श्री विष्णु स्तुति (विप्र कृतम्) | Sri Vishnu Stuti Vipra KrutamIt takes 1 minutes... to read this article !

Sri Vishnu Stuti Vipra Krutam: श्री विष्णु स्तुति (विप्र कृतम्) एक मनोरम संस्कृत स्तोत्र है जिसमें भगवान विष्णु की महिमा, गुणों और पालन-पोषण शक्ति का भक्ति-भावपूर्ण वर्णन किया गया है। यह स्तुति भक्तों को धार्मिक भक्ति, मानसिक शांति और ईश्वरीय कृपा की अनुभूति प्रदान करती है।

नमस्ते देवदेवेश नमस्ते भक्तवत्सल ।
नमस्ते करुणाराशे नमस्ते नन्दविक्रम ॥ १ ॥

गोविन्दाय सुरेशाय अच्युतायाऽव्ययाय च ।
कृष्णाय वासुदेवाय सर्वाध्यक्षाय साक्षिणे ॥ २ ॥

लोकस्थाय हृदिस्थाय अक्षरायाऽऽत्मने नमः ।
अनन्तायादिबीजाय आद्यायाऽखिलरूपिणे ॥ ३ ॥

यज्ञाय यज्ञपतये माधवाय मुरारये ।
जलस्थाय स्थलस्थाय सर्वगायाऽमलात्मने ॥ ४ ॥

सच्चिद्रूपाय सौम्याय नमः सर्वाघनाशिने ।
नमः कालाय कलये कामितार्थप्रदाय च ॥ ५ ॥

नमो दान्ताय शान्ताय विष्णवे जिष्णवे नमः ।
विश्वेशाय विशालाय वेधसे विश्ववासिने ॥ ६ ॥

सुराध्यक्षाय सिद्धाय श्रीधराय नमो नमः ।
हृषीकेशाय धैर्याय नमस्ते मोक्षदायिने ॥ ७ ॥

पुरुषोत्तमाय पुण्याय पद्मनाभाय भास्वते ।
आग्रेसराय तूलाय आग्रेसरायात्मने नमः ॥ ८ ॥

जनार्दनाय जैत्राय जितामित्राय जीविने ।
वेदवेद्याय विश्वाय नारसिंहाय ते नमः ॥ ९ ॥

ज्ञानाय ज्ञानरूपाय ज्ञानदायाखिलात्मने ।
धुरन्धराय धुर्याय धराधारायते नमः ॥ १० ॥

नारायणाय शर्वाय राक्षसानीकवैरिणे ।
गुह्याय गुह्यपतये गुरवे गुणधारिणे ॥ ११ ॥

कारुण्याय शरण्याय कान्तायाऽमृतमूर्तये ।
केशवाय नमस्तेऽस्तु नमो दामोदराय च ॥ १२ ॥

सङ्कर्षणाय शर्वाय नमस्त्रैलोक्यपालिने ।
भक्तप्रियाय हरये नमः सर्वार्तिनाशिने ॥ १३ ॥

नानाभेदविभेदाय नानारूपधराय च ।
नमस्ते भगवान् विष्णो पाहि मां करुणाकर ॥ १४ ॥

इति श्री विष्णु स्तुतिः ।

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