श्री हेरम्ब स्तुतिः (नरनारायणकृता) मूल पाठ, विधि व नियम | Sri Heramba Stuthi NaranarayanakritaIt takes 2 minutes... to read this article !

श्री हेरम्ब स्तुतिः (नरनारायणकृता) पाठ करने की सही विधि, नियम, समय, लाभ और शास्त्रीय महत्व जानें।

श्री हेरम्ब स्तुतिः मूल पाठ

नरनारायणावूचतुः ।
नमस्ते गणनाथाय भक्तसंरक्षकाय ते ।
भक्तेभ्यो भक्तिदात्रे वै हेरम्बाय नमो नमः ॥ १ ॥

अनाथानां विशेषेण नाथाय गजवक्त्रिणे ।
चतुर्बाहुधरायैव लम्बोदर नमोऽस्तु ते ॥ २ ॥

ढुण्ढये सर्वसाराय नानाभेदप्रचारिणे ।
भेदहीनाय देवाय नमश्चिन्तामणे नमः ॥ ३ ॥

सिद्धिबुद्धिपते तुभ्यं सिद्धिबुद्धिस्वरूपिणे ।
योगाय योगनाथाय शूर्पकर्णाय ते नमः ॥ ४ ॥

सगुणाय नमस्तुभ्यं निर्गुणाय परात्मने ।
सर्वपूज्याय सर्वाय देवदेवाय ते नमः ॥ ५ ॥

ब्रह्मणां ब्रह्मणे तुभ्यं सदा शान्तिप्रदायक ।
सुखशान्तिधरायैव नाभिशेषाय ते नमः ॥ ६ ॥

पूर्णाय पूर्णनाथाय पूर्णानन्दाय ते नमः ।
योगमायाप्रचालाय खेलकाय नमो नमः ॥ ७ ॥

अनादये नमस्तुभ्यमादिमध्यान्तमूर्तये ।
स्रष्ट्रे पात्रे च संहर्त्रे सिंहवाहाय ते नमः ॥ ८ ॥

गताभिमानिनां नाथस्त्वमेवात्र न संशयः ।
तेन हेरम्बनामाऽसि विनायक नमोऽस्तु ते ॥ ९ ॥

किं स्तुवस्त्वां गणाधीश योगाभेदमयं परम् ।
अतस्त्वां प्रणमावो वै तेन तुष्टो भव प्रभो ॥ १० ॥

एवमुक्त्वा नतौ तत्र नरनारायणावृषी ।
तावुत्थाप्य गणेशान उवाच घननिस्वनः ॥ ११ ॥

हेरम्ब उवाच ।
वरं चित्तेप्सितं दास्यामि ब्रूतं भक्तियन्त्रितः ।
महाभागावादिमुनी योगमार्गप्रकाशकौ ॥ १२ ॥

भवत्कृतमिदं स्तोत्रं मम प्रीतिकरं भवेत् ।
पठते शृण्वते चैव भुक्तिमुक्तिप्रदं तथा ॥ १३ ॥

यद्यदिच्छति तत्तद्वै दास्यामि स्तोत्रपाठतः ।
मम भक्तिप्रदं चैव भविष्यति सुसिद्धिदम् ॥ १४ ॥

इति श्रीमन्मुद्गले महापुराणे तृतीयेखण्डे नरनारायणकृता श्री हेरम्ब स्तुतिः ॥

श्री हेरम्ब स्तुतिः पाठ की विधि

1. पाठ का समय
  • प्रातः ब्रह्म मुहूर्त या संध्या काल
  • संबंधित देवता का वार विशेष फलदायी
  • विशेष मुहूर्त, ग्रहण काल, जयंती पर सर्वोत्तम
2. आसन व दिशा
  • कुश या ऊनी आसन
  • उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख
3. पूजा सामग्री
  • श्री हेरम्ब की प्रतिमा या चित्र
  • दीपक, धूप, पुष्प
  • पीला या लाल वस्त्र

श्री हेरम्ब स्तुतिः पाठ के नियम

  • स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें
  • मन, वाणी और शरीर से शुद्ध रहें
  • पाठ के समय मौन और एकाग्रता आवश्यक
  • स्तुति का पाठ कम से कम 11 बार
  • भय या संकट में 108 बार पाठ विशेष लाभ देता है

श्री हेरम्ब स्तुतिः के लाभ

  • अकाल मृत्यु और दुर्घटनाओं से रक्षा
  • शत्रु बाधा और षड्यंत्र से सुरक्षा
  • ग्रह दोष और राहु-केतु शांति
  • मानसिक भय, अवसाद और अनिद्रा से मुक्ति
  • घर और साधक के चारों ओर सुरक्षा कवच

विशेष साधना उपाय

यदि किसी व्यक्ति पर लगातार नकारात्मक प्रभाव या भय बना रहता है, तो 21 दिनों तक नियमित रूप से दीपक जलाकर श्री हेरम्ब स्तुतिः का पाठ करें। यह साधना अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • पाठ अधूरा न छोड़ें
  • क्रोध या अशुद्ध अवस्था में पाठ न करें
  • स्तुति का उच्चारण स्पष्ट हो

श्री हेरम्ब स्तुतिः केवल एक स्तोत्र नहीं बल्कि दिव्य सुरक्षा कवच है। शास्त्रों में वर्णित विधि से किया गया पाठ साधक को भयमुक्त, सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है।

हमारी एडिटोरियल टीम अनुभवी वैदिक एवं तांत्रिक साधकों का एक समर्पित समूह है, जिन्होंने वर्षों तक वेद, तंत्र और प्राचीन शास्त्रों का गहन अध्ययन किया है। इन ग्रंथों में वर्णित साधनाओं का विधिवत पुरश्चरण कर, व्यावहारिक अनुभव के साथ ज्ञान को आत्मसात किया गया है। Sadhanas.in पर प्रकाशित प्रत्येक लेख और साधना शुद्ध रूप से प्राचीन शास्त्रों एवं प्रमाणिक ग्रंथों के अध्ययन पर आधारित है, ताकि साधकों को प्रामाणिक, सुरक्षित और सही मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।

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