Aaj Ka Panchang 04 फरवरी 2026: बुधवार, तृतीया तिथि, राहुकाल, नक्षत्र, चंद्र गोचर, क्या करें, क्या न करें और शुभ मुहूर्त का सम्पूर्ण वैदिक पंचांगIt takes 9 minutes... to read this article !

आज का पंचांग 04 फरवरी 2026: तृतीया तिथि, बुधवार, राहुकाल, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र, सिंह राशि में चंद्रमा और वैदिक शास्त्रों के अनुसार शुभ-अशुभ कार्यों की जानकारी।

पंचांग क्यों केवल तारीख नहीं है

भारतीय परंपरा में पंचांग केवल दिन, तिथि या समय बताने का साधन नहीं है। यह जीवन को प्रकृति, ग्रहों और कालचक्र के साथ संतुलित करने की वैदिक प्रणाली है। हमारे ऋषियों ने अनुभव किया कि जब मनुष्य अपने कर्म को समय की लय में करता है, तब संघर्ष कम और फल अधिक मिलता है। यही कारण है कि आज भी विवाह, गृह प्रवेश, यात्रा, व्यापार आरंभ, व्रत और साधना जैसे कार्य पंचांग देखकर ही किए जाते हैं।

04 फरवरी 2026 का पंचांग भी इसी दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह दिन माघ मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि, बुधवार, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और सिंह राशि में चंद्रमा के विशेष संयोग के कारण कई स्तरों पर प्रभाव डालता है। यह लेख सामान्य पाठक को ध्यान में रखते हुए लिखा गया है, ताकि ज्योतिष की जटिलता के बिना भी आप इसके संकेतों को अपने जीवन में समझ सकें और उपयोग कर सकें।

आज का पंचांग: तिथि, वार और मूल जानकारी

  • तिथि: माघ शुक्ल पक्ष तृतीया (05 फरवरी 2026 को 12:09 प्रातः तक)

  • वार: बुधवार

  • नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी (रात्रि 10:12 बजे तक)

  • चंद्र राशि: सिंह

  • सूर्योदय: 07:08 प्रातः

  • सूर्यास्त: 06:03 सायं

  • राहुकाल: 12:35 अपराह्न से 01:57 अपराह्न

यह पंचांग उत्तर भारतीय वैदिक गणना पर आधारित है और दैनिक जीवन में निर्णय लेने के लिए पर्याप्त संकेत देता है।

माघ मास का महत्व: शास्त्र और जीवन

माघ मास को धर्म, तप और शुद्धि का महीना कहा गया है। पुराणों के अनुसार, माघ मास में किया गया स्नान, दान और जप सामान्य समय से कई गुना अधिक फल देता है। यही कारण है कि इस महीने में प्रयाग, हरिद्वार और अन्य तीर्थों में स्नान की परंपरा है।

सामान्य पाठक के लिए माघ मास का अर्थ है—अपने जीवन में थोड़ी सादगी, अनुशासन और आत्मचिंतन लाना। इस महीने लिए गए संकल्प लंबे समय तक टिकते हैं।

तृतीया तिथि का शास्त्रीय और व्यावहारिक अर्थ

तृतीया तिथि को सौंदर्य, सृजन और स्थिरता से जोड़ा गया है। शास्त्रों में यह तिथि विशेष रूप से पार्वती और लक्ष्मी तत्व से संबंधित मानी गई है। अक्षय तृतीया इसी तिथि का प्रसिद्ध उदाहरण है।

जनरल लाइफ में तृतीया का प्रभाव
  • नए रिश्तों की शुरुआत

  • कला, डिजाइन, लेखन, संगीत जैसे रचनात्मक कार्य

  • सौम्य निवेश या योजनाओं की नींव

हालांकि यह अत्यधिक जोखिम वाले निर्णयों के लिए उपयुक्त नहीं मानी जाती।

बुधवार और बुध ग्रह का प्रभाव

बुधवार का स्वामी बुध ग्रह है, जो बुद्धि, संवाद, व्यापार और गणना का कारक माना जाता है। बुधवार के दिन किए गए कार्यों में स्पष्टता और तर्क की आवश्यकता होती है।

