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Property Purchase Muhurat 2026: साल 2026 में प्रॉपर्टी (जमीन/मकान) खरीदने के शुभ मुहूर्तIt takes 13 minutes... to read this article !

अपना खुद का घर, एक जमीन का टुकड़ा या व्यापार के लिए कोई कमर्शियल प्रॉपर्टी (Commercial Property) खरीदना मनुष्य के जीवन के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक होता है। यह केवल एक आर्थिक निवेश नहीं है, बल्कि यह आपके और आपके परिवार के सुरक्षित भविष्य की नींव है। भारतीय संस्कृति और वैदिक ज्योतिष में, जीवन के इस इतने बड़े निवेश को हमेशा एक ‘शुभ मुहूर्त’ (Shubh Muhurat) में करने की सलाह दी जाती है।

माना जाता है कि शुभ मुहूर्त में खरीदी गई प्रॉपर्टी (Property) भविष्य में विवादों से मुक्त रहती है, उसकी कीमत (Value) में वृद्धि होती है और वह परिवार के लिए सुख, शांति और समृद्धि लेकर आती है। इसके विपरीत, यदि जमीन या फ्लैट गलत समय, राहुकाल या अशुभ नक्षत्र में खरीदा जाए, तो अक्सर कानूनी विवाद, बिल्डर के साथ धोखाधड़ी या प्रॉपर्टी का फंसा रहना जैसी समस्याएं सामने आती हैं।

यदि आप वर्ष 2026 में अपने सपनो का घर, प्लॉट या फ्लैट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह विस्तृत और शोधपरक लेख आपके लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका है। इस लेख में हम आपको “Property Purchase Muhurat 2026” की पूरी महीनेवार सूची (Month-wise Calendar), शुभ तिथियां, उत्तम नक्षत्र, रजिस्ट्री के नियम और प्रॉपर्टी खरीदते समय ध्यान रखने योग्य वास्तु टिप्स के बारे में गहराई से बताएंगे।

1. प्रॉपर्टी खरीदने का ज्योतिषीय आधार: किन बातों का रखा जाता है ध्यान?

वैदिक ज्योतिष में जमीन, अचल संपत्ति (Real Estate) और भवन निर्माण का मुख्य कारक ग्रह ‘मंगल’ (Mars) को माना जाता है। इसके अलावा संपत्ति में वृद्धि और कानूनी मामलों में सफलता के लिए ‘गुरु’ (Jupiter) और ‘शनि’ (Saturn) की स्थिति भी देखी जाती है।

प्रॉपर्टी की बुकिंग, टोकन मनी (Token Money) देने या रजिस्ट्री (Registration) कराने के लिए पंचांग के कुछ विशेष अंगों का मिलान किया जाता है:

प्रॉपर्टी खरीदने के शुभ वार (Auspicious Days)

  • गुरुवार (Thursday) और शुक्रवार (Friday): प्रॉपर्टी खरीदने, टोकन मनी देने और रजिस्ट्री कराने के लिए ये दोनों दिन सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं।

  • सोमवार (Monday) और बुधवार (Wednesday): ये दिन भी नए सौदे (New Deals) और एग्रीमेंट साइन करने के लिए अत्यधिक शुभ होते हैं।

  • मंगलवार (Tuesday): चूंकि मंगल भूमि का कारक है, इसलिए कई लोग मंगलवार को प्रॉपर्टी बुक करते हैं, लेकिन रजिस्ट्री या पैसे का बड़ा लेन-देन इस दिन करने से बचना चाहिए।

  • शनिवार (Saturday) और रविवार (Sunday): आमतौर पर सरकारी कार्यालय (Registry Offices) इन दिनों बंद रहते हैं, लेकिन यदि आप केवल बिल्डर को टोकन दे रहे हैं, तो शुभ नक्षत्र होने पर ऐसा किया जा सकता है।

शुभ नक्षत्र (Auspicious Nakshatras)

जमीन या घर एक ‘स्थिर’ (Fixed) संपत्ति है, इसलिए प्रॉपर्टी खरीदने के लिए स्थिर और मृदु नक्षत्रों को सबसे शुभ माना जाता है।

मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, विशाखा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, पूर्वा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र प्रॉपर्टी की खरीदारी और रजिस्ट्री के लिए अत्यंत भाग्यशाली होते हैं।

