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July Masik Shivratri 2026: धुव्र और वृद्धि योग में आषाढ़ शिवरात्रि, जानें सही डेट, भद्रा का समय और 12 राशियों का हालIt takes 14 minutes... to read this article !

सनातन धर्म में भगवान शिव की आराधना के लिए शिवरात्रि के पर्व को सर्वोत्तम माना गया है। जहाँ साल में एक बार आने वाली महाशिवरात्रि का उत्सव पूरे देश में बड़े पैमाने पर मनाया जाता है, वहीं प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) का व्रत रखा जाता है। यह मासिक व्रत भी महिमा और फल के मामले में महाशिवरात्रि के समान ही फलदायी माना गया है, क्योंकि यह दिन शिव और शक्ति के दिव्य मिलन का प्रतीक है।

वर्ष 2026 के जुलाई महीने में आने वाली मासिक शिवरात्रि बेहद खास और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अत्यंत दुर्लभ होने वाली है। इस बार आषाढ़ मास की इस शिवरात्रि पर धुव्र योग और वृद्धि योग का एक अनूठा संगम बन रहा है। इसके साथ ही, इस दिन रवि प्रदोष व्रत का भी अद्भुत संयोग बन रहा है, जिससे इस तिथि का महत्व कई गुना बढ़ गया है।

इस विस्तृत लेख में हम जानेंगे कि जुलाई 2026 में मासिक शिवरात्रि व्रत कब है, पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त (Nishita Kaal Muhurat) कौन सा है, भद्रा का समय क्या रहेगा और इस पावन दिन का सभी 12 राशियों के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है।

आषाढ़ मासिक शिवरात्रि 2026: तिथि और शुभ संयोग (Date and Auspicious Conjunctions)

वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, जुलाई 2026 में आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को यह व्रत रखा जाएगा। भगवान शिव की पूजा के लिए मध्यरात्रि यानी निशिता काल (Nishita Kaal) के समय को मुख्य माना जाता है। इसी आधार पर व्रत की तारीख का निर्धारण किया जाता है।

क्यों खास है जुलाई 2026 की मासिक शिवरात्रि?

  1. रवि प्रदोष व्रत का महासंयोग: 12 जुलाई 2026 को रविवार का दिन है। त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है और रविवार होने के कारण यह रवि प्रदोष कहलाएगा। इसी रात चतुर्दशी तिथि शुरू होने से प्रदोष और शिवरात्रि दोनों का व्रत एक ही दिन पड़ रहा है। यह सूर्य देव और भगवान शिव की संयुक्त कृपा पाने का सर्वोत्तम दिन है।

  2. वृद्धि योग (Vriddhi Yoga): 12 जुलाई को सुबह से लेकर रात 08:06 बजे तक वृद्धि योग रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में वृद्धि योग को बेहद शुभ माना जाता है। इस योग में किए गए पूजा-पाठ, अनुष्ठान या किसी भी शुभ कार्य के फल में निरंतर ‘वृद्धि’ होती है। यह आपके ऐश्वर्य और ज्ञान को बढ़ाने वाला है।

  3. ध्रुव योग (Dhruva Yoga): रात 08:06 बजे के बाद ध्रुव योग की शुरुआत होगी, जो अगले दिन तक रहेगा। ध्रुव योग को एक स्थिर और स्थायी योग माना जाता है। इस योग में की गई साधना, मंत्र जाप या भगवान शिव का रुद्राभिषेक आपके जीवन में स्थिरता (Stability) लाता है और मानसिक अशांति को हमेशा के लिए समाप्त कर देता है।

  4. नक्षत्रों की जुगलबंदी: इस दिन सुबह 08:29 बजे तक रोहिणी नक्षत्र रहेगा और उसके बाद मृगशिरा नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। मृगशिरा नक्षत्र के स्वामी स्वयं मंगल देव हैं और इसके देवता चंद्रमा हैं, जो महादेव के मस्तक की शोभा बढ़ाते हैं।

मासिक शिवरात्रि 2026 पूजा मुहूर्त और तिथियों का समय (Timings Table)

