माँ बगलामुखी साधना की संपूर्ण शास्त्रीय जानकारी, मंत्र, साधना विधि और लाभ जानें। यह साधना शत्रु-नाश, वाक्-सिद्धि और विजय प्रदान करती है।
माँ बगलामुखी साधना का परिचय
महाविद्या माँ बगलामुखी को स्तंभन शक्ति की देवी कहा गया है। वे वाणी, विचार और क्रिया—तीनों को नियंत्रित करने वाली शक्ति हैं। माँ बगलामुखी साधना का मूल उद्देश्य नकारात्मक शक्तियों, शत्रु प्रवृत्तियों और मानसिक चंचलता को स्थिर करना है।
दस महाविद्याओं में माँ बगलामुखी वह स्वरूप हैं जो संघर्ष, विवाद और विरोध की स्थिति में साधक को संरक्षण और विजय प्रदान करती हैं। यह साधना आत्मरक्षा और मानसिक स्थिरता की अत्यंत प्रभावशाली साधना मानी जाती है।
माँ बगलामुखी का तात्त्विक स्वरूप
माँ बगलामुखी देवी का स्वरूप दर्शाता है:
• स्तंभन (रोकने की शक्ति)
• वाणी और विचार पर नियंत्रण
• शत्रु प्रवृत्तियों का नाश
• निर्णय क्षमता और स्थिर बुद्धि
वे साधक के भीतर की अस्थिरता और बाहरी नकारात्मक प्रभाव—दोनों को शांत करती हैं।
शास्त्रीय संदर्भ
माँ बगलामुखी साधना का वर्णन प्रमुख रूप से इन ग्रंथों में मिलता है:
• तंत्रसार
• रुद्रयामल तंत्र
• शक्तिसंगम तंत्र
• बृहत्तंत्रसार
शास्त्रों में माँ बगलामुखी को स्तंभन विद्या की अधिष्ठात्री देवी कहा गया है।
माँ बगलामुखी साधना का महत्व
• शत्रु और विरोध से रक्षा
• वाक्-सिद्धि और प्रभावशाली वाणी
• मानसिक स्थिरता
• विवाद और मुकदमों में सफलता
• भय और असुरक्षा का नाश
साधना के लिए आवश्यक तैयारी
स्थान
• शांत और एकांत स्थान
• पीले रंग का प्रभाव (वस्त्र या आसन)
आसन
• पीला वस्त्र
• कुशासन या ऊनी आसन
मानसिक तैयारी
• क्रोध और प्रतिशोध से मुक्त भाव
• आत्मरक्षा और संतुलन का संकल्प
• अनुशासन और संयम
माँ बगलामुखी साधना विधि
1. संकल्प
साधना का उद्देश्य स्पष्ट रखें — आत्मरक्षा, वाक्-शुद्धि या मानसिक स्थिरता।
2. ध्यान
देवी को पीतवर्ण, शांत लेकिन शक्तिशाली स्वरूप में ध्यान करें।
यह ध्यान भय नहीं, बल्कि आत्मविश्वास उत्पन्न करता है।
3. मंत्र जाप
माँ बगलामुखी मंत्र (सरल रूप)
“ॐ ह्लीं बगलामुख्यै नमः”
• 108 या 1008 जाप
• हल्दी माला या रुद्राक्ष माला
4. स्तंभन भाव
जप के दौरान मन को स्थिर रखें।
अनावश्यक विचारों को रोकना ही इस साधना की कुंजी है।
साधना का समय
• ब्रह्म मुहूर्त या रात्रि
• गुरुवार विशेष फलदायी
• नवरात्रि और अमावस्या श्रेष्ठ मानी जाती है
साधना के लाभ
मानसिक लाभ
• चंचलता और भय का नाश
• आत्मविश्वास
• वाणी पर नियंत्रण
भौतिक लाभ
• शत्रु बाधाओं से रक्षा
• विवादों में स्थिरता
• कार्यक्षेत्र में प्रभाव
आध्यात्मिक लाभ
• मानसिक अनुशासन
• चेतना की स्थिरता
• साधक में आत्मसंयम
साधना में सावधानियाँ
• साधना का उपयोग दुर्भावना से न करें
• क्रोध और प्रतिशोध से दूर रहें
• संयम और नैतिकता अनिवार्य
दीर्घकालिक प्रभाव
• स्थिर निर्णय क्षमता
• मानसिक दृढ़ता
• भय-मुक्त जीवन
• संतुलित और प्रभावशाली व्यक्तित्व
निष्कर्ष
माँ बगलामुखी साधना स्थिरता, संरक्षण और आत्म-संयम की साधना है। यह साधक को बाहरी और आंतरिक दोनों प्रकार की नकारात्मक शक्तियों से मुक्त कर स्थिर बुद्धि और निर्भय चेतना प्रदान करती है।