शुभ तिथियां (Auspicious Tithis)

हिंदू पंचांग के अनुसार द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, दशमी, एकादशी और पूर्णिमा तिथियां प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए सर्वोत्तम हैं। अमावस्या और रिक्ता तिथियों (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) को प्रॉपर्टी के कागजात पर हस्ताक्षर करने से बचना चाहिए।

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(नोट: वैदिक पंचांग की तिथियां और नक्षत्र स्थानीय सूर्योदय के अनुसार अलग-अलग स्थानों (जैसे उज्जैन, दिल्ली, मुंबई) में कुछ मिनटों या घंटों का अंतर ले सकते हैं। अतः किसी भी बड़े निवेश से पूर्व अपने स्थानीय पंचांग से समय का मिलान अवश्य करें।)

2. Property Purchase Muhurat 2026: महीनेवार शुभ मुहूर्तों की सूची

यहाँ वर्ष 2026 के लिए प्रॉपर्टी खरीदने, एग्रीमेंट साइन करने और रजिस्ट्री कराने के शुभ मुहूर्तों की एक विस्तृत महीनेवार तालिका (Table) दी गई है। आप अपने बजट और बिल्डर की समय-सीमा के अनुसार इनमें से कोई भी शुभ तिथि चुन सकते हैं।

जनवरी 2026 में प्रॉपर्टी खरीद मुहूर्त

जनवरी के मध्य तक ‘खरमास’ (Kharmas) रहने के कारण शुभ मुहूर्त 14 जनवरी (मकर संक्रांति) के बाद से आरंभ होंगे।

तारीख (Date) दिन (Day) शुभ नक्षत्र मुहूर्त का महत्व
15 जनवरी 2026 गुरुवार श्रवण / धनिष्ठा उत्तम योग, कमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए शुभ
16 जनवरी 2026 शुक्रवार धनिष्ठा फ्लैट बुकिंग के लिए शुभ
22 जनवरी 2026 गुरुवार रेवती नया निवेश और एग्रीमेंट साइन करने के लिए
23 जनवरी 2026 शुक्रवार अश्विनी जमीन (Plot) की रजिस्ट्री के लिए सर्वोत्तम
29 जनवरी 2026 गुरुवार रोहिणी धन वृद्धि और निवेश के लिए
30 जनवरी 2026 शुक्रवार मृगशिरा मकान की चाबी लेने के लिए शुभ

फरवरी 2026 में प्रॉपर्टी खरीद मुहूर्त

तारीख (Date) दिन (Day) शुभ नक्षत्र मुहूर्त का महत्व
5 फरवरी 2026 गुरुवार उत्तरा फाल्गुनी बड़ी प्रॉपर्टी के सौदे के लिए
6 फरवरी 2026 शुक्रवार हस्त फ्लैट और अपार्टमेंट की बुकिंग
12 फरवरी 2026 गुरुवार अनुराधा कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के लिए
13 फरवरी 2026 शुक्रवार ज्येष्ठा / मूल निवेश और कृषि भूमि के लिए
19 फरवरी 2026 गुरुवार उत्तरा भाद्रपद बिल्डर को टोकन मनी देने के लिए
20 फरवरी 2026 शुक्रवार रेवती सभी प्रकार की अचल संपत्ति के लिए
26 फरवरी 2026 गुरुवार मृगशिरा दुकान या ऑफिस खरीदने के लिए
27 फरवरी 2026 शुक्रवार आर्द्रा / पुनर्वसु स्थिर संपत्ति निवेश के लिए

मार्च 2026 में प्रॉपर्टी खरीद मुहूर्त

मार्च के अंत में चैत्र नवरात्रि का आरंभ होता है। नवरात्रि के नौ दिनों को प्रॉपर्टी खरीदने के लिए ‘स्वयंसिद्ध मुहूर्त’ माना जाता है।

