हिंदू धर्म में विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों, दो आत्माओं और दो पीढ़ियों का पवित्र संगम है। सनातन संस्कृति में बताए गए 16 संस्कारों में ‘विवाह संस्कार’ को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। यही कारण है कि शादी की तारीख तय करने से पहले कुंडली मिलान और ‘शुभ विवाह मुहूर्त’ (Shubh Vivah Muhurat) को अत्यधिक महत्व दिया जाता है।
यदि आप या आपके परिवार में कोई वर्ष 2026 में परिणय सूत्र में बंधने की योजना बना रहा है, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि नए साल में शहनाइयां बजने के लिए कौन-कौन सी तिथियां शुभ रहेंगी। विवाह की सही तारीख का चुनाव न केवल वर-वधू के वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाता है, बल्कि भविष्य में आने वाली कई बाधाओं को भी दूर करता है।
इस विस्तृत और प्रामाणिक लेख “Marriage Muhurat 2026 Calendar: जानें साल 2026 के सभी विवाह मुहूर्त” में, हम आपको हिंदू पंचांग पर आधारित 2026 की सभी शुभ विवाह तिथियों, नक्षत्रों और अबूझ मुहूर्तों की पूरी जानकारी देंगे। इसके साथ ही हम जानेंगे कि विवाह मुहूर्त निकालते समय किन ज्योतिषीय पहलुओं का ध्यान रखा जाता है।
विवाह मुहूर्त का महत्व और ज्योतिषीय आधार
भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विवाह मुहूर्त वह शुभ समय होता है जब ब्रह्मांड में ग्रह और नक्षत्र ऐसी स्थिति में होते हैं जो नवदंपति के लिए सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। बिना मुहूर्त के, या अशुभ समय में किया गया विवाह जीवन में कलह, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और आर्थिक परेशानियां ला सकता है।
विवाह का शुभ मुहूर्त निकालते समय मुख्य रूप से ‘पंचांग’ के पांच अंगों (तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण) का गहराई से अध्ययन किया जाता है।
शुभ विवाह के लिए ग्रहों की स्थिति
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गुरु (बृहस्पति): स्त्री (कन्या) की कुंडली में विवाह और वैवाहिक सुख का मुख्य कारक गुरु ग्रह होता है। विवाह के समय गुरु का उदय होना और मजबूत स्थिति में होना अत्यंत आवश्यक है। यदि गुरु अस्त (Guru Asta) हो, तो विवाह नहीं किया जाता।
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शुक्र (Venus): पुरुष (वर) की कुंडली में पत्नी और वैवाहिक सुख का कारक शुक्र होता है। शुक्र के अस्त (Shukra Asta) होने पर भी हिंदू धर्म में शादियां वर्जित मानी जाती हैं।
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सूर्य और चंद्र का गोचर: त्रिबल शुद्धि (सूर्य, चंद्र और गुरु का बल) देखना विवाह मुहूर्त का सबसे अहम हिस्सा है। सूर्य का शुभ गोचर वर के लिए और चंद्र का शुभ गोचर दोनों के मानसिक सुख के लिए देखा जाता है।
शुभ नक्षत्र
विवाह के लिए सभी 27 नक्षत्रों में से 11 नक्षत्रों को सबसे शुभ माना गया है:
रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद और रेवती। वर्ष 2026 के विवाह मुहूर्त इन्हीं नक्षत्रों की उपस्थिति के आधार पर निकाले गए हैं।
वर्ष 2026 में विवाह के लिए ‘अबूझ मुहूर्त’ (Swayam Siddha Muhurats)
