आज का पंचांग 2 फरवरी 2026 सोमवार: माघ कृष्ण प्रथम तिथि, अश्लेषा नक्षत्र, शुभ योग, राहुकाल, सूर्य-चंद्र राशि परिवर्तन और आज का महाउपाय विस्तार से पढ़ें।
पंचांग क्यों है जीवन का दर्पण
हिंदू सनातन परंपरा में पंचांग केवल तिथि बताने का साधन नहीं, बल्कि यह मानव जीवन, कर्म, समय और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के बीच सेतु का कार्य करता है। वेदों में समय को ईश्वर का स्वरूप माना गया है। अथर्ववेद और ऋग्वेद में काल को सृष्टि की आधारशिला कहा गया है। इसी काल तत्व को समझने का विज्ञान पंचांग कहलाता है।
2 फरवरी 2026, सोमवार का दिन, पंचांग की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन तिथि, नक्षत्र, योग और चंद्र राशि में परिवर्तन एक साथ हो रहा है। ऐसे दिन साधारण कर्म भी विशेष फल देने लगते हैं, यदि उन्हें शास्त्रीय विधि से किया जाए।
Aaj Ka Panchang: 2 फरवरी 2026 (सोमवार)
दिन का संक्षिप्त पंचांग सार
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दिनांक: 2 फरवरी 2026
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वार: सोमवार
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ऋतु: शिशिर
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आयन: उत्तरायण
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पक्ष: कृष्ण पक्ष
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माह (अमावस्यांत): माघ
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माह (पूर्णिमांत): माघ
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तिथि: कृष्ण प्रथम (3 फरवरी प्रातः 01:52 तक), तत्पश्चात द्वितीया
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नक्षत्र: अश्लेषा (रात 10:47 तक), तत्पश्चात मघा
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योग: आयुष्मान (सुबह 07:20 तक), उसके बाद सौभाग्य
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करण: बालव (दोपहर 02:41 तक), बाद में कौलव
माघ मास का आध्यात्मिक और शास्त्रीय महत्व
माघ मास को हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायक माना गया है। पद्म पुराण, स्कंद पुराण और विष्णु पुराण में माघ स्नान, माघ दान और माघ व्रत की महिमा का विस्तार से वर्णन मिलता है।
शास्त्रों के अनुसार:
“माघे स्नानं महापुण्यं सर्वपापप्रणाशनम्”
अर्थात माघ मास में किया गया स्नान सभी पापों का नाश करता है।
माघ मास में जल तत्व प्रधान होता है और चंद्र का प्रभाव तीव्र रहता है। यही कारण है कि इस महीने मन, भावना और स्मृति अत्यंत संवेदनशील हो जाती है। आज का दिन विशेष इसलिए है क्योंकि सोमवार और चंद्र प्रधान माघ मास का संयोग बन रहा है।
कृष्ण पक्ष और प्रथम तिथि का फल
कृष्ण पक्ष आत्मविश्लेषण, शुद्धि और अंतर्मुखी साधना का काल माना जाता है। यह समय बाहरी विस्तार की बजाय आंतरिक स्थिरता पर कार्य करने का होता है।
कृष्ण प्रथम तिथि का शास्त्रीय अर्थ
धर्मसिंधु ग्रंथ के अनुसार कृष्ण पक्ष की प्रथम तिथि को:
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पुराने कर्मों का निष्कर्ष निकलता है
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मानसिक संस्कार प्रबल होते हैं
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ध्यान, जप और व्रत का फल शीघ्र मिलता है
इस तिथि पर प्रारंभ किए गए आत्मशुद्धि के संकल्प दीर्घकालिक फल देते हैं।
नक्षत्र विश्लेषण: अश्लेषा से मघा का संक्रमण
अश्लेषा नक्षत्र का प्रभाव (रात 10:47 तक)
अश्लेषा नक्षत्र नाग देवता से संबंधित है। यह गूढ़ ज्ञान, मनोवैज्ञानिक शक्ति और रहस्यमय ऊर्जा का प्रतीक है। इस नक्षत्र में:
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मन अत्यंत गहरा और विश्लेषणात्मक होता है
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व्यक्ति पुराने अनुभवों में उलझ सकता है
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ध्यान और तंत्र साधना शीघ्र फल देती है
अश्लेषा काल में छल, भ्रम और भावनात्मक असंतुलन की संभावना रहती है, इसलिए वाणी और निर्णय में संयम आवश्यक है।
मघा नक्षत्र का प्रभाव (रात 10:47 के बाद)
मघा नक्षत्र पितृ लोक से जुड़ा है। यह कुल, वंश, परंपरा और अधिकार का प्रतीक है।
मघा नक्षत्र में:
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पितृ दोष शांति के उपाय प्रभावी होते हैं
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नेतृत्व क्षमता जागृत होती है
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सामाजिक सम्मान और प्रतिष्ठा के योग बनते हैं
अश्लेषा से मघा का संक्रमण मन को भावनात्मक गहराई से कर्म और उत्तरदायित्व की ओर ले जाता है।
चंद्र राशि परिवर्तन: कर्क से सिंह
कर्क राशि में चंद्र (रात 10:47 तक)
कर्क राशि चंद्र की स्वगृही राशि है। इस समय:
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भावनाएं प्रबल रहती हैं
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पारिवारिक विषय प्रमुख होते हैं
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मन अतीत की ओर आकर्षित होता है