तारीख (Date) दिन (Day) शुभ नक्षत्र मुहूर्त का महत्व
5 मार्च 2026 गुरुवार विशाखा पुरानी प्रॉपर्टी खरीदने के लिए
6 मार्च 2026 शुक्रवार अनुराधा साझेदारी (Partnership) में प्रॉपर्टी के लिए
12 मार्च 2026 गुरुवार उत्तराषाढ़ा प्लॉट और फार्महाउस के लिए
13 मार्च 2026 शुक्रवार श्रवण बैंक लोन अप्रूवल और एग्रीमेंट के लिए
19 मार्च 2026 गुरुवार पूर्वा भाद्रपद नवरात्रि आरंभ (अत्यंत शुभ)
20 मार्च 2026 शुक्रवार उत्तरा भाद्रपद नवरात्रि का पवित्र दिन, हर सौदे के लिए शुभ
26 मार्च 2026 गुरुवार पुनर्वसु दुर्गा अष्टमी (स्वयंसिद्ध मुहूर्त)
27 मार्च 2026 शुक्रवार पुष्य राम नवमी (अत्यंत भाग्यशाली दिन)

अप्रैल 2026 में प्रॉपर्टी खरीद मुहूर्त

अप्रैल में ‘अक्षय तृतीया’ का पावन पर्व आता है। इस दिन खरीदा गया घर या जमीन पीढ़ियों तक लाभ देता है।

तारीख (Date) दिन (Day) शुभ नक्षत्र मुहूर्त का महत्व
2 अप्रैल 2026 गुरुवार हस्त नया व्यापारिक स्थल खरीदने के लिए
3 अप्रैल 2026 शुक्रवार चित्रा घर की रजिस्ट्री के लिए शुभ
9 अप्रैल 2026 गुरुवार पूर्वाषाढ़ा निवेश के उद्देश्य से ली गई जमीन के लिए
10 अप्रैल 2026 शुक्रवार उत्तराषाढ़ा फ्लैट और हाउसिंग सोसायटी के लिए
16 अप्रैल 2026 गुरुवार रेवती सभी कानूनी प्रक्रियाओं के लिए
17 अप्रैल 2026 शुक्रवार अश्विनी धन वृद्धि योग
20 अप्रैल 2026 सोमवार रोहिणी अक्षय तृतीया (महा-मुहूर्त, संपूर्ण दिन शुभ)
23 अप्रैल 2026 गुरुवार मृगशिरा नया प्लॉट बुक करने के लिए
24 अप्रैल 2026 शुक्रवार आर्द्रा कमर्शियल दुकान के लिए उत्तम

मई 2026 में प्रॉपर्टी खरीद मुहूर्त

तारीख (Date) दिन (Day) शुभ नक्षत्र मुहूर्त का महत्व
1 मई 2026 शुक्रवार स्वाती आवासीय फ्लैट (Residential Flat) के लिए
7 मई 2026 गुरुवार उत्तराषाढ़ा बड़ा निवेश और एग्रीमेंट
8 मई 2026 शुक्रवार श्रवण प्रॉपर्टी लोन पास कराने के लिए
14 मई 2026 गुरुवार रेवती घर की चाबी ग्रहण करने के लिए
15 मई 2026 शुक्रवार अश्विनी नई सोसायटी में निवेश
21 मई 2026 गुरुवार मृगशिरा ऑफिस स्पेस के लिए शुभ
22 मई 2026 शुक्रवार पुनर्वसु दुकान या शोरूम के लिए
28 मई 2026 गुरुवार मघा कृषि भूमि (Agricultural Land) के लिए
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जून 2026 में प्रॉपर्टी खरीद मुहूर्त

तारीख (Date) दिन (Day) शुभ नक्षत्र मुहूर्त का महत्व
4 जून 2026 गुरुवार अनुराधा विवादित प्रॉपर्टी से बाहर निकलने के लिए
5 जून 2026 शुक्रवार ज्येष्ठा नया घर बुक करने के लिए
11 जून 2026 गुरुवार रेवती रजिस्ट्री कार्यालय में हस्ताक्षर के लिए
12 जून 2026 शुक्रवार अश्विनी टोकन अमाउंट देने के लिए
18 जून 2026 गुरुवार पूर्वा फाल्गुनी प्लॉट खरीदने के लिए
19 जून 2026 शुक्रवार उत्तरा फाल्गुनी घर के कागजात तैयार करने के लिए
25 जून 2026 गुरुवार विशाखा प्रॉपर्टी से जुड़े पुराने लोन चुकाने के लिए
26 जून 2026 शुक्रवार अनुराधा साझा संपत्ति (Joint Property) के लिए

