Lakshmi Kavacham (श्री लक्ष्मी कवच): पाठ विधि, साधना नियम, लाभ (Complete Guide)
वर्तमान भौतिकवादी युग में, जहां जीवन का हर सुख-साधन धन पर निर्भर करता है, वहां आर्थिक स्थिरता और समृद्धि की कामना करना अत्यंत स्वाभाविक है। हिंदू धर्म में माता लक्ष्मी …
वर्तमान भौतिकवादी युग में, जहां जीवन का हर सुख-साधन धन पर निर्भर करता है, वहां आर्थिक स्थिरता और समृद्धि की कामना करना अत्यंत स्वाभाविक है। हिंदू धर्म में माता लक्ष्मी …
हिन्दू धर्म और तंत्र शास्त्र में भगवान शिव को देवों के देव ‘महादेव’ कहा गया है। जब मनुष्य हर तरफ से विपत्तियों से घिर जाता है, जब कोई रास्ता नजर …
सनातन धर्म में ‘कवच’ का अर्थ है सुरक्षा का वह घेरा जिसे देवी-देवताओं के शक्तिशाली मंत्रों द्वारा निर्मित किया जाता है। जब कोई भक्त पूर्ण श्रद्धा से किसी विशिष्ट देवता …
नवरात्रि का पवित्र पर्व आदिशक्ति माँ दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की आराधना का महाउत्सव है। इस पावन पर्व के चौथे दिन माँ दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप ‘माँ कुष्मांडा’ की …
सनातन धर्म और तंत्र शास्त्र में आदिशक्ति माँ भवानी के दस महाविद्या स्वरूपों का वर्णन मिलता है, जिनमें प्रथम और सबसे प्रधान स्वरूप ‘माँ काली’ का है। काल (समय) और …
सनातन धर्म और नवरात्रि के पावन पर्व में नवदुर्गा के सातवें स्वरूप ‘माँ कालरात्रि’ की पूजा-आराधना का विशेष विधान है। माता का यह स्वरूप देखने में अत्यंत भयंकर और रौद्र …
सनातन धर्म और तंत्र शास्त्र में ‘कामाख्या शक्तिपीठ’ (असम) को सभी सिद्धियों का सर्वोच्च केंद्र माना जाता है। तंत्र साधनाओं में जब तक माँ कामाख्या की कृपा प्राप्त न हो, …
दश महाविद्याओं और तंत्र शास्त्र के सबसे गहरे और गोपनीय रहस्यों में ‘माँ कामकला काली’ का स्वरूप सबसे उग्र, जाग्रत और सर्वोच्च माना जाता है। साधारण काली पूजा और कामकला …
सनातन धर्म और शक्ति उपासना के पावन पर्व नवरात्रि के छठे दिन माँ दुर्गा के षष्ठम स्वरूप ‘माँ कात्यायनी’ की पूजा-आराधना का विधान है। देवर्षि और महर्षियों द्वारा पूजित माता …
सनातन धर्म और वैदिक वांग्मय के अनंत आध्यात्मिक आकाश में, भगवान शिव को ‘महादेव’, ‘महाकाल’ और ‘आशुतोष’ (शीघ्र प्रसन्न होने वाले) कहा गया है। जब मनुष्य का जीवन चारों ओर …