भक्तों की सुविधा के लिए पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि के प्रारंभ, समाप्ति और पूजा के विशेष निशिता काल मुहूर्त की पूरी सूची नीचे तालिका में दी गई है:

विशेष घटना / मुहूर्त सही समय और तिथि (IST)
चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ 12 जुलाई 2026 को रात 10:29 बजे से
चतुर्दशी तिथि की समाप्ति 13 जुलाई 2026 को शाम 06:49 बजे तक
मासिक शिवरात्रि व्रत की तारीख 12 जुलाई 2026 (रविवार)
निशिता काल पूजा मुहूर्त (Midnight) 13 जुलाई को रात 12:07 AM से 12:47 AM तक (कुल अवधि: 40 मिनट)
वृद्धि योग की अवधि 12 जुलाई को सुबह से रात 08:06 बजे तक
ध्रुव योग की अवधि 12 जुलाई रात 08:06 बजे से 13 जुलाई शाम 04:00 बजे तक

भद्रा का समय और उसका प्रभाव: क्या खंडित होगी पूजा? (Bhadra Kaal Timing)

अक्सर सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य या व्रत-त्योहार के समय ‘भद्रा’ की स्थिति को लेकर भक्तों के मन में भय रहता है। इस बार आषाढ़ मासिक शिवरात्रि पर भी भद्रा का साया रहने वाला है।

  • भद्रा का समय: 12 जुलाई 2026 की रात को 10:29 बजे से (जैसे ही चतुर्दशी तिथि शुरू होगी) भद्रा काल प्रारंभ हो जाएगा और यह अगले दिन 13 जुलाई की सुबह 05:32 बजे तक रहेगा।

  • भद्रा का निवास स्थान: ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस भद्रा का निवास स्थान स्वर्ग लोक में रहने वाला है।

  • क्या होगा प्रभाव? शास्त्रों का स्पष्ट नियम है कि जब भी भद्रा का निवास स्वर्ग लोक या पाताल लोक में होता है, तो उसका कोई भी अशुभ या नकारात्मक प्रभाव पृथ्वी लोक (मृत्यु लोक) पर रहने वाले मनुष्यों पर नहीं पड़ता। इसलिए, इस भद्रा से डरने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। आपकी शिव पूजा पूरी तरह से सुरक्षित और फलदायी रहेगी। आप बिना किसी झिझक के निशिता काल (मध्यरात्रि) में भगवान भोलेनाथ का अभिषेक और पूजन कर सकते हैं।

मासिक शिवरात्रि की सरल और प्रामाणिक पूजा विधि (Step-by-Step Puja Vidhi)

यदि आप इस पावन दिन पर व्रत रख रहे हैं, तो भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा पाने के लिए इस विधि से पूजा करें:

  1. संकल्प और स्नान: 12 जुलाई की सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद अपने हाथ में थोड़ा जल और अक्षत (चावल) लेकर भगवान शिव के सामने व्रत का संकल्प लें।

  2. शिव मंदिर दर्शन या घर पर पूजा: यदि संभव हो तो पास के शिव मंदिर जाएं, अन्यथा घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में एक चौकी पर भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति या शिवलिंग स्थापित करें।

  3. पंचामृत अभिषेक: शिवलिंग पर सबसे पहले गंगाजल चढ़ाएं। उसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बना पंचामृत अर्पित करें। अंत में दोबारा शुद्ध गंगाजल या गंधमिश्रित जल से अभिषेक करें।

  4. प्रिय वस्तुएं अर्पित करें: महादेव को अत्यंत प्रिय चीजें जैसे- बिल्वपत्र (कम से कम 3 या 11), धतूरा, भांग, शमी के पत्ते, सफेद चंदन, अक्षत (बिना टूटे हुए चावल) और भस्म अर्पित करें। माता पार्वती को श्रृंगार की सामग्री और लाल चुनरी चढ़ाएं।

  5. मंत्र जाप और पाठ: पूजा के दौरान निरंतर ‘ॐ नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का मन ही मन जाप करते रहें। इस दिन शिव चालीसा या शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करना अद्भुत मानसिक शक्ति देता है।