जुलाई से अक्टूबर 2026 तक का विचार (चातुर्मास व पितृ पक्ष)

जुलाई के अंत में देवशयनी एकादशी से चातुर्मास लग जाएगा और इसी बीच पितृ पक्ष (श्राद्ध) भी आएगा। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष (लगभग 15 दिन) के दौरान कोई भी नई प्रॉपर्टी खरीदना, रजिस्ट्री कराना या नया एग्रीमेंट साइन करना पूर्णतः वर्जित माना जाता है।

हालांकि, चातुर्मास के दौरान (पितृ पक्ष को छोड़कर) शुभ वार और नक्षत्र देखकर प्रॉपर्टी की ‘बुकिंग’ की जा सकती है, लेकिन यदि संभव हो तो पजेशन (Possession) और गृह प्रवेश देवउठनी एकादशी के बाद ही करना चाहिए। अक्टूबर में शारदीय नवरात्रि और दशहरा जैसे महामुहूर्त आएंगे, जो प्रॉपर्टी बुक करने और रजिस्ट्री के लिए साल के सबसे सुनहरे दिन होंगे।

नवंबर 2026 में प्रॉपर्टी खरीद मुहूर्त

नवंबर में ‘धनतेरस’ और ‘दीपावली’ का महापर्व आता है। धनतेरस के दिन प्रॉपर्टी का सौदा करना माता लक्ष्मी और कुबेर जी को घर बुलाने के समान है।

तारीख (Date) दिन (Day) शुभ नक्षत्र मुहूर्त का महत्व
5 नवंबर 2026 गुरुवार हस्त दीपावली से पूर्व शुभ निवेश
6 नवंबर 2026 शुक्रवार चित्रा धनतेरस (संपत्ति खरीदने का महा-मुहूर्त)
12 नवंबर 2026 गुरुवार पूर्वाषाढ़ा नए व्यापारिक स्थल के लिए
13 नवंबर 2026 शुक्रवार उत्तराषाढ़ा फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए
19 नवंबर 2026 गुरुवार पूर्वा भाद्रपद बिल्डर एग्रीमेंट के लिए
20 नवंबर 2026 शुक्रवार उत्तरा भाद्रपद हाउसिंग लोन अप्रूवल
26 नवंबर 2026 गुरुवार मृगशिरा जमीन का कब्ज़ा (Possession) लेने के लिए
27 नवंबर 2026 शुक्रवार आर्द्रा पुरानी संपत्ति को रीसेल में खरीदने के लिए

दिसंबर 2026 में प्रॉपर्टी खरीद मुहूर्त

दिसंबर के मध्य में सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेगा और ‘खरमास’ लग जाएगा। इसलिए 14 दिसंबर से पहले ही अपनी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और मुख्य काम संपन्न कर लें।

तारीख (Date) दिन (Day) शुभ नक्षत्र मुहूर्त का महत्व
3 दिसंबर 2026 गुरुवार चित्रा कमर्शियल शॉप की बुकिंग
4 दिसंबर 2026 शुक्रवार स्वाती फ्लैट या अपार्टमेंट के लिए
10 दिसंबर 2026 गुरुवार अनुराधा खरमास से पूर्व अंतिम बड़ा मुहूर्त
11 दिसंबर 2026 शुक्रवार ज्येष्ठा कानूनी लिखा-पढ़ी के लिए

3. राहुकाल और भद्रा का रखें विशेष ध्यान (Avoid Rahu Kaal & Bhadra)

“Property Purchase Muhurat 2026” की कोई भी शुभ तारीख चुनने के बाद, दिन के समय (Time) का भी बहुत ध्यान रखना चाहिए। प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के कागजातों पर हस्ताक्षर करते समय या बिल्डर को टोकन मनी (Check/Online Transfer) देते समय ‘राहुकाल’ (Rahu Kaal) और ‘भद्रा’ (Bhadra) नहीं होना चाहिए।

राहुकाल प्रतिदिन लगभग 1.5 घंटे का अशुभ समय होता है। इस समय में किया गया निवेश अक्सर विवादों में फंस जाता है या भविष्य में उसका सही मूल्य (Return on Investment) नहीं मिल पाता।