हिंदू धर्म में कुछ विशेष तिथियां ऐसी होती हैं जिन्हें ‘स्वयंसिद्ध मुहूर्त’ या ‘अबूझ मुहूर्त’ कहा जाता है। इसका अर्थ है कि इन तिथियों पर पंचांग देखे बिना, या ग्रह-नक्षत्रों की बहुत गहराई में जाए बिना भी विवाह संपन्न किए जा सकते हैं। वर्ष 2026 में यदि आपको अपनी मनपसंद तारीख नहीं मिल रही है, तो आप इन अबूझ मुहूर्तों पर भी विचार कर सकते हैं:
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वसंत पंचमी (Vasant Panchami): यह दिन माता सरस्वती को समर्पित है और प्रेम के देवता कामदेव की पूजा भी इसी दिन होती है। शादियों के लिए यह दिन अत्यंत भाग्यशाली माना जाता है।
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फुलेरा दूज (Phulera Dooj): फाल्गुन मास में आने वाली फुलेरा दूज को राधा-कृष्ण के प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इस दिन हर पल शुभ होता है और शादियों की भारी भीड़ होती है।
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अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya): वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया या ‘आखा तीज’ कहा जाता है। ‘अक्षय’ का अर्थ है जिसका कभी क्षय (नाश) न हो। इस दिन किया गया विवाह जन्म-जन्मांतर का साथ बनाता है।
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देवउठनी एकादशी (Dev Uthani Ekadashi): चार महीने की निद्रा के बाद जब भगवान विष्णु कार्तिक मास में जागते हैं, तो उस दिन से शादियों का सीजन दोबारा शुरू हो जाता है। यह दिन भी अबूझ मुहूर्त की श्रेणी में आता है।
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भड़ल्या नवमी (Bhadli Navami): आषाढ़ माह की यह तिथि देवशयनी एकादशी से ठीक पहले आती है और इसे विवाह के लिए अंतिम सबसे बड़ा अबूझ मुहूर्त माना जाता है।
(नोट: अबूझ मुहूर्त में भी स्थानीय पंडित आपकी व्यक्तिगत कुंडली के अष्टकूट मिलान को प्राथमिकता दे सकते हैं।)
Marriage Muhurat 2026 Calendar: महीनेवार विवाह मुहूर्त की सूची
वर्ष 2026 में जनवरी, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के महीनों में चातुर्मास और ग्रहों की स्थिति के कारण कोई भी शुभ विवाह मुहूर्त नहीं है। बाकी के महीनों में शादी की ढेरों शुभ तिथियां उपलब्ध हैं। आइए, महीनेवार (Month-wise) पूरी सूची देखते हैं:
फरवरी 2026 में विवाह मुहूर्त (February 2026 Marriage Dates)
फरवरी का महीना शादियों के लिए हमेशा से भारत में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला महीना रहा है। इस समय न तो बहुत अधिक ठंड होती है और न ही गर्मी, जो इसे डेस्टिनेशन वेडिंग और आउटडोर इवेंट्स के लिए परफेक्ट बनाता है। साल 2026 की शुरुआत में ही फरवरी में शादियों के बहुत शानदार मुहूर्त बन रहे हैं।
| दिनांक | दिन | नक्षत्र |
| 5 फरवरी 2026 | गुरुवार | उत्तरा फाल्गुनी, हस्त |
| 6 फरवरी 2026 | शुक्रवार | हस्त |
| 8 फरवरी 2026 | रविवार | स्वाती |
| 10 फरवरी 2026 | मंगलवार | अनुराधा |
| 12 फरवरी 2026 | गुरुवार | मूल |
| 14 फरवरी 2026 | शनिवार | उत्तराषाढ़ा |
| 19 फरवरी 2026 | गुरुवार | उत्तरा भाद्रपद |
| 20 फरवरी 2026 | शुक्रवार | उत्तरा भाद्रपद, रेवती |
| 21 फरवरी 2026 | शनिवार | रेवती |
| 24 फरवरी 2026 | मंगलवार | रोहिणी |
| 25 फरवरी 2026 | बुधवार | मृगशिरा |
| 26 फरवरी 2026 | गुरुवार | मृगशिरा |