आज के दिन बुध का सकारात्मक उपयोग
  • पढ़ाई या परीक्षा से जुड़े निर्णय

  • इंटरव्यू, मीटिंग, समझौते

  • लेखन, कंटेंट, डिजिटल कार्य

सामान्य पाठक के लिए संदेश यह है कि आज भावनाओं से अधिक विवेक से काम लें।

राहुकाल: डर नहीं, समझ जरूरी

राहुकाल को लेकर लोगों में अनावश्यक भय पाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार राहुकाल कोई अशुभ समय नहीं, बल्कि ऐसा काल है जिसमें नए शुभ कार्य आरंभ नहीं किए जाते।

आज राहुकाल 12:35 से 01:57 तक है। इस समय:

  • नया काम शुरू न करें

  • पहले से चल रहे कार्य जारी रख सकते हैं

  • ध्यान, जप, अध्ययन किया जा सकता है

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र: सुख और संतुलन

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र को भोग, आराम और पारिवारिक सुख से जोड़ा जाता है। इसका देवता भग (सुख के देवता) माने गए हैं।

आज इस नक्षत्र का सरल प्रभाव
  • रिश्तों में मधुरता

  • कला और सौंदर्य से जुड़े निर्णय

  • घरेलू सुख-सुविधा पर ध्यान

यह नक्षत्र यह भी सिखाता है कि सुख तभी स्थायी होता है जब संतुलन बना रहे।

सिंह राशि में चंद्रमा: मन और अहंकार

चंद्रमा मन का कारक है और सिंह राशि आत्मसम्मान व नेतृत्व का प्रतीक। जब चंद्रमा सिंह में होता है, तो व्यक्ति आत्मविश्वासी महसूस करता है, लेकिन कभी-कभी अहंकार भी बढ़ सकता है।

सामान्य जीवन में संकेत
  • नेतृत्व के अवसर

  • निर्णय लेने की इच्छा

  • प्रशंसा की अपेक्षा

आज सलाह यही है कि आत्मविश्वास रखें, लेकिन दूसरों की बात भी सुनें।

क्या करें और क्या न करें

करें
  • परिवार के साथ समय बिताएं

  • शिक्षा और संवाद से जुड़े कार्य करें

  • धार्मिक या सकारात्मक साहित्य पढ़ें

न करें
  • राहुकाल में नया काम शुरू न करें

  • अहंकार में निर्णय न लें

  • अनावश्यक विवाद से बचें

दान, व्रत और छोटे उपाय

सामान्य पाठक के लिए कठिन अनुष्ठान आवश्यक नहीं हैं। आज आप:

  • हरी मूंग या हरा वस्त्र दान कर सकते हैं

  • गाय को हरा चारा खिलाएं

  • बुध मंत्र का 11 बार जप करें

ये छोटे उपाय मानसिक शांति में सहायक होते हैं।

आधुनिक जीवन में पंचांग का उपयोग

आज का पंचांग हमें यह नहीं कहता कि भाग्य सब कुछ है, बल्कि यह सिखाता है कि सही समय पर सही कर्म कैसे करें। ऑफिस, बिजनेस, पढ़ाई और रिश्तों में पंचांग का उपयोग एक गाइड की तरह किया जा सकता है।

विस्तृत ज्योतिषीय उपाय और फलादेश (Astrology + Remedy Heavy)

इस खंड में पंचांग के प्रत्येक तत्व से जुड़े सरल लेकिन प्रभावी ज्योतिषीय उपाय दिए जा रहे हैं, जिन्हें कोई भी सामान्य व्यक्ति बिना भय या जटिल विधि के अपना सकता है। इन उपायों का उद्देश्य भाग्य बदलना नहीं, बल्कि मन, कर्म और समय के बीच संतुलन बनाना है।

