श्री महालक्ष्मी स्तुतिः २ (सौभाग्यलक्ष्मी स्तोत्रम्) | Sri Mahalakshmi Stuti 2 (Sowbhagya Lakshmi Stotram)

Shri Mahalakshmi Stuti 2 (सौभाग्यलक्ष्मी स्तोत्रम्): पाठ कैसे करें? जानें साधना विधि, नियम, लाभ, महत्व और सावधानियां

सनातन धर्म और वैदिक वांग्मय के अनंत आध्यात्मिक आकाश में, ऐश्वर्य, सौंदर्य, धन, धान्य और समस्त लौकिक व अलौकिक सुखों की अधिष्ठात्री देवी के रूप में माता महालक्ष्मी (Goddess Mahalakshmi) …

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श्री द्वादशार्या सूर्य स्तुतिः (संस्कृत) | Shri Dvadasharya Surya Stuti Lyrics in Sanskrit

श्री द्वादशार्या सूर्य स्तुतिः (Shri Dvadasharya Surya Stuti Lyrics in Sanskrit) : तेज, आरोग्य, और अपार सफलता का महामंत्र

सनातन धर्म और वैदिक वांग्मय में भगवान सूर्य (Lord Surya) को ‘प्रत्यक्ष देवता’ कहा गया है। प्रत्यक्ष देव अर्थात् वह ईश्वर जिसे हम अपनी खुली आँखों से रोज़ देख सकते …

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श्री रुद्र स्तुतिः (संस्कृत) | Shri Rudra Stuti Lyrics in Sanskrit

श्री रुद्र स्तुतिः (Shri Rudra Stuti Lyrics in Sanskrit) : मृत्यु भय नाश और सर्वसिद्धि का महामंत्र

सनातन धर्म और वेदों में भगवान शिव को परब्रह्म, देवाधिदेव और संहार का देवता माना गया है। शिव के अनेक स्वरूप हैं; जब वे शांत और ध्यानमग्न होते हैं तो …

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रुद्राध्याय स्तुतिः (रुद्र नमक स्तोत्रम्) (संस्कृत) | Rudradhyaya Stuti (Rudra Namaka Stotram) Lyrics in Sanskrit

रुद्राध्याय स्तुतिः (रुद्र नमक स्तोत्रम्) | Rudradhyaya Stuti (Rudra Namaka Stotram) : सम्पूर्ण पाप नाश और शिव कृपा का महामंत्र

सनातन धर्म के वैदिक साहित्य में जब भी भगवान शिव की सर्वोच्च, सबसे जाग्रत और सबसे शक्तिशाली स्तुति का उल्लेख होता है, तो सबसे पहला और एकमात्र नाम ‘श्री रुद्रम्’ …

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ईशान स्तुतिः (संस्कृत) | Ishan Stuti Lyrics in Sanskrit

Ishan Stuti Lyrics in Sanskrit (ईशान स्तुतिः (संस्कृत)): असीम ज्ञान, मानसिक शांति और सर्वोच्च शिव-चेतना का महामंत्र

सनातन धर्म और शैव दर्शन (Shaivism) में भगवान शिव को ‘परब्रह्म’ और सृष्टि का मूल कारण माना गया है। शिव केवल एक रूप में नहीं, बल्कि अनंत रूपों में इस …

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सूर्य स्तुति (ऋग्वेदीय) (संस्कृत) | Surya Stuti (Rigvedic) Lyrics in Sanskrit

Surya Stuti सूर्य स्तुति (ऋग्वेदीय): पाठ कैसे करें? जानें साधना विधि, नियम, लाभ, महत्व और सावधानियां

सनातन धर्म और वैदिक संस्कृति में भगवान सूर्य (Lord Surya) को ‘प्रत्यक्ष देवता’ का स्थान प्राप्त है। प्रत्यक्ष देवता अर्थात् वह ईश्वर, जिसके दर्शन हम प्रतिदिन अपनी खुली आँखों से …

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श्री नृसिंह स्तुति (शनैश्चर कृतम्) (संस्कृत) | Shri Narasimha Stuti (Shanaishchara Kritam) Lyrics in Sanskrit

Shri Narasimha Stuti (श्री नृसिंह स्तुति (शनैश्चर कृतम्)): पाठ कैसे करें? जानें साधना विधि, नियम, लाभ, महत्व और सावधानियां

सनातन धर्म के विशाल और रहस्यमयी आध्यात्मिक आकाश में, कर्म और न्याय के देवता शनिदेव (Shani Dev) का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब शनि की महादशा, साढ़ेसाती या ढैय्या चलती …

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श्री हरि स