15 जुलाई से गुप्त नवरात्रि: रात को चुपचाप कर लें ये 3 महा-उपाय, 9 दिन में पैसों से भर जाएगी तिजोरी!
अगर आप दिन-रात मेहनत करने के बाद भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, सिर पर कर्जे का बोझ बढ़ता जा रहा है, और व्यापार या नौकरी में बार-बार असफलता …
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आज के इस आधुनिक और भौतिकवादी युग में, एक सुखी और सम्मानित जीवन जीने के लिए धन (Wealth) का होना अत्यंत आवश्यक है। यह सच है कि पैसा ही सबकुछ …
सनातन धर्म और हिंदू पंचांग में हर महीने का अपना एक विशेष धार्मिक, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व होता है। वर्ष का चौथा महीना ‘आषाढ़’ (Ashadh) कहलाता है। यह वह समय …
सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करने से पहले ‘शुभ मुहूर्त’ देखने की बहुत प्राचीन और वैज्ञानिक परंपरा है। जब भी परिवार …
सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष में समय (काल) को साक्षात ईश्वर का स्वरूप माना गया है। हमारे ऋषि-मुनियों ने जीवन के हर महत्वपूर्ण कार्य— जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, या …
सनातन हिंदू पंचांग और वैदिक ज्योतिष में समय, तिथि और मुहूर्त का अत्यंत गहरा महत्व है। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य— जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश या नया …
सनातन हिंदू धर्म में ‘पूर्णिमा’ (Purnima) की तिथि को अत्यंत शुभ, पवित्र और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण माना जाता है। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं में होता है, …
अध्यात्म, ध्यान और ईश्वर की खोज के मार्ग पर चलने वाले हर साधक के जीवन में ‘मंत्र’ का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान होता है। मंत्र वह ध्वनि या ऊर्जा है जो …
भारतीय सनातन संस्कृति में ‘गुरु’ को साक्षात परब्रह्म का स्वरूप माना गया है। माता-पिता हमें केवल भौतिक शरीर देते हैं, लेकिन एक सच्चा गुरु हमारे भीतर चेतना, ज्ञान और सत्य …
सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में ‘गुरु’ का स्थान सबसे ऊंचा और पवित्र माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है- “गुकारस्त्वन्धकारस्तु रुकारस्तेज उच्यते। अज्ञानग्रासकं ब्रह्म गुरुरेव न संशयः॥” अर्थात, …