श्री राम स्तुतिः (तुलसीदास कृतम्) | Tulasidasa Kruta Sri Rama StutiIt takes 1 minutes... to read this article !

Tulasidasa Kruta Sri Rama Stuti: तुलसीदास कृत श्री राम स्तुति एक भाव-पूर्ण हिन्दी स्तोत्र है जिसमें संत तुलसीदास द्वारा भगवान श्री राम की महिमा, आदर्श चरित्र, भक्ति और गुणगान का सुंदर वर्णन है। यह स्तुति पाठक को भक्ति-भाव, धार्मिक श्रद्धा और मानसिक शांति का अनुभव प्रदान करती है।

श्री राम स्तुतिः (तुलसीदास कृतम्)

श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भव भय दारुणं ।
नवकञ्ज लोचन कञ्ज मुख कर कञ्ज पद कञ्जारुणम् ॥ १

कन्दर्प अगणित अमित छवि नव नील नीरज सुन्दरं ।
वटपीत मानहु तडित रुचि शुचि नौमि जनक सुतावरम् ॥ २

भजु दीन बन्धु दिनेश दानव दैत्यवम्शनिकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्दकन्द कौशल चन्द दशरथ नन्दनम् ॥ ३

शिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदार अङ्ग विभूषणं ।
आजानुभुज शरचापधर सङ्ग्राम जित करदूषणम् ॥ ४

इति वदति तुलसीदास शङ्कर शेष मुनि मनरञ्जनं ।
मम हृदयकञ्ज निवास कुरु कामादिखलदलमञ्जनम् ॥ ५

हमारी एडिटोरियल टीम अनुभवी वैदिक एवं तांत्रिक साधकों का एक समर्पित समूह है, जिन्होंने वर्षों तक वेद, तंत्र और प्राचीन शास्त्रों का गहन अध्ययन किया है। इन ग्रंथों में वर्णित साधनाओं का विधिवत पुरश्चरण कर, व्यावहारिक अनुभव के साथ ज्ञान को आत्मसात किया गया है। Sadhanas.in पर प्रकाशित प्रत्येक लेख और साधना शुद्ध रूप से प्राचीन शास्त्रों एवं प्रमाणिक ग्रंथों के अध्ययन पर आधारित है, ताकि साधकों को प्रामाणिक, सुरक्षित और सही मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।

error: Content is protected !!