श्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती स्तुति | Sri Chandrasekharendra Saraswati (Paramacharya) StutiIt takes 1 minutes... to read this article !

Sri Chandrasekharendra Saraswati (Paramacharya) Stuti: श्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती परमाचार्य स्तुति एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली संस्कृत स्तोत्र है, जिसमें महान गुरु श्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती परमाचार्य की भक्ति, गुणगान और आदर्श जीवन का वर्णन किया गया है। यह स्तुति भक्तों को आध्यात्मिक प्रेरणा, गुरु भक्ति की गहरी अनुभूति और मानसिक शांति प्रदान करती है।

शृतिस्मृतिपुराणोक्त धर्ममार्गरतं गुरुम् ।
भक्तानां हित वक्तारं नमस्ये चित्तशुद्धये ॥ १ ॥

अद्वैतानन्दभरितं साधूनामुपकारिणम् ।
सर्वशास्त्रविदं शान्तं नमस्ये चित्तशुद्धये ॥ २ ॥

धर्मभक्तिज्ञानमार्गप्रचारे बद्धकङ्कणम् ।
अनुग्रहप्रदातारं नमस्ये चित्तशुद्धये ॥ ३ ॥

भगवत्पादपादाब्जविनिवेशित चेतसः ।
श्रीचन्द्रशेखरगुरोः प्रसादो मयिजायताम् ॥ ४ ॥

क्षेत्रतीर्थकथाभिज्ञः सच्चिदानन्दविग्रहः ।
चन्द्रशेखर्यवर्योमे सन्निधत्ता सदाहृदि ॥ ५ ॥

पोषणे वेदशास्त्राणां दत्तचित्तमहर्निशम् ।
क्षेत्रयात्रारतं वन्दे सद्गुरुं चन्द्रशेखरम् ॥ ६ ॥

वेदज्ञान् वेदभाष्यज्ञान् कर्तुं यस्य समुद्यमः ।
गुरुर्यस्य महादेवः तं वन्दे चन्द्रशेखरम् ॥ ७ ॥

मणिवाचक गोदादि भक्ति वागमृतैर्बृशम् ।
बालानां भगवद्भक्तिं वर्धयन्तं गुरुं भजे ॥ ८ ॥

लघूपदेशैर्नास्तिक्य भावमर्दन कोविदम् ।
शिवं स्मितमुखं शान्तं प्रणतोऽस्मि जगद्गुरुम् ॥ ९ ॥

विनयेन प्रार्थयेऽहं विद्यां बोधयमे गुरो ।
मार्गमन्यं नजानेऽहं भवन्तं शरणङ्गतः ॥ १० ॥

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