श्री महादेव स्तुतिः (ब्रह्मादिदेव कृतम्) | Brahmaadi Deva Krita Mahadeva StutiIt takes 1 minutes... to read this article !

Brahmaadi Deva Krita Mahadeva Stuti: ब्रह्मादि देव कृत महादेव स्तुति एक पवित्र संस्कृत स्तोत्र है जिसमें ब्रह्मा, विष्णु, इंद्र आदि देवताओं द्वारा भगवान महादेव (शिव) की महिमा, गुणों और भक्तिपूर्ण स्तुति का सुंदर वर्णन किया गया है। यह स्तुति पाठकों को शिव भक्ति, आध्यात्मिक शांति और ईश्वरीय अनुग्रह की अनुभूति प्रदान करती है।

देवा ऊचुः –
नमो भवाय शर्वाय रुद्राय वरदाय च ।
पशूनां पतये नित्यमुग्राय च कपर्दिने ॥ १ ॥

महादेवाय भीमाय त्र्यम्बकाय विशाम्पते ।
ईश्वराय भगघ्नाय नमस्त्वन्धकघातिने ॥ २ ॥

नीलग्रीवाय भीमाय वेधसां पतये नमः ।
कुमारशत्रुविघ्नाय कुमारजननाय च ॥ ३ ॥

विलोहिताय धूम्राय धराय क्रथनाय च ।
नित्यं नीलशिखण्डाय शूलिने दिव्यशालिने ॥ ४ ॥

उरगाय सुनेत्राय हिरण्यवसुरेतसे ।
अचिन्त्यायाम्बिकाभर्त्रे सर्वदेवस्तुताय च ॥ ५ ॥

वृषध्वजाय चण्डाय जटिने ब्रह्मचारिणे ।
तप्यमानाय सलिले ब्रह्मण्यायाजिताय च ॥ ६ ॥

विश्वात्मने विश्वसृजे विश्वमावृत्य तिष्ठते ।
नमोऽस्तु दिव्यसेव्याय प्रभवे सर्वसम्पदाम् ॥ ७ ॥

अभिगम्याय काम्याय सव्यापाराय सर्वदा ।
भक्तानुकम्पिने तुभ्यं दिश मे जन्मनो गतिम् ॥ ८ ॥

इति श्रीमत्स्यपुराणे ब्रह्मादिदेवकृत महादेवस्तुतिः ।

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