सिंह राशि में चंद्र (रात 10:47 के बाद)
सिंह राशि में चंद्र आने से:
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आत्मविश्वास बढ़ता है
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निर्णय क्षमता मजबूत होती है
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नेतृत्व और साहस का विकास होता है
यह परिवर्तन दर्शाता है कि दिन का पहला भाग भावनात्मक है और दूसरा भाग कर्मप्रधान।
योगों का विश्लेषण: आयुष्मान से सौभाग्य योग
आयुष्मान योग (सुबह 07:20 तक)
आयुष्मान योग दीर्घायु, स्वास्थ्य और स्थायित्व का सूचक है। इस समय किए गए:
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स्वास्थ्य संबंधी संकल्प
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आयु वृद्धि की कामना
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औषधीय उपचार
विशेष फलदायी होते हैं।
सौभाग्य योग (07:20 के बाद)
सौभाग्य योग अत्यंत शुभ माना जाता है। इस योग में:
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विवाह और संबंधों में मधुरता
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व्यापारिक निर्णय
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आर्थिक योजनाएं
सफलता प्रदान करती हैं।
करण फल: बालव और कौलव
बालव करण स्थिरता और योजना निर्माण के लिए शुभ है।
कौलव करण सामाजिक और सार्वजनिक कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
शुभ और अशुभ समय का महत्व
राहुकाल: सुबह 08:35 से 09:57
राहुकाल में:
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नए कार्य का प्रारंभ
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महत्वपूर्ण निर्णय
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शुभ यात्रा
वर्जित मानी जाती है।
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:19 से 01:03
अभिजित मुहूर्त सर्वदोष नाशक माना गया है। इस समय किया गया कार्य सामान्यतः सफल होता है।
सोमवार का विशेष महत्व
सोमवार शिव और चंद्र का दिन है। शिव पुराण में कहा गया है कि सोमवार को किया गया शिव पूजन शीघ्र फल देता है।
सोमवार को:
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मानसिक शांति
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चंद्र दोष शांति
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वैवाहिक सुख
के लिए उपाय अत्यंत प्रभावी होते हैं।
आज का महाउपाय (Highly Effective Remedy)
सोमवार के दिन शिव पुराण में वर्णित यह उपाय करें: शिव-चंद्र शांति महाउपाय
प्रातः स्नान के बाद सफेद वस्त्र धारण करें। शिवलिंग पर कच्चा दूध, जल और थोड़े से अक्षत अर्पित करें। इसके बाद निम्न मंत्र का 108 बार जप करें:
ॐ नमः शिवाय
जप के पश्चात चंद्र शांति हेतु चावल, दूध या सफेद मिठाई का दान करें।
लाभ
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मानसिक तनाव में कमी
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चंद्र दोष और अशांति का शमन
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पारिवारिक और भावनात्मक संतुलन
राशि अनुसार संक्षिप्त उपाय
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मेष: शिव को जल अर्पित करें
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वृषभ: सफेद वस्त्र का दान
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मिथुन: मौन साधना
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कर्क: दूध से अभिषेक
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सिंह: सूर्य को अर्घ्य
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कन्या: सेवा कार्य
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तुला: सुगंध दान
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वृश्चिक: रुद्राक्ष धारण
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धनु: गुरु मंत्र जप
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मकर: तिल दान
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कुंभ: दीप दान
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मीन: विष्णु पूजन
क्या करें और क्या न करें
करें
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ध्यान और जप
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माता-पिता का सम्मान
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सात्विक भोजन
न करें
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क्रोध और वाद-विवाद
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झूठ और छल
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नकारात्मक संकल्प
निष्कर्ष: आज का दिन क्यों विशेष है
2 फरवरी 2026 का दिन आत्मशुद्धि, मानसिक संतुलन और भाग्य जागरण का अवसर प्रदान करता है। नक्षत्र परिवर्तन, चंद्र राशि बदलाव और सौभाग्य योग का संयोग इस दिन को साधना और निर्णय के लिए श्रेष्ठ बनाता है। यदि शास्त्रसम्मत उपाय किए जाएं, तो यह दिन आने वाले समय की दिशा बदल सकता है।
FAQ: Todays Panchang 2 फरवरी 2026 (सोमवार)
प्रश्न 1: आज 2 फरवरी 2026 को कौन-सी तिथि है?