तृतीया तिथि के विशेष उपाय

तृतीया तिथि को देवी शक्ति की सौम्य अवस्था माना गया है। यह तिथि सौंदर्य, स्थिरता और संबंधों को मजबूत करने वाली होती है।

तृतीया तिथि पर क्या करें
  • प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें

  • घर के मंदिर या शांत स्थान पर दीप प्रज्वलित करें

  • माता पार्वती या लक्ष्मी का स्मरण करें

सरल मंत्र

“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः” – 11 या 21 बार

लाभ
  • पारिवारिक तनाव में कमी

  • आर्थिक मामलों में स्थिरता

  • आत्मविश्वास में वृद्धि

बुधवार और बुध ग्रह शांति उपाय

यदि कुंडली में बुध कमजोर हो, तो बुधवार के उपाय अत्यंत प्रभावी माने जाते हैं। बुध ग्रह वाणी, तर्क, व्यापार और मित्रता को प्रभावित करता है।

सामान्य उपाय
  • हरे रंग का उपयोग करें

  • हरी सब्जियों या मूंग दाल का दान करें

  • झूठ, छल और कटु वाणी से बचें

बुध मंत्र

“ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” – 27 बार

फल
  • मानसिक स्पष्टता

  • पढ़ाई और करियर में सुधार

  • संवाद कौशल में वृद्धि

राहुकाल में करने योग्य साधना

राहुकाल को निष्क्रिय समय मानना भ्रांति है। यह आत्मचिंतन और शुद्धि का काल माना गया है।

राहुकाल में करें
  • मौन धारण

  • ध्यान या श्वास अभ्यास

  • हनुमान चालीसा या दुर्गा स्तोत्र पाठ

न करें
  • नया व्यापार या यात्रा आरंभ

  • विवाद या बहस

विशेष लाभ
  • मानसिक शांति

  • नकारात्मक ऊर्जा में कमी

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के उपाय

यह नक्षत्र सुख और भोग का प्रतीक है, लेकिन असंतुलन होने पर आलस्य या अतिभोग दे सकता है।

संतुलन हेतु उपाय
  • विलास के साथ संयम

  • कला, संगीत या रचनात्मक कार्य में समय दें

  • जीवनसाथी या परिवार के साथ संवाद बढ़ाएं

दान
  • सफेद वस्त्र

  • सुगंधित पुष्प

सिंह राशि में चंद्रमा के लिए मानसिक उपाय

चंद्रमा सिंह में होने पर अहंकार, अपेक्षा और भावनात्मक संवेदनशीलता बढ़ सकती है।

संतुलन उपाय
  • सूर्य को जल अर्पित करें

  • पिता या गुरु का सम्मान करें

  • प्रशंसा की अपेक्षा कर्म पर ध्यान दें

मानसिक लाभ
  • अहंकार में कमी

  • नेतृत्व क्षमता का सही उपयोग

कार्य, व्यापार और करियर के लिए उपाय

आज का दिन निर्णय से अधिक योजना बनाने के लिए उपयुक्त है।

करें
  • अधूरे कार्यों की समीक्षा

  • लेखन, अकाउंट, प्लानिंग

उपाय
  • कार्यस्थल पर हरे पौधे रखें

  • बुधवार को गाय को हरा चारा दें

विवाह और संबंधों के लिए ज्योतिषीय संकेत

पूर्वाफाल्गुनी और तृतीया तिथि रिश्तों में मधुरता लाती है, लेकिन अहंकार बाधा बन सकता है।

उपाय
  • जीवनसाथी से खुला संवाद

  • छोटे उपहार या प्रशंसा

स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन

बुध और चंद्र का प्रभाव नर्वस सिस्टम और मन पर पड़ता है।

सावधानियां
  • अधिक सोच से बचें

  • मोबाइल और स्क्रीन समय सीमित करें

उपाय
  • प्राणायाम

  • तुलसी या हरी चाय

दिशाशूल और यात्रा संकेत

बुधवार को उत्तर दिशा का दिशाशूल माना गया है। यदि यात्रा आवश्यक हो, तो हरा धनिया या गुड़ खाकर निकलें।