(नोट: राहुकाल का समय हर दिन अलग होता है। अपने मोबाइल पंचांग ऐप या पंडित जी से उस दिन का राहुकाल समय निकालकर उस डेढ़ घंटे की अवधि को टाल दें।)

4. प्रॉपर्टी खरीदते समय कानूनी और वास्तु चेतावनियां (Legal & Vastu Tips)

मुहूर्त के साथ-साथ व्यावहारिक और वास्तु के नियमों का पालन करना भी उतना ही आवश्यक है:

  1. दिशा का महत्व (Direction of the Property): वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर (North), पूर्व (East) और उत्तर-पूर्व (North-East / ईशान कोण) मुखी प्रॉपर्टी (जमीन या फ्लैट) सबसे उत्तम मानी जाती है। दक्षिण-पश्चिम (South-West) मुखी घर खरीदने से बचें, क्योंकि यह दिशा आर्थिक अस्थिरता और स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।

  2. भूमि का आकार (Shape of the Plot): यदि आप जमीन खरीद रहे हैं, तो आयताकार (Rectangular) या वर्गाकार (Square) जमीन ही खरीदें। कटे हुए कोने (Cut Corners) या त्रिकोणीय (Triangular) प्लॉट वास्तु दोष उत्पन्न करते हैं।

  3. कानूनी जांच (Title Verification): शुभ मुहूर्त के साथ-साथ प्रॉपर्टी के कानूनी दस्तावेजों की कड़ाई से जांच करें। यह सुनिश्चित करें कि जमीन पर कोई पुराना विवाद (Litigation) या बैंक का कर्ज न हो। ‘RERA’ (Real Estate Regulatory Authority) अप्रूव्ड प्रोजेक्ट्स में ही निवेश करें।

  4. टी-पॉइंट (T-Point) प्रॉपर्टी: ऐसी प्रॉपर्टी जो किसी टी-पॉइंट (जहाँ सड़क सीधे घर के दरवाजे पर आकर खत्म होती हो) पर स्थित हो, उसे खरीदने से बचना चाहिए। इसे ‘वीथी शूल’ कहा जाता है जो अत्यंत अशुभ होता है।

  5. हस्ताक्षर करते समय दिशा: जब आप सब-रजिस्ट्रार ऑफिस (Registry Office) में अपनी प्रॉपर्टी के अंतिम कागजातों पर हस्ताक्षर कर रहे हों, तो कोशिश करें कि आपका मुख पूर्व (East) या उत्तर (North) दिशा की ओर हो। यह सफलता और समृद्धि सुनिश्चित करता है।

एक अच्छी प्रॉपर्टी खरीदना मनुष्य के जीवन की स्थिरता और उसकी सफलता का सबसे बड़ा प्रतीक है। यह वह जगह है जहाँ आपके बच्चे बड़े होंगे और आपका व्यापार फलेगा-फूलेगा।

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इस विस्तृत लेख “Property Purchase Muhurat 2026” के माध्यम से हमने आपको वर्ष 2026 के सभी शुभ मुहूर्तों, तिथियों, नक्षत्रों और वास्तु के बुनियादी नियमों की संपूर्ण जानकारी प्रदान की है। आप अपनी आर्थिक व्यवस्था और बैंक लोन की प्रक्रिया के अनुसार ऊपर दी गई तालिकाओं में से कोई भी उत्तम दिन चुनकर अपने सपनो की प्रॉपर्टी अपने नाम कर सकते हैं।

बस यह याद रखें कि ज्योतिषीय मुहूर्त आपके निवेश को ब्रह्मांडीय ऊर्जा का सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं, लेकिन प्रॉपर्टी की जमीनी हकीकत और कानूनी दस्तावेजों की जांच करना आपकी अपनी जिम्मेदारी है। ईश्वर, भगवान वास्तु देव और माता लक्ष्मी की कृपा से आपकी नई प्रॉपर्टी आपके जीवन में अपार सफलता, सुख, शांति और कई गुना रिटर्न (Returns) लेकर आए, यही हमारी मंगल कामना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: वर्ष 2026 में प्रॉपर्टी खरीदने के सबसे बड़े और सिद्ध मुहूर्त कौन से हैं?