  6. निशिता काल पूजा (सबसे महत्वपूर्ण): इस रात को सोएं नहीं। रात के 12:07 बजे से 12:47 बजे के बीच शिवलिंग के पास घी का दीपक जलाकर आरती करें और उन्हें मौसमी फलों या हलवे का भोग लगाएं। अगले दिन सुबह स्नान के बाद दान-पुण्य करके व्रत का पारण करें।

विशेष मासिक शिवरात्रि महाराशिफल: सभी 12 राशियों का हाल, शुभ रंग और उपाय (Horoscope)

ध्रुव और वृद्धि योग के इस महासंयोग में आषाढ़ मासिक शिवरात्रि का प्रभाव प्रत्येक मनुष्य की कुंडली और उसकी राशि पर अवश्य पड़ेगा। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों के लिए करियर, धन, स्वास्थ्य और परिवार के लिहाज से यह दिन क्या बदलाव लेकर आ रहा है।

1. मेष राशि (Aries)

करियर और आर्थिक स्थिति: कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। यदि नौकरी में बदलाव की सोच रहे हैं, तो शुभ समाचार मिल सकता है। व्यापारियों के लिए आय के नए रास्ते खुलेंगे।

पारिवारिक और प्रेम जीवन: जीवनसाथी के साथ रिश्ते मधुर होंगे। परिवार के बुजुर्गों का सहयोग आपको किसी बड़े संकट से बाहर निकालेगा।

स्वास्थ्य: मानसिक रूप से आप शांत रहेंगे, लेकिन पैरों में हल्की थकान या दर्द की समस्या हो सकती है।

  • जरूरी टिप: आज के दिन जोश में आकर कोई भी आर्थिक फैसला न लें।

  • शुभ रंग: गाढ़ा लाल (Dark Red)

  • उपाय: शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं और शहद अर्पित करें।

2. वृषभ राशि (Taurus)

करियर और आर्थिक स्थिति: इस शिवरात्रि पर आपके लिए धन लाभ के सबसे मजबूत योग बने हुए हैं। पुराने निवेश से अप्रत्याशित लाभ होगा। सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ा प्रोजेक्ट मिल सकता है।

पारिवारिक और प्रेम जीवन: घर में शांति का माहौल रहेगा। यदि लव पार्टनर के साथ कोई अनबन चल रही थी, तो वह आज समाप्त हो जाएगी।

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य बहुत बढ़िया रहेगा। पुरानी किसी क्रोनिक बीमारी से पीड़ित थे, तो स्वास्थ्य में सुधार दिखेगा।

  • जरूरी टिप: किसी अजनबी व्यक्ति को अपनी गुप्त बातें शेयर करने से बचें।

  • शुभ रंग: चमकदार सफेद (Cream/White)

  • उपाय: शिवलिंग पर कच्चा दूध और मिश्री चढ़ाएं। ‘ॐ सोमेश्वराय नमः’ का जाप करें।

3. मिथुन राशि (Gemini)

करियर और आर्थिक स्थिति: नौकरीपेशा लोगों को आज अपने वरिष्ठ अधिकारियों (Boss) से तारीफ मिलेगी। व्यापार में कोई नई डील फाइनल हो सकती है जो भविष्य में बड़ा वित्तीय लाभ देगी।

पारिवारिक और प्रेम जीवन: संतान की ओर से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। भाई-बहनों के साथ किसी बात को लेकर हल्का वैचारिक मतभेद संभव है, धैर्य रखें।

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स्वास्थ्य: काम के अत्यधिक दबाव के कारण शाम को सिरदर्द या आंखों में खिंचाव महसूस हो सकता है।

  • जरूरी टिप: कार्यस्थल पर चल रही राजनीति का हिस्सा बनने से खुद को बचाएं।

  • शुभ रंग: हल्का हरा (Light Green)

  • उपाय: शिवजी को तीन पत्तों वाला बेलपत्र और हरे मूंग के दाने अर्पित करें।

4. कर्क राशि (Cancer)

करियर और आर्थिक स्थिति: मानसिक रूप से आप बहुत रचनात्मक महसूस करेंगे। व्यापार में पार्टनरशिप के काम से अच्छा मुनाफा कमाने में सफल रहेंगे। अटका हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद है।

