नारायणाष्टाक्षरी स्तुति | Narayana Ashtakshari StutiIt takes 1 minutes... to read this article !

Narayana Ashtakshari Stuti: नारायण अष्टाक्षरी स्तुति एक अत्यंत पवित्र संस्कृत स्तोत्र है, जिसमें भगवान नारायण के 8 अक्षरों (अष्‍टाक्षर) में दिव्य महिमा और भक्ति का वर्णन होता है। यहNarayana Ashtakshari Stuti in Sanskrit भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण करने, मन को शांति प्रदान करने और भगवान के प्रति भक्ति भाव को प्रगाढ़ करने में सहायक होता है।

ओं नमः प्रणवार्थार्थ स्थूल सूक्ष्म क्षराक्षर ।
व्यक्ताव्यक्त कलातीत ओङ्काराय नमो नमः ॥ १ ॥

नमो देवादिदेवाय देहसञ्चारहेतवे ।
दैत्यसङ्घविनाशाय नकाराय नमो नमः ॥ २ ॥

मोहनं विश्वरूपं च शिष्टाचारसुपोषितम् ।
मोहविध्वंसकं वन्दे मोकाराय नमो नमः ॥ ३ ॥

नारायणाय नव्याय नरसिंहाय नामिने ।
नादाय नादिने तुभ्यं नाकाराय नमो नमः ॥ ४ ॥

रामचन्द्रं रघुपतिं पित्राज्ञापरिपालकम् ।
कौसल्यातनयं वन्दे राकाराय नमो नमः ॥ ५ ॥

यज्ञाय यज्ञगम्याय यज्ञरक्षाकराय च ।
यज्ञाङ्गरूपिणे तुभ्यं यकाराय नमो नमः ॥ ६ ॥

णाकारं लोकविख्यातं नानाजन्मफलप्रदम् ।
नानाभीष्टप्रदं वन्दे णाकाराय नमो नमः ॥ ७ ॥

यज्ञकर्त्रे यज्ञभर्त्रे यज्ञरूपाय ते नमः ।
सुज्ञानगोचरायाऽस्तु यकाराय नमो नमः ॥ ८ ॥

नारायणः परं ब्रह्म नारायणः परन्तपः ।
नारायणः परो देवः सर्वं नारायणः सदा ॥

इति श्री नारायण अष्टाक्षरी स्तुतिः ।

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