Jyeshtha Shani Pradosh Vrat 2026: शिव और शनिदेव को प्रसन्न करने के 7 अचूक उपाय
सनातन धर्म में व्रतों और उपवासों का अपना एक विशेष आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। जब बात भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने की आती है, तो ‘प्रदोष व्रत’ (Pradosh …
सनातन धर्म में व्रतों और उपवासों का अपना एक विशेष आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। जब बात भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने की आती है, तो ‘प्रदोष व्रत’ (Pradosh …
सनातन धर्म में भगवान शिव को प्रसन्न करने और उनके आशीर्वाद से जीवन के सभी कष्टों को दूर करने के लिए ‘प्रदोष व्रत’ (Pradosh Vrat) का अत्यधिक महत्व है। हर …
सनातन धर्म में व्रतों की सफलता पूरी तरह से ‘समय’ (काल और मुहूर्त) पर निर्भर करती है। आज 23 जून है और साल के सबसे बड़े और सबसे कठिन व्रत— …
सनातन धर्म में भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए ‘प्रदोष व्रत’ (Pradosh Vrat) को सबसे श्रेष्ठ और फलदायी माना गया है। हर माह के दोनों पक्षों …
सनातन धर्म में ‘माता गायत्री’ (Mata Gayatri) को सर्वोच्च देवी का स्थान प्राप्त है। उन्हें समस्त वेदों, शास्त्रों, ज्ञान और विज्ञान की जननी यानी ‘वेदमाता’ (Vedamata) कहा जाता है। हिंदू …
सनातन धर्म में प्रकृति और जीवों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने की अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली परंपरा रही है। इसी परंपरा का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण हिस्सा …
सनातन धर्म में श्रावण (Sawan) का महीना भगवान शिव और उनकी कृपा प्राप्त करने का सबसे पवित्र समय माना जाता है। भगवान भोलेनाथ के गले का आभूषण और उनके सबसे …
सनातन धर्म में श्रावण (सावन) का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। भगवान शिव के गले का हार वासुकि नाग हैं, इसलिए सावन के …
सनातन धर्म और हिंदू पंचांग में ‘चातुर्मास’ (Chaturmas) का समय अत्यंत पवित्र, रहस्यमयी और साधना का काल माना जाता है। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से लेकर …
सनातन धर्म और हिंदू पंचांग में ‘चातुर्मास’ (Chaturmas) का समय आत्म-संयम, तपस्या, जप, और ध्यान का सबसे पवित्र काल माना जाता है। “चातुर्मास” शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है— …