श्री रामचन्द्र स्तुतिः | Sri Rama Chandra StutiIt takes 1 minutes... to read this article !

Sri Rama Chandra Stuti: श्री रामचन्द्र स्तुति एक पवित्र संस्कृत स्तोत्र है जिसमें भगवान श्री राम की महिमा, आदर्श जीवनाची सीख और भक्ति-भाव से भगवान राम का गुणगान किया गया है। यह स्तुति पाठक को धार्मिक भक्ति, मनोवैज्ञानिक शांति और सनातन मूल्य-ज्ञान की अनुभूति प्रदान करती है।

नमामि भक्तवत्सलं कृपालु शीलकोमलं
भजामि ते पदाम्बुजं ह्यकामिनां स्वधामदम् ।
निकामश्यामसुन्दरं भवाम्बुवार्धिमन्दरं
प्रफुल्लकञ्जलोचनं मदादिदोषमोचनम् ॥ १ ॥

प्रलम्बबाहुविक्रमं प्रभोऽप्रमेयवैभवं
निषङ्गचापसायकं धरं त्रिलोकनायकम् ।
दिनेशवंशमण्डनं महेशचापखण्डनं
मुनीन्द्रचित्तरञ्जनं सुरारिबृन्दभञ्जनम् ॥ २ ॥

मनोजवैरिवन्दितं ह्यजादिदेवसेवितं
विशुद्धबोधविग्रहं समस्तदूषणापहम् ।
नमामि जानकीपतिं सुखाकरं सतां गतिं
भजे सशक्तिसानुजं शचीपतिप्रियानुजम् ॥ ३ ॥

त्वदङ्घ्रिसीम ये नरा भजन्ति हीनमत्सराः
पतन्ति नो भवार्णवे वितर्कवीचिसङ्कुले ।
विविक्तवासिनः सदा भजन्ति मुक्तये मुदा
निरस्य हीन्द्रियादिकं प्रयान्ति ते गतिं स्वकम् ॥ ४ ॥

त्वमेकमद्भुतं प्रभुं निरीहमीश्वरं विभुं
जगद्गुरुं च शाश्वतं तुरीयमेव केवलम् ।
भजामि भाववल्लभं सुयोगिनां सुदुर्लभं
स्वभक्तकल्पपादपं समस्तसेव्यमन्वहम् ॥ ५ ॥

अनूपरूपभूपतिं नतोऽहमुर्विजापतिं
प्रसीद मे नमामि ते पदाब्जभक्ति देहि मे ।
पठन्ति ये स्तवं त्विदं सदादरेण ते पदं
व्रजन्ति नात्र संशयं त्वदीय भक्तिसम्युताः ॥ ६ ॥

इति श्रीरामचन्द्र स्तुतिः ।

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