प्लानिंग टिप: फरवरी 2026 में 14 फरवरी (वैलेंटाइन डे) के दिन शनिवार का शानदार मुहूर्त पड़ रहा है। यह दिन युवाओं के बीच अत्यधिक लोकप्रिय रहेगा, इसलिए वेन्यू और वेंडर्स की बुकिंग कम से कम 8-10 महीने पहले कर लें।
मार्च 2026 में विवाह मुहूर्त (March 2026 Marriage Dates)
मार्च का महीना वसंत ऋतु का उल्लास लेकर आता है। इस महीने होली का त्योहार भी होता है और मौसम में एक खास तरह की मिठास घुली होती है। 2026 में मार्च महीने में विवाह के लिए भरपूर मुहूर्त उपलब्ध हैं।
| दिनांक | दिन | नक्षत्र |
| 2 मार्च 2026 | सोमवार | मघा |
| 3 मार्च 2026 | मंगलवार | पूर्वा फाल्गुनी, मघा |
| 4 मार्च 2026 | बुधवार | उत्तरा फाल्गुनी |
| 7 मार्च 2026 | शनिवार | स्वाती |
| 8 मार्च 2026 | रविवार | स्वाती |
| 9 मार्च 2026 | सोमवार | अनुराधा |
| 10 मार्च 2026 | मंगलवार | स्वाती |
| 11 मार्च 2026 | बुधवार | मूल |
| 12 मार्च 2026 | गुरुवार | मूल, अनुराधा |
| 14 मार्च 2026 | शनिवार | मूल |
| 15 मार्च 2026 | रविवार | मूल |
| 16 मार्च 2026 | सोमवार | उत्तराषाढ़ा |
| 17 मार्च 2026 | मंगलवार | उत्तराषाढ़ा |
| 22 मार्च 2026 | रविवार | उत्तरा भाद्रपद |
| 23 मार्च 2026 | सोमवार | रेवती |
| 27 मार्च 2026 | शुक्रवार | रोहिणी, मृगशिरा |
| 28 मार्च 2026 | शनिवार | मृगशिरा |
प्लानिंग टिप: मार्च के दौरान फूलों की सजावट (Floral themes) बहुत खूबसूरत लगती है। चूंकि मार्च में तिथियां लगातार हैं, इसलिए बैंक्वेट हॉल की उपलब्धता एक चुनौती बन सकती है।
अप्रैल 2026 में विवाह मुहूर्त (April 2026 Marriage Dates)
अप्रैल में भारत के अधिकांश हिस्सों में गर्मियां शुरू हो जाती हैं, लेकिन यह महीना हिंदू पंचांग के अनुसार शादियों के लिए बहुत पवित्र माना जाता है। इसी महीने हिंदू नववर्ष (नवसंवत्सर) की भी शुरुआत होती है।
| दिनांक | दिन | नक्षत्र |
| 2 अप्रैल 2026 | गुरुवार | पूर्वा फाल्गुनी, मघा |
| 3 अप्रैल 2026 | शुक्रवार | उत्तरा फाल्गुनी |
| 4 अप्रैल 2026 | शनिवार | उत्तरा फाल्गुनी, हस्त |
| 6 अप्रैल 2026 | सोमवार | स्वाती |
| 8 अप्रैल 2026 | बुधवार | अनुराधा |
| 9 अप्रैल 2026 | गुरुवार | अनुराधा |
| 10 अप्रैल 2026 | शुक्रवार | मूल |
| 11 अप्रैल 2026 | शनिवार | मूल |
| 12 अप्रैल 2026 | रविवार | उत्तराषाढ़ा |
| 13 अप्रैल 2026 | सोमवार | उत्तराषाढ़ा |
| 15 अप्रैल 2026 | बुधवार | उत्तरा भाद्रपद |
| 18 अप्रैल 2026 | शनिवार | उत्तरा भाद्रपद |
| 19 अप्रैल 2026 | रविवार | उत्तरा भाद्रपद, रेवती |
| 20 अप्रैल 2026 | सोमवार | रोहिणी |
| 21 अप्रैल 2026 | मंगलवार | मृगशिरा |
| 25 अप्रैल 2026 | शनिवार | मघा |
| 26 अप्रैल 2026 | रविवार | मघा |
| 27 अप्रैल 2026 | सोमवार | उत्तरा फाल्गुनी |
| 28 अप्रैल 2026 | मंगलवार | उत्तरा फाल्गुनी, हस्त |
| 29 अप्रैल 2026 | बुधवार | हस्त |
प्लानिंग टिप: अप्रैल की शादियों में यदि आप दिन की शादी (Day Wedding) प्लान कर रहे हैं, तो एसी (AC) बैंक्वेट हॉल्स को प्राथमिकता दें क्योंकि दिन में तेज धूप हो सकती है।
मई 2026 में विवाह मुहूर्त (May 2026 Marriage Dates)
मई का महीना स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टियों के कारण शादी-ब्याह के लिए सबसे ज्यादा चुना जाता है। इस महीने में दूर-दराज के रिश्तेदार आसानी से शादी में शामिल हो सकते हैं। साल 2026 में मई के महीने में कुछ बेहद शक्तिशाली और शुभ नक्षत्रों का योग बन रहा है।