पारिवारिक और प्रेम जीवन: मां के साथ आपके संबंध और गहरे होंगे। पारिवारिक माहौल आध्यात्मिक रहेगा, जिससे आपको आंतरिक शांति मिलेगी।

स्वास्थ्य: मौसम के कारण हल्की सर्दी-खांसी हो सकती है। ठंडी चीजों के सेवन से परहेज करें।

  • जरूरी टिप: भावुकता में आकर कोई भी व्यावसायिक निर्णय लेने से बचें।

  • शुभ रंग: मोती जैसा सफेद (Pearl White)

  • उपाय: शिवलिंग पर गंगाजल में थोड़े से अक्षत (चावल) मिलाकर अभिषेक करें।

5. सिंह राशि (Leo)

करियर और आर्थिक स्थिति: नौकरी में प्रमोशन या ट्रांसफर के योग बन रहे हैं जो आपके लिए फायदेमंद रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन सुख-सुविधाओं की चीजों पर खर्च भी बढ़ेगा।

पारिवारिक और प्रेम जीवन: सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी। वैवाहिक जीवन में प्यार और आपसी समझ बढ़ेगी। पिता का पूरा सहयोग प्राप्त होगा।

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य के मामले में दिन उत्तम है। खुद को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए योग का सहारा लें।

  • जरूरी टिप: अपने स्वभाव में अहंकार या कड़वाहट न आने दें, विनम्र रहें।

  • शुभ रंग: केसरिया या सुनहरा (Saffron/Golden)

  • उपाय: शिवलिंग पर आक (मदार) के फूल और शुद्ध घी अर्पित करें।

6. कन्या राशि (Virgo)

करियर और आर्थिक स्थिति: यदि आप विदेश से जुड़ा कोई व्यापार करते हैं या फ्रीलांसर हैं, तो आज का दिन बड़ा आर्थिक लाभ दे सकता है। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है।

पारिवारिक और प्रेम जीवन: प्रेम जीवन जी रहे लोगों के लिए दिन थोड़ा संभलकर चलने का है। पार्टनर की किसी बात से मन दुखी हो सकता है। संवाद बनाए रखें।

स्वास्थ्य: पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस या अपच परेशान कर सकती हैं। खान-पान संतुलित रखें।

  • जरूरी टिप: धन से जुड़े किसी भी दस्तावेज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर न करें।

  • शुभ रंग: गहरा हरा या सी-ग्रीन (Sea Green)

  • उपाय: भगवान शिव को शमी के पत्ते चढ़ाएं और शिव चालीसा का पाठ करें।

7. तुला राशि (Libra)

करियर और आर्थिक स्थिति: व्यापारिक दृष्टिकोण से दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। कोई भी नया निवेश करने के लिए आज का दिन सही नहीं है। नौकरीपेशा लोगों का काम सामान्य गति से चलता रहेगा।

पारिवारिक और प्रेम जीवन: जीवनसाथी के साथ किसी पुरानी बात को लेकर बहस हो सकती है। अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें और विवाद को बढ़ने न दें।

स्वास्थ्य: त्वचा से जुड़ी कोई एलर्जी या पीठ दर्द की समस्या सामने आ सकती है।

  • जरूरी टिप: आज के दिन किसी को भी बड़ी रकम उधार देने से बचें।

  • शुभ रंग: हल्का नीला या पिंक (Light Blue/Pink)

  • उपाय: शिवलिंग पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं और अष्टगंध अर्पित करें।

8. वृश्चिक राशि (Scorpio)

करियर और आर्थिक स्थिति: भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। आपके रुके हुए काम आज अचानक गति पकड़ लेंगे। यदि नया स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, तो योजना बनाने के लिए दिन उत्तम है।

पारिवारिक और प्रेम जीवन: संतान की शिक्षा या करियर को लेकर चल रही चिंताएं दूर होंगी। घर में किसी धार्मिक उत्सव का माहौल बन सकता है।

स्वास्थ्य: शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन विचारों की अधिकता के कारण रात में नींद आने में समस्या हो सकती है।

  • जरूरी टिप: अपनी व्यावसायिक योजनाओं को किसी बाहरी व्यक्ति के सामने उजागर न करें।

  • शुभ रंग: मैरून या लाल (Maroon)

  • उपाय: शिवलिंग पर तांबे के पात्र से जल चढ़ाएं और भोलेनाथ को धतूरा अर्पित करें।

9. धनु राशि (Sagittarius)

करियर और आर्थिक स्थिति: कार्यक्षेत्र में आपकी लीडरशिप क्वालिटी की सराहना होगी। पुराने किए गए निवेश से आज अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। संपत्ति खरीदने का विचार बन सकता है।

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पारिवारिक और प्रेम जीवन: माता-पिता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। जीवनसाथी के साथ मिलकर भविष्य की वित्तीय योजनाएं बनाएंगे।

स्वास्थ्य: वजन या डाइबिटीज से परेशान लोगों को अपनी दिनचर्या और खान-पान के प्रति अत्यधिक अनुशासित रहना होगा।

  • जरूरी टिप: काम के साथ-साथ परिवार को भी पर्याप्त समय दें।

  • शुभ रंग: पीला (Yellow)

  • उपाय: जल में चुटकी भर हल्दी या केसर मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें और पीली मिठाई का भोग लगाएं।

10. मकर राशि (Capricorn)

करियर और आर्थिक स्थिति: जो लोग तकनीकी क्षेत्र, रिसर्च या इंजीनियरिंग से जुड़े हैं, उनके लिए आज का दिन कोई बड़ी सफलता लेकर आ सकता है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें।

पारिवारिक और प्रेम जीवन: भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा। समाजिक गतिविधियों में भाग लेने के कारण व्यस्तता बढ़ सकती है। लव लाइफ सुखद रहेगी।

स्वास्थ्य: घुटनों या जोड़ों के दर्द से पीड़ित लोगों को थोड़ी परेशानी हो सकती है। भारी सामान उठाने से बचें।

  • जरूरी टिप: आलस्य को खुद पर हावी न होने दें, अन्यथा हाथ आया अवसर निकल सकता है।

  • शुभ रंग: गहरा नीला या नेवी ब्लू (Navy Blue)

  • उपाय: शिवलिंग पर काले तिल और जल अर्पित करें। ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का मानसिक जाप करें।

11. कुंभ राशि (Aquarius)

करियर और आर्थिक स्थिति: व्यापार में कड़ा कंपटीशन देखने को मिल सकता है, लेकिन आपकी बुद्धिमानी से आप रास्ता निकाल लेंगे। नौकरीपेशा लोगों को अचानक किसी यात्रा पर जाना पड़ सकता है।

पारिवारिक और प्रेम जीवन: परिवार के किसी सदस्य के विवाह की बात आगे बढ़ सकती है। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। दोस्तों के साथ अच्छा समय बीतेगा।

स्वास्थ्य: मानसिक तनाव के कारण माइग्रेन या सिरदर्द की समस्या उभर सकती है। प्राणायाम करें।

  • जरूरी टिप: ऑफिस की गॉसिप या दूसरों के मामलों में दखल देने से पूरी तरह बचें।

  • शुभ रंग: जामुनी या बैंगनी (Purple)

  • उपाय: भगवान शिव का गन्ने के रस से अभिषेक करें, इससे आर्थिक संकट दूर होंगे।

12. मीन राशि (Pisces)

करियर और आर्थिक स्थिति: क्योंकि चंद्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहा है, इसलिए मानसिक रूप से आप बहुत स्पष्ट और शांत महसूस करेंगे। नौकरी में आपके काम की सराहना होगी। आर्थिक लाभ के नए रास्ते बनेंगे।

पारिवारिक और प्रेम जीवन: जीवनसाथी के साथ भावनात्मक जुड़ाव बहुत गहरा होगा। अविवाहित लोगों के लिए कोई बहुत अच्छा विवाह का प्रस्ताव आ सकता है।

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य बहुत उत्तम रहेगा। आप आंतरिक रूप से ऊर्जा और सकारात्मकता का अनुभव करेंगे।

  • जरूरी टिप: किसी भी कार्य को पूरा करने में जल्दबाजी न दिखाएं, धैर्य से काम लें।

  • शुभ रंग: सुनहरा या हल्का पीला (Golden/Yellow)

  • उपाय: शिवलिंग पर पंचामृत अर्पित करें और शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करें।

12 जुलाई 2026 को आने वाली आषाढ़ मासिक शिवरात्रि अपने साथ ध्रुव और वृद्धि योग का एक अत्यंत दुर्लभ उपहार लेकर आ रही है। भद्रा का निवास स्वर्ग लोक में होने के कारण धरती पर इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा, इसलिए सभी भक्त पूरी श्रद्धा के साथ महादेव की आराधना कर सकते हैं। यह दिन केवल व्रत रखने का नहीं, बल्कि अपनी आत्मा को शिव तत्व से जोड़ने का है। अपनी राशि के अनुसार बताए गए छोटे-छोटे उपायों को अपनाकर आप अपने जीवन के कष्टों को कम कर सकते हैं और भगवान शिव व माता पार्वती की असीम अनुकंपा प्राप्त कर सकते हैं।

मासिक शिवरात्रि 2026 से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQs)

1. जुलाई 2026 में मासिक शिवरात्रि की सही तारीख क्या है?

जुलाई 2026 में मासिक शिवरात्रि का व्रत 12 जुलाई, रविवार को रखा जाएगा। इसी रात को चतुर्दशी तिथि का निशिता काल व्यापिनी मुहूर्त मिल रहा है।

2. इस शिवरात्रि पर भद्रा का समय क्या है और क्या यह अशुभ है?

भद्रा काल 12 जुलाई की रात 10:29 बजे से शुरू होकर 13 जुलाई की सुबह 05:32 बजे तक रहेगा। यह भद्रा स्वर्ग लोक की है, इसलिए इसका पृथ्वी पर कोई अशुभ प्रभाव नहीं पड़ेगा। आप निश्चिंत होकर पूजा कर सकते हैं।

3. निशिता काल पूजा का सबसे उत्तम मुहूर्त कौन सा है?

भगवान शिव की मध्यरात्रि की पूजा (Nishita Kaal Puja) का समय 13 जुलाई की रात 12:07 AM से 12:47 AM तक रहेगा। इस 40 मिनट की अवधि में महादेव का अभिषेक करना सबसे सर्वोत्तम माना गया है।

4. क्या इस दिन प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि दोनों का फल एक साथ मिलेगा?

जी हाँ, इस बार 12 जुलाई को रवि प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का अद्भुत संयोग बन रहा है। इस दिन व्रत रखने से भगवान सूर्य नारायण, भगवान शिव और माता पार्वती तीनों की संयुक्त कृपा प्राप्त होगी।

5. मासिक शिवरात्रि का व्रत रखने से क्या लाभ मिलते हैं?

शास्त्रों के अनुसार, मासिक शिवरात्रि का नियमित व्रत रखने से जीवन के समस्त पापों का नाश होता है, आर्थिक तंगी दूर होती है, विवाह में आ रही रुकावटें समाप्त होती हैं और जातक को मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है।

"नमस्कार! मैं अमित तिवारी हूँ, और आप मुझे एक 'साधक' के रूप में जान सकते हैं। बचपन से ही सनातन धर्म, तंत्र-मंत्र और आध्यात्मिक साधनाओं ने मुझे अपनी ओर गहराई से आकर्षित किया है। वर्षों के निरंतर अध्ययन, गुरु-कृपा और अपने व्यक्तिगत साधना-अनुभवों से मैंने जो कुछ भी सीखा है, उसे मैं sadhnas.in के माध्यम से आपके साथ साझा कर रहा हूँ। मेरा मुख्य उद्देश्य इंटरनेट पर फैले भ्रम को दूर करके प्रामाणिक, सत्य और शास्त्र-सम्मत जानकारी को बेहद सरल भाषा में आप तक पहुँचाना है। मैं कोई गुरु या उपदेशक नहीं हूँ, बल्कि आप ही की तरह ईश्वर की खोज में निकला एक राही हूँ। मेरी यही कोशिश है कि मेरे अनुभवों और लेखनी से आपकी आध्यात्मिक यात्रा और भी सुगम व सफल हो सके।"

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