निर्जला एकादशी 2026 पर इन 6 जगहों पर जलाएं दीपक, मां लक्ष्मी भर देंगी धन-धान्य से घर
सनातन धर्म में व्रतों के राजा ‘एकादशी’ का स्थान सबसे सर्वोच्च है और जब बात ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की ‘निर्जला एकादशी’ (Nirjala Ekadashi) की हो, तो इसका महत्व …
सनातन धर्म में व्रतों के राजा ‘एकादशी’ का स्थान सबसे सर्वोच्च है और जब बात ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की ‘निर्जला एकादशी’ (Nirjala Ekadashi) की हो, तो इसका महत्व …
सनातन हिंदू धर्म में माता जगदम्बा की आराधना के लिए नवरात्रि का पर्व सबसे पवित्र और फलदायी माना जाता है। वर्ष में कुल चार नवरात्रियां आती हैं, जिनमें से दो …
सनातन धर्म में शक्ति स्वरूपा माता जगदम्बा की उपासना का सबसे पावन समय ‘नवरात्रि’ माना जाता है। वर्ष भर में कुल चार बार नवरात्रि का पर्व आता है। इनमें से …
सनातन धर्म में शक्ति की देवी मां जगदम्बा की आराधना के लिए ‘नवरात्रि’ को सबसे उत्तम समय माना गया है। जहां चैत्र और शारदीय नवरात्रि में माता के सात्विक (नवदुर्गा) …
सनातन धर्म में ‘उपवास’ (व्रत) का अर्थ केवल भूखा रहना नहीं है, बल्कि अपनी इन्द्रियों, विचारों और आहार पर नियंत्रण पाकर ईश्वर के समीप जाना है। एक वर्ष में आने …
सनातन धर्म में नवरात्रि का पर्व माता जगदम्बा की असीम कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने का सबसे पवित्र समय माना जाता है। लेकिन जब बात ‘गुप्त नवरात्रि’ (Gupt Navratri) की …
सनातन धर्म और हिंदू पंचांग के अनुसार, शक्ति की उपासना का महापर्व ‘नवरात्रि’ वर्ष में चार बार आता है। इनमें से चैत्र और अश्विन (शारदीय) मास की नवरात्रि को ‘प्रकट …
सनातन धर्म और शाक्त परंपरा (शक्ति की उपासना) में ‘नवरात्रि’ का पर्व केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Energy) को अपने भीतर जागृत करने का एक विज्ञान है। …
सनातन धर्म में शक्ति की उपासना का सबसे बड़ा पर्व ‘नवरात्रि’ माना जाता है। एक वर्ष में कुल चार नवरात्रियां आती हैं, जिनमें से दो ‘प्रकट’ (चैत्र और शारदीय) होती …
सनातन हिंदू पंचांग के अनुसार, एक वर्ष में कुल 24 एकादशियां आती हैं। इन सभी एकादशियों में भगवान श्री हरि विष्णु की आराधना की जाती है। लेकिन, ज्येष्ठ मास के …