| दिनांक | दिन | नक्षत्र |
| 1 मई 2026 | शुक्रवार | स्वाती, हस्त |
| 2 मई 2026 | शनिवार | हस्त |
| 3 मई 2026 | रविवार | अनुराधा, स्वाती |
| 5 मई 2026 | मंगलवार | मूल |
| 6 मई 2026 | बुधवार | मूल |
| 7 मई 2026 | गुरुवार | उत्तराषाढ़ा |
| 8 मई 2026 | शुक्रवार | उत्तराषाढ़ा |
| 13 मई 2026 | बुधवार | उत्तरा भाद्रपद, रेवती |
| 14 मई 2026 | गुरुवार | रेवती |
प्लानिंग टिप: गर्मियों का चरम होने के कारण शाम (Evening) या गोधूलि बेला के मुहूर्त विवाह के लिए ज्यादा आरामदायक रहते हैं। मेहमानों के लिए ठंडे पेय पदार्थों (Mocktails/Juices) की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
जून 2026 में विवाह मुहूर्त (June 2026 Marriage Dates)
जून के महीने में मानसून दस्तक देना शुरू कर देता है। गर्मी से थोड़ी राहत मिलने लगती है और प्रकृति अपने सबसे खूबसूरत रूप में होती है। वर्ष 2026 में जून के दूसरे पखवाड़े में शादियों के लिए कई अच्छे मुहूर्त हैं।
| दिनांक | दिन | नक्षत्र |
| 19 जून 2026 | शुक्रवार | (पंचांग अनुसार शुभ) |
| 20 जून 2026 | शनिवार | (पंचांग अनुसार शुभ) |
| 21 जून 2026 | रविवार | उत्तरा फाल्गुनी |
| 22 जून 2026 | सोमवार | हस्त |
| 23 जून 2026 | मंगलवार | हस्त |
| 24 जून 2026 | बुधवार | स्वाती |
| 25 जून 2026 | गुरुवार | स्वाती |
| 26 जून 2026 | शुक्रवार | अनुराधा |
| 27 जून 2026 | शनिवार | अनुराधा |
| 28 जून 2026 | रविवार | (पंचांग अनुसार शुभ) |
| 29 जून 2026 | सोमवार | मूल |
प्लानिंग टिप: चूंकि जून में बारिश की संभावना होती है, इसलिए हमेशा एक ‘प्लान बी’ (Plan B) तैयार रखें। वाटरप्रूफ पंडाल या पूरी तरह से इंडोर (Indoor) आयोजन को ही चुनें।
जुलाई 2026 में विवाह मुहूर्त (July 2026 Marriage Dates)
जुलाई के महीने में ‘देवशयनी एकादशी’ (Devshayani Ekadashi) आती है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, इस दिन से भगवान विष्णु क्षीरसागर में चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं और ‘चातुर्मास’ (Chaturmas) की शुरुआत हो जाती है। जुलाई 2026 में चातुर्मास शुरू होने से पहले विवाह के लिए गिने-चुने शुभ दिन ही बचे हैं।
| दिनांक | दिन | नक्षत्र |
| 1 जुलाई 2026 | बुधवार | उत्तराषाढ़ा |
| 2 जुलाई 2026 | गुरुवार | (पंचांग अनुसार शुभ) |
| 3 जुलाई 2026 | शुक्रवार | (पंचांग अनुसार शुभ) |
| 4 जुलाई 2026 | शनिवार | (पंचांग अनुसार शुभ) |
| 6 जुलाई 2026 | सोमवार | उत्तरा भाद्रपद |
| 7 जुलाई 2026 | मंगलवार | उत्तरा भाद्रपद |
| 8 जुलाई 2026 | बुधवार | (पंचांग अनुसार शुभ) |
| 9 जुलाई 2026 | गुरुवार | (पंचांग अनुसार शुभ) |
| 11 जुलाई 2026 | शनिवार | रोहिणी |
| 12 जुलाई 2026 | रविवार | (पंचांग अनुसार शुभ) |
प्लानिंग टिप: इसके बाद सीधा नवंबर में शादियां होंगी, इसलिए जिन लोगों को जल्दी शादी करनी है, उनके लिए जुलाई का पहला हफ्ता आखिरी मौका होगा।
अगस्त, सितंबर, और अक्टूबर 2026: चातुर्मास और खरमास
वर्ष 2026 के अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के महीनों में कोई भी शुभ विवाह मुहूर्त नहीं है।
इसके पीछे क्या कारण है?
हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार, देवशयनी एकादशी से लेकर देवउठनी एकादशी तक की चार महीने की अवधि को ‘चातुर्मास’ (Chaturmas) कहा जाता है। इस दौरान भगवान श्री हरि विष्णु पाताल लोक में राजा बलि के यहां विश्राम करते हैं। चूंकि भगवान विष्णु सृष्टि के पालनहार और सभी मांगलिक कार्यों के साक्षी हैं, इसलिए उनके विश्राम काल में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य पूरी तरह से वर्जित माने जाते हैं।
इसके अलावा, कई बार इन्हीं महीनों में ‘खरमास’ (Kharmas) भी लगता है (जब सूर्य धनु या मीन राशि में गोचर करता है), और गुरु या शुक्र ग्रह अस्त (Combust) हो जाते हैं। ज्योतिष में गुरु और शुक्र के अस्त होने पर भी शादी-विवाह पर रोक लग जाती है।
इस समय का उपयोग आप अपनी शादी की शॉपिंग (Bridal Shopping), हनीमून की प्लानिंग और नए घर की तैयारियों के लिए कर सकते हैं। यह अवधि आपको अपनी शादी की भागदौड़ भरी तैयारियों के लिए पर्याप्त समय देती है।
नवंबर 2026 में विवाह मुहूर्त (November 2026 Marriage Dates)
कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी (Dev Uthani Ekadashi) के दिन भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं और इसी के साथ विवाह का पावन सीजन फिर से लौट आता है। सर्दियों की शुरुआत के साथ नवंबर की शादियों का अपना एक अलग ही आकर्षण होता है।
| दिनांक | दिन | नक्षत्र |
| 21 नवंबर 2026 | शनिवार | रेवती |
| 24 नवंबर 2026 | मंगलवार | रोहिणी |
| 25 नवंबर 2026 | बुधवार | रोहिणी, मृगशिरा |
| 26 नवंबर 2026 | गुरुवार | मृगशिरा |
प्लानिंग टिप: नवंबर में मुहूर्त बहुत कम (केवल 4) हैं। पूरे भारत में इन 4 दिनों में लाखों शादियां संपन्न होंगी। अगर आप नवंबर 2026 में शादी करने का मन बना रहे हैं, तो अभी से ही वेन्यू, कैटरर, मेकअप आर्टिस्ट और फोटोग्राफर को बुक कर लें, अन्यथा बाद में भारी निराशा हाथ लग सकती है।
दिसंबर 2026 में विवाह मुहूर्त (December 2026 Marriage Dates)
दिसंबर का महीना सर्दियों की शानदार डेस्टिनेशन वेडिंग्स, भारी-भरकम लहंगों और गर्म व्यंजनों के लिए जाना जाता है। साल 2026 का अंत शादियों के ढेरों मुहूर्तों के साथ होगा।
| दिनांक | दिन | नक्षत्र |
| 1 दिसंबर 2026 | मंगलवार | (पंचांग अनुसार शुभ) |
| 2 दिसंबर 2026 | बुधवार | उत्तरा फाल्गुनी |
| 3 दिसंबर 2026 | गुरुवार | उत्तरा फाल्गुनी, हस्त |
| 4 दिसंबर 2026 | शुक्रवार | हस्त |
| 5 दिसंबर 2026 | शनिवार | स्वाती |
| 6 दिसंबर 2026 | रविवार | स्वाती |
| 11 दिसंबर 2026 | शुक्रवार | अनुराधा, उत्तराषाढ़ा |
| 12 दिसंबर 2026 | शनिवार | मूल, उत्तराषाढ़ा |
| 13 दिसंबर 2026 | रविवार | (पंचांग अनुसार शुभ) |
| 14 दिसंबर 2026 | सोमवार | उत्तराषाढ़ा |
| 19 दिसंबर 2026 | शनिवार | उत्तरा भाद्रपद, पूर्वा भाद्रपद |
| 20 दिसंबर 2026 | रविवार | उत्तरा भाद्रपद |
| 21 दिसंबर 2026 | सोमवार | रेवती |
| 27 दिसंबर 2026 | रविवार | मृगशिरा |
प्लानिंग टिप: सर्दियों की शादियों में मेहमानों के लिए हीटर या अलाव (Bonfire) की व्यवस्था अवश्य करें। मेन्यू में गर्म सूप, केसरिया दूध और हलवे जैसी चीजें शामिल करें जो ठंड में लोगों को आनंदित करें।