आज माघ मास के कृष्ण पक्ष की प्रथम तिथि है, जो 3 फरवरी प्रातः 01:52 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि आरंभ होगी।
प्रश्न 2: आज का नक्षत्र कौन-सा है?
आज दिन में अश्लेषा नक्षत्र रहेगा, जो रात 10:47 बजे तक प्रभावी है। इसके बाद मघा नक्षत्र प्रारंभ होगा।
प्रश्न 3: आज चंद्र राशि में क्या परिवर्तन होगा?
आज चंद्रमा कर्क राशि में रहेगा और रात 10:47 बजे के बाद सिंह राशि में प्रवेश करेगा। यह परिवर्तन भावनात्मकता से आत्मविश्वास की ओर संकेत करता है।
प्रश्न 4: आज कौन-सा योग बन रहा है?
आज प्रातः आयुष्मान योग रहेगा, जो सुबह 07:20 बजे तक प्रभावी है। इसके बाद सौभाग्य योग बनेगा, जो कार्य और संबंधों के लिए शुभ माना जाता है।
प्रश्न 5: आज राहुकाल का समय क्या है?
आज राहुकाल सुबह 08:35 से 09:57 बजे तक रहेगा। इस समय नए और शुभ कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए।
प्रश्न 6: आज का शुभ मुहूर्त कौन-सा है?
आज अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:19 से 01:03 बजे तक रहेगा, जिसे सर्वदोष नाशक माना गया है।
प्रश्न 7: सोमवार होने का आज के दिन क्या महत्व है?
सोमवार भगवान शिव और चंद्रमा का दिन होता है। आज सोमवार और माघ मास का संयोग मानसिक शांति, चंद्र दोष शमन और पारिवारिक संतुलन के लिए विशेष फलदायी माना गया है।
प्रश्न 8: आज का महाउपाय क्या है?
आज प्रातः स्नान के बाद शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जप करें। इसके बाद सफेद वस्तु का दान करें। यह उपाय चंद्र दोष, तनाव और भावनात्मक अस्थिरता को शांत करता है।
प्रश्न 9: क्या आज पितृ शांति के उपाय करना शुभ है?
हाँ, आज रात मघा नक्षत्र आरंभ होने से पितृ तर्पण, पितृ स्मरण और दान के उपाय विशेष प्रभावी माने जाते हैं।
प्रश्न 10: क्या आज का पंचांग सभी राशियों पर समान प्रभाव डालता है?
पंचांग का प्रभाव सामूहिक होता है, लेकिन उसका वास्तविक फल व्यक्ति की चंद्र राशि और व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार अलग-अलग अनुभव में आता है।
प्रश्न 11: क्या आज यात्रा करना शुभ है?
राहुकाल से बाहर और अभिजित मुहूर्त में यात्रा करना सामान्यतः शुभ माना जाता है, लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण यात्रा के लिए मुहूर्त देखना श्रेष्ठ रहता है।
प्रश्न 12: क्या आज नए कार्य की शुरुआत की जा सकती है?
आज सौभाग्य योग और अभिजित मुहूर्त में मानसिक, धार्मिक और योजना संबंधी कार्य आरंभ किए जा सकते हैं। अत्यंत बड़े कार्यों के लिए व्यक्तिगत कुंडली देखना उचित रहेगा।