णायक भूमिका निभाता है। उदाहरण के रूप में त्रयोदशी तिथि को शिव की आराधना व मन्त्र जप के लिए श्रेष्ठ कहा गया है, जिसका उल्लेख शिव पुराण में मिलता है।

आज के पंचांग आधारित सुझाव

  • पूजा और आराधना: सुबह के समय अभिजीत मुहूर्त में पूजा या ध्यान लाभदायक रहेगा।

  • यात्रा: दोपहर से पहले की यात्रा शुभ परिणाम दे सकती है।

  • व्यापार/निवेश: आज का दिन योजित योजनाओं पर अमल करने के लिए अनुकूल है।

  • धार्मिक दान: चावल, पानी, सफेद वस्त्र का दान शुभ फल देगा।

Disclaimer: यह पंचांग सामान्य वैदिक ज्योतिषीय सिद्धांतों पर आधारित है। स्थानीय समय तथा स्थान के अनुसार पंचांग तत्वों में थोड़ा परिवर्तन संभव है। व्यक्तिगत निर्णय से पहले विशेषज्ञ से परामर्श लें।

FAQ: 16 February 2026 Panchang In Hindi

Q1: 16 फरवरी 2026 का पंचांग क्या है?

आज का पंचांग फाल्गुन कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, श्रवण से धनिष्ठा नक्षत्र, सिद्धि योग और गर–वणिज करण के साथ है।

Q2: आज कौन सा शुभ मुहूर्त है?

आज अभिजीत मुहूर्त प्रातः 12:10 से 12:55 बजे तक है, जो शुभ कार्यों के लिए प्रभावशाली है।

Q3: राहुकाल का समय क्या है?

आज राहुकाल सुबह 08:15 से 09:40 बजे तक रहेगा, इस समय में नए कार्य न शुरू करें।

Q4: आज का नक्षत्र क्या है?

आज का नक्षत्र श्रवण से धनिष्ठा है, दोनों नक्षत्र शिक्षा तथा सफलता के संकेत देते हैं।

Q5: पंचांग से कैसे लाभ लिया जा सकता है?

शुभ मुहूर्त में पूजा, यात्रा और महत्वपूर्ण कार्य करने से फलदायक परिणाम मिल सकते हैं।

Q6: किस समय पूजा करना अधिक शुभ है?

सुबह 05:30 से 07:30 तथा अभिजीत मुहूर्त का समय विशेष रूप से शुभ है।

Q7: क्या आज यात्रा शुभ है?

हाँ, दोपहर से पहले की यात्रा सकारात्मक परिणाम दे सकती है।

Q8: क्या आज निवेश के लिए शुभ समय है?

पंचांग के अनुसार आज योजनाबद्ध निवेश पर सकारात्मक ऊर्जा है।

Q9: पंचांग का अध्ययन क्यों महत्वपूर्ण है?

पंचांग तत्व व्यक्ति के जीवन के धार्मिक, सामाजिक तथा आर्थिक निर्णयों में संतुलन और सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Q10: पंचांग में तिथि का क्या महत्व है?

तिथि जीवन के शुभ-अशुभ समय को दर्शाती है तथा पूजा, दान एवं कर्मों के प्रभाव को निर्धारित करती है।

हमारी एडिटोरियल टीम अनुभवी वैदिक एवं तांत्रिक साधकों का एक समर्पित समूह है, जिन्होंने वर्षों तक वेद, तंत्र और प्राचीन शास्त्रों का गहन अध्ययन किया है। इन ग्रंथों में वर्णित साधनाओं का विधिवत पुरश्चरण कर, व्यावहारिक अनुभव के साथ ज्ञान को आत्मसात किया गया है। Sadhanas.in पर प्रकाशित प्रत्येक लेख और साधना शुद्ध रूप से प्राचीन शास्त्रों एवं प्रमाणिक ग्रंथों के अध्ययन पर आधारित है, ताकि साधकों को प्रामाणिक, सुरक्षित और सही मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।

error: Content is protected !!