पंचांग आधारित दैनिक जीवन सूत्र

  • समय देखकर कार्य आरंभ करें

  • राहुकाल का सम्मान करें, भय नहीं

  • ग्रहों को दोष नहीं, मार्गदर्शक मानें

अंतिम निष्कर्ष

04 फरवरी 2026 का पंचांग कर्म, विवेक और संतुलन का संदेश देता है। Astrology और Remedy का उद्देश्य डर या अंधविश्वास नहीं, बल्कि जीवन को सहज और सजग बनाना है।

यदि व्यक्ति पंचांग को दैनिक मार्गदर्शक की तरह अपनाता है, तो धीरे-धीरे निर्णय बेहतर होते हैं और जीवन में स्थिरता आती है। यही वैदिक ज्योतिष का वास्तविक उद्देश्य है — मनुष्य को समय के साथ चलना सिखाना।

आज का पंचांग 04 फरवरी 2026: 10 महत्वपूर्ण प्रश्न–उत्तर (FAQ)

1. 04 फरवरी 2026 को कौन-सी तिथि है?

04 फरवरी 2026 को माघ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है, जो 05 फरवरी को प्रातः 12:09 बजे तक रहेगी।

2. क्या 04 फरवरी 2026 बुधवार है और इसका क्या प्रभाव है?

हाँ, यह दिन बुधवार है। बुधवार का संबंध बुध ग्रह से होता है, इसलिए यह दिन पढ़ाई, व्यापार, संवाद और योजना बनाने के लिए शुभ माना जाता है।

3. आज राहुकाल का समय क्या है?

04 फरवरी 2026 को राहुकाल दोपहर 12:35 बजे से 01:57 बजे तक रहेगा। इस समय नए शुभ कार्य आरंभ नहीं करने चाहिए।

4. क्या राहुकाल में पूजा या जप किया जा सकता है?

हाँ, राहुकाल में पूजा, जप, ध्यान और आत्मचिंतन जैसे कार्य किए जा सकते हैं। केवल नए कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए।

5. आज कौन-सा नक्षत्र है और उसका क्या फल है?

आज पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र है, जो रात्रि 10:12 बजे तक रहेगा। यह नक्षत्र सुख, सौंदर्य, पारिवारिक आनंद और रचनात्मकता से जुड़ा होता है।

6. चंद्रमा किस राशि में है और इसका क्या असर पड़ता है?

आज चंद्रमा सिंह राशि में संचार कर रहा है। इससे आत्मविश्वास, नेतृत्व की भावना और निर्णय लेने की इच्छा बढ़ती है, लेकिन अहंकार से बचना चाहिए।

7. क्या 04 फरवरी 2026 विवाह के लिए शुभ है?

सामान्य रूप से तृतीया तिथि विवाह के लिए सर्वोत्तम नहीं मानी जाती। विवाह से पहले संपूर्ण कुंडली और मुहूर्त अवश्य देखना चाहिए।

8. आज कौन-से कार्य करना शुभ माना जाता है?

आज पढ़ाई, लेखन, मीटिंग, योजना बनाना, पारिवारिक संवाद और धार्मिक अध्ययन जैसे कार्य शुभ माने जाते हैं।

9. आज कौन-से कार्य नहीं करने चाहिए?

राहुकाल में नया काम शुरू करना, अनावश्यक विवाद, और अहंकार में लिया गया निर्णय आज टालना चाहिए।

10. आज के दिन का सबसे सरल ज्योतिषीय उपाय क्या है?

आज हरे रंग का उपयोग करें, गाय को हरा चारा खिलाएं और बुध मंत्र का 11 या 27 बार जप करें। इससे मानसिक शांति और कार्यों में स्पष्टता आती है।

Disclaimer (अस्वीकरण)

यह लेख वैदिक पंचांग और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है। इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सा, कानूनी, वित्तीय या व्यक्तिगत सलाह न माना जाए। पंचांग के फल व्यक्ति विशेष की कुंडली और परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं। पाठक किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले अपने विवेक या योग्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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