विवाह मुहूर्त तय करने से पहले ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
“Marriage Muhurat 2026 Calendar” से तारीख चुनने के बाद भी, एक सफल और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण ज्योतिषीय प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है।
1. कुंडली मिलान (Kundali Milan / Ashtakoot Guna Milan)
सनातन धर्म में विवाह से पहले लड़का और लड़की की जन्म कुंडली मिलाना सबसे अहम माना जाता है। इसे अष्टकूट गुण मिलान कहते हैं। कुल 36 गुणों (Gunas) में से विवाह की स्वीकृति के लिए कम से कम 18 गुणों का मिलना अनिवार्य माना गया है। यदि गुण 18 से कम मिलते हैं, तो उस रिश्ते को आगे बढ़ाने से परहेज किया जाता है।
अष्टकूट मिलान में 8 कूट देखे जाते हैं: वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, भकूट और नाड़ी। इनमें से नाड़ी और भकूट का दोष सबसे गंभीर माना जाता है।
2. मांगलिक दोष (Manglik Dosh)
जन्म कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति विवाह में बड़ी भूमिका निभाती है। यदि किसी की कुंडली में लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में मंगल बैठा हो, तो उसे ‘मांगलिक’ कहा जाता है। नियम के अनुसार, एक मांगलिक की शादी दूसरे मांगलिक से ही होनी चाहिए ताकि मंगल का अशुभ प्रभाव शांत हो जाए और वैवाहिक जीवन में कलह या दुर्घटना का भय न रहे।
3. भद्रा काल और राहुकाल
शुभ विवाह मुहूर्त हमेशा ‘भद्रा काल’ और ‘राहुकाल’ को टालकर निकाला जाता है। भद्रा के समय में किया गया कोई भी शुभ कार्य सिद्ध नहीं होता। इसलिए पंडित जी द्वारा दी गई निश्चित समय-सीमा (Time Window) के भीतर ही फेरे (Pheras) और सिंदूरदान जैसी रस्में पूरी कर लेनी चाहिए।
साल 2026 के लिए वेडिंग प्लानिंग टिप्स (Wedding Planning Tips for 2026)
अगर आपने ऊपर दिए गए Marriage Muhurat 2026 Calendar में से अपनी तारीख पक्की कर ली है, तो अब समय है प्लानिंग शुरू करने का:
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बजट निर्धारण (Budgeting): सबसे पहले यह तय करें कि आप शादी पर कितना खर्च करना चाहते हैं। 2026 में महंगाई दर को ध्यान में रखते हुए अपने बजट का 15% अतिरिक्त (Buffer) हमेशा सुरक्षित रखें।
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एडवांस बुकिंग (Advance Booking): फरवरी, मई और नवंबर 2026 में भारी ‘साया’ (Wedding Rush) रहेगा। इसलिए अपनी शादी के 6 से 8 महीने पहले ही बैंक्वेट हॉल, कैटरर, और विशेष रूप से ब्राइडल मेकअप आर्टिस्ट की बुकिंग पक्की कर लें।
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ट्रेंड्स (Wedding Trends): 2026 में ‘सस्टेनेबल वेडिंग्स’ (Eco-friendly weddings) और ‘डे टाइम पेस्टल थीम वेडिंग्स’ (Day time pastel theme) का काफी चलन रहेगा। भारी लाल लहंगों के बजाय पेस्टल शेड्स, आइवरी (Ivory) और हल्के रंग ब्राइड्स की पहली पसंद बन रहे हैं।
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हनीमून प्लानिंग: शादी की तारीख पक्की होते ही अपनी हनीमून टिकट्स और होटल्स भी बुक कर लें। लास्ट मिनट की बुकिंग बहुत महंगी पड़ती है और पसंदीदा रिसॉर्ट्स भी फुल हो जाते हैं।
भारतीय शादियां एक भव्य उत्सव हैं, जो रीति-रिवाजों, भावनाओं और ग्रहों के आशीर्वाद से परिपूर्ण होती हैं। इस लेख “Marriage Muhurat 2026 Calendar: जानें साल 2026 के सभी विवाह मुहूर्त” के माध्यम से हमने आपको वर्ष 2026 की सभी शुभ तिथियों और उनके ज्योतिषीय आधार से अवगत कराया है।
हालांकि ऊपर दी गई सभी तिथियां हिंदू पंचांग के अनुसार पूरी तरह से शुद्ध और प्रामाणिक हैं, लेकिन फिर भी हम यह सलाह देंगे कि अंतिम निर्णय लेने से पहले अपने परिवार के कुलगुरु या किसी विद्वान ज्योतिषी (Astrologer) से वर-वधू की जन्म कुंडली और नाम राशि के आधार पर व्यक्तिगत मुहूर्त अवश्य निकलवाएं।
यह नव वर्ष और आने वाला वैवाहिक जीवन आपके लिए प्रेम, विश्वास और खुशियों से भरा हो, यही हमारी मंगल कामना है। आपको विवाह की अग्रिम शुभकामनाएं!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या बिना मुहूर्त (अबूझ मुहूर्त) के विवाह किया जा सकता है?
उत्तर: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया, वसंत पंचमी, देवउठनी एकादशी और फुलेरा दूज जैसी तिथियों को ‘अबूझ मुहूर्त’ माना जाता है। इन तिथियों पर पंचांग में मुहूर्त न होने पर भी विवाह संपन्न किए जा सकते हैं, क्योंकि ये दिन स्वयं सिद्ध होते हैं। हालांकि, फिर भी कुंडली मिलान करना बहुत आवश्यक है।
प्रश्न 2: खरमास (Kharmas) क्या होता है और इसमें शादी क्यों नहीं होती?
उत्तर: जब सूर्य देव धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस एक महीने की अवधि को ‘खरमास’ या ‘मलमास’ कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दौरान सूर्य का तेज कम हो जाता है और मांगलिक कार्यों के लिए आवश्यक ऊर्जा नहीं मिल पाती। इसलिए खरमास के दौरान हिंदू धर्म में विवाह वर्जित माने गए हैं।
प्रश्न 3: साल 2026 में विवाह के लिए सबसे अधिक मुहूर्त किस महीने में हैं?
उत्तर: पंचांग के अनुसार, साल 2026 में विवाह के सबसे ज्यादा मुहूर्त फरवरी, मार्च, अप्रैल और दिसंबर के महीने में उपलब्ध हैं। इन महीनों में ग्रहों की स्थिति अत्यंत शुभ है।
प्रश्न 4: यदि लड़का और लड़की के गुण 18 से कम मिलें, तो क्या शादी हो सकती है?
उत्तर: शास्त्रों के अनुसार 36 में से कम से कम 18 गुणों का मिलना अनिवार्य है। यदि गुण 18 से कम मिल रहे हैं, तो विवाह की अनुमति नहीं दी जाती क्योंकि इससे भविष्य में वैचारिक मतभेद, कलह और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां आ सकती हैं। कुछ विशेष परिस्थितियों में पंडित शांति पूजा के बाद अनुमति दे सकते हैं, लेकिन यह जोखिम भरा होता है।
प्रश्न 5: क्या कोर्ट मैरिज (Court Marriage) के लिए भी शुभ मुहूर्त देखना आवश्यक है?
उत्तर: कानूनी तौर पर कोर्ट मैरिज कभी भी की जा सकती है, उसके लिए मुहूर्त की बाध्यता नहीं है। लेकिन यदि आप हिंदू मान्यताओं का पालन करते हैं और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए ग्रहों का आशीर्वाद चाहते हैं, तो शुभ मुहूर्त के दिन ही मैरिज रजिस्ट्रार के सामने हस्ताक्षर करना या उसके बाद फेरे लेना अधिक श्रेयस्कर माना जाता है।