श्री कुमार स्तुतिः (देव कृतम्) | Sri Kumara Stuti (Deva Krutam)It takes 1 minutes... to read this article !

Sri Kumara Stuti (Deva Krutam): श्री कुमार स्तुति (देव कृतम्) एक दिव्य संस्कृत स्तोत्र है जिसमें भगवान कार्तिकेय/कुमार की महिमा, गुणों और वीरता का भक्ति-पूर्ण वर्णन किया गया है। यह स्तुति पाठक को शक्ति, विजय, भक्ति और मानसिक शांति प्रदान करती है तथा भगवान के प्रति श्रद्धा और समर्पण को प्रोत्साहित करती है।

देवा ऊचुः ।
नमः कल्याणरूपाय नमस्ते विश्वमङ्गल ।
विश्वबन्धो नमस्तेऽस्तु नमस्ते विश्वभावन ॥ २ ॥

नमोऽस्तु ते दानववर्यहन्त्रे
बाणासुरप्राणहराय देव ।
प्रलम्बनाशाय पवित्ररूपिणे
नमो नमः शङ्करतात तुभ्यम् ॥ ३ ॥

त्वमेव कर्ता जगतां च भर्ता
त्वमेव हर्ता शुचिज प्रसीद ।
प्रपञ्चभूतस्तव लोकबिम्बः
प्रसीद शम्भ्वात्मज दीनबन्धो ॥ ४ ॥

देवरक्षाकर स्वामिन् रक्ष नः सर्वदा प्रभो ।
देवप्राणावनकर प्रसीद करुणाकर ॥ ५ ॥

हत्वा ते तारकं दैत्यं परिवारयुतं विभो ।
मोचिताः सकला देवा विपद्भ्यः परमेश्वर ॥ ६ ॥

इति श्रीशिवमहापुराणे रुद्रसंहितायां कुमारखण्डे द्वादशोऽध्याये तारकवधानन्तरं देवैः कृत कुमार स्तुतिः ।

हमारी एडिटोरियल टीम अनुभवी वैदिक एवं तांत्रिक साधकों का एक समर्पित समूह है, जिन्होंने वर्षों तक वेद, तंत्र और प्राचीन शास्त्रों का गहन अध्ययन किया है। इन ग्रंथों में वर्णित साधनाओं का विधिवत पुरश्चरण कर, व्यावहारिक अनुभव के साथ ज्ञान को आत्मसात किया गया है। Sadhanas.in पर प्रकाशित प्रत्येक लेख और साधना शुद्ध रूप से प्राचीन शास्त्रों एवं प्रमाणिक ग्रंथों के अध्ययन पर आधारित है, ताकि साधकों को प्रामाणिक, सुरक्षित और सही मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।

error: Content is protected !!