उत्तर: वर्ष 2026 में प्रॉपर्टी खरीदने के ‘स्वयंसिद्ध’ (महा-मुहूर्त) दिनों में अक्षय तृतीया (20 अप्रैल), नवरात्रि के दिन (मार्च और अक्टूबर), दशहरा, और धनतेरस (6 नवंबर) शामिल हैं। इन महा-मुहूर्तों पर बिना पंचांग देखे भी प्रॉपर्टी की बुकिंग या रजिस्ट्री की जा सकती है।

प्रश्न 2: क्या हम शनिवार (Saturday) को जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री करवा सकते हैं?

उत्तर: ज्योतिष शास्त्र में शनिवार को शनि देव और न्याय का दिन माना गया है। स्थिर संपत्ति (जैसे जमीन, लोहा) के मामले में शनिवार को बड़ा निवेश करने से आमतौर पर बचा जाता है। हालांकि, कमर्शियल (व्यापारिक) प्रॉपर्टी या फैक्ट्री के लिए शनिवार को एग्रीमेंट किया जा सकता है। फिर भी, सरकारी रजिस्ट्री कार्यालय अक्सर शनिवार को बंद रहते हैं, इसलिए गुरुवार या शुक्रवार का चयन करना अधिक उपयुक्त है।

प्रश्न 3: प्रॉपर्टी की ‘बुकिंग’ और ‘रजिस्ट्री’ के मुहूर्तों में क्या अंतर है?

उत्तर: प्रॉपर्टी की ‘बुकिंग’ (Token Money) आप किसी भी शुभ दिन (जैसे सोमवार या बुधवार) या नवरात्रि के दिनों में कर सकते हैं। लेकिन ‘रजिस्ट्री’ (जब प्रॉपर्टी कानूनी रूप से आपके नाम होती है) के लिए एक अत्यंत मजबूत मुहूर्त, स्थिर नक्षत्र (जैसे मृगशिरा, रेवती) और शुभ वार (गुरुवार/शुक्रवार) का होना आवश्यक होता है ताकि भविष्य में उस संपत्ति पर कोई कानूनी विवाद न हो।

प्रश्न 4: क्या पितृ पक्ष (श्राद्ध) के दौरान प्रॉपर्टी बुक की जा सकती है?

उत्तर: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष (श्राद्ध) के 15 दिनों को पूर्वजों के शोक और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का समय माना जाता है। इस दौरान कोई भी नया कार्य, अचल संपत्ति (Real Estate) की खरीददारी, या नया एग्रीमेंट साइन करना पूरी तरह से वर्जित माना गया है। अतः पितृ पक्ष के दौरान प्रॉपर्टी का सौदा टाल देना चाहिए।

प्रश्न 5: नया घर या जमीन खरीदते समय वास्तु का सबसे महत्वपूर्ण नियम क्या है?

उत्तर: नया घर या जमीन खरीदते समय सबसे महत्वपूर्ण नियम उसकी ‘दिशा’ (Facing) और ‘आकार’ (Shape) है। हमेशा उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व (ईशान) मुखी प्रॉपर्टी को प्राथमिकता दें। दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) मुखी या अनियमित आकार (कटे हुए कोने वाले) प्लॉट को खरीदने से बचना चाहिए, क्योंकि यह गंभीर वास्तु दोष पैदा करता है।

"नमस्कार! मैं अमित तिवारी हूँ, और आप मुझे एक 'साधक' के रूप में जान सकते हैं। बचपन से ही सनातन धर्म, तंत्र-मंत्र और आध्यात्मिक साधनाओं ने मुझे अपनी ओर गहराई से आकर्षित किया है। वर्षों के निरंतर अध्ययन, गुरु-कृपा और अपने व्यक्तिगत साधना-अनुभवों से मैंने जो कुछ भी सीखा है, उसे मैं sadhnas.in के माध्यम से आपके साथ साझा कर रहा हूँ। मेरा मुख्य उद्देश्य इंटरनेट पर फैले भ्रम को दूर करके प्रामाणिक, सत्य और शास्त्र-सम्मत जानकारी को बेहद सरल भाषा में आप तक पहुँचाना है। मैं कोई गुरु या उपदेशक नहीं हूँ, बल्कि आप ही की तरह ईश्वर की खोज में निकला एक राही हूँ। मेरी यही कोशिश है कि मेरे अनुभवों और लेखनी से आपकी आध्यात्मिक यात्रा और भी सुगम व सफल हो सके।"

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