दशावतार स्तोत्रम् (अक्रूर कृतम्) | Dasavatara Stotram (Akrura Kritam)It takes 1 minutes... to read this article !

Dasavatara Stotram (Akrura Kritam): अक्रूर कृत दशावतार स्तोत्रम् भगवान विष्णु के दस दिव्य अवतारों की स्तुति करने वाला एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली संस्कृत स्तोत्र है। इस स्तोत्र का पाठ करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति, भक्ति भावना और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। यह स्तोत्र भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों—मत्स्य, कूर्म, वराह, नरसिंह आदि—की महिमा का वर्णन करता है और जीवन में धर्म, सत्य तथा भक्ति का संदेश देता है।

नमः कारणमत्स्याय प्रलयाब्धिचराय च ।
हयशीर्ष्णे नमस्तुभ्यं मधुकैटभमृत्यवे ॥ १ ॥

अकूपाराय बृहते नमो मन्दरधारिणे ।
क्षित्युद्धारविहाराय नमः सूकरमूर्तये ॥ २ ॥

नमस्तेऽद्भुतसिंहाय साधुलोकभयापह ।
वामनाय नमस्तुभ्यं क्रान्तत्रिभुवनाय च ॥ ३ ॥

नमो भृगूणां पतये दृप्तक्षत्रवनच्छिदे ।
नमस्ते रघुवर्याय रावाणान्तकराय च ॥ ४ ॥

नमस्ते वासुदेवाय नमः सङ्कर्षणाय च ।
प्रद्युम्नायानिरुद्धाय सात्वतां पतये नमः ॥ ५ ॥

नमो बुद्धाय शुद्धाय दैत्यदानवमोहिने ।
म्लेच्छप्रायक्षत्रहन्त्रे नमस्ते कल्किरूपिणे ॥ ६ ॥

इति श्रीमद्भगवते महापुराणे दशमस्कन्धे चत्वारिंशोऽध्याये श्री अक्रूरकृत दशावतार स्तोत्रम् ॥

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