श्री शनैश्चर नाम स्तुतिः मूल पाठ, विधि व नियम | Sri Shani Nama StutiIt takes 2 minutes... to read this article !

श्री शनैश्चर नाम स्तुतिः पाठ करने की सही विधि, नियम, समय, लाभ और शास्त्रीय महत्व जानें।

श्री शनैश्चर नाम स्तुतिः मूल पाठ

श्रीशनिरुवाच ।
क्रोडं नीलाञ्जनप्रख्यं नीलवर्णसमस्रजम् ।
छायामार्तण्डसम्भूतं नमस्यामि शनैश्चरम् ॥ १ ॥

नमोऽर्कपुत्राय शनैश्चराय
नीहारवर्णाञ्चित मेचकाय ।
श्रुत्वा रहस्यं भवकामदश्च
फलप्रदो मे भव सूर्यपुत्र ॥ २ ॥

नमोऽस्तु प्रेतराजाय कृष्णदेहाय वै नमः ।
शनैश्चराय क्रूराय शुद्धबुद्धिप्रदायिने ॥ ३ ॥

य एभिर्नामभिः स्तौति तस्य तुष्टो भवाम्यहम् ।
मदीयं तु भयं तस्य स्वप्नेऽपि न भविष्यति ॥ ४ ॥

इति श्रीभविष्यपुराणे उत्तरपर्वे चतुर्दशोत्तरशततमोऽध्याये श्री शनैश्चर नाम स्तुतिः ।

श्री शनैश्चर नाम स्तुतिः पाठ की विधि

1. पाठ का समय
  • प्रातः ब्रह्म मुहूर्त या संध्या काल
  • संबंधित देवता का वार विशेष फलदायी
  • विशेष मुहूर्त, ग्रहण काल, जयंती पर सर्वोत्तम
2. आसन व दिशा
  • कुश या ऊनी आसन
  • उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख
3. पूजा सामग्री
  • श्री शनैश्चर नाम की प्रतिमा या चित्र
  • दीपक, धूप, पुष्प
  • पीला या लाल वस्त्र

श्री शनैश्चर नाम स्तुतिः पाठ के नियम

  • स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें
  • मन, वाणी और शरीर से शुद्ध रहें
  • पाठ के समय मौन और एकाग्रता आवश्यक
  • स्तुति का पाठ कम से कम 11 बार
  • भय या संकट में 108 बार पाठ विशेष लाभ देता है

श्री शनैश्चर नाम स्तुतिः के लाभ

  • अकाल मृत्यु और दुर्घटनाओं से रक्षा
  • शत्रु बाधा और षड्यंत्र से सुरक्षा
  • ग्रह दोष और राहु-केतु शांति
  • मानसिक भय, अवसाद और अनिद्रा से मुक्ति
  • घर और साधक के चारों ओर सुरक्षा कवच

विशेष साधना उपाय

यदि किसी व्यक्ति पर लगातार नकारात्मक प्रभाव या भय बना रहता है, तो 21 दिनों तक नियमित रूप से दीपक जलाकर श्री शनैश्चर नाम स्तुतिः का पाठ करें। यह साधना अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • पाठ अधूरा न छोड़ें
  • क्रोध या अशुद्ध अवस्था में पाठ न करें
  • स्तुति का उच्चारण स्पष्ट हो

श्री शनैश्चर नाम स्तुतिः केवल एक स्तुतिः नहीं बल्कि दिव्य सुरक्षा कवच है। शास्त्रों में वर्णित विधि से किया गया पाठ साधक को भयमुक्त, सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है।

Sadhanas Editorial Desk

हमारी एडिटोरियल टीम अनुभवी वैदिक एवं तांत्रिक साधकों का एक समर्पित समूह है, जिन्होंने वर्षों तक वेद, तंत्र और प्राचीन शास्त्रों का गहन अध्ययन किया है। इन ग्रंथों में वर्णित साधनाओं का विधिवत पुरश्चरण कर, व्यावहारिक अनुभव के साथ ज्ञान को आत्मसात किया गया है। Sadhanas.in पर प्रकाशित प्रत्येक लेख और साधना शुद्ध रूप से प्राचीन शास्त्रों एवं प्रमाणिक ग्रंथों के अध्ययन पर आधारित है, ताकि साधकों को प्रामाणिक, सुरक्षित और सही मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।

error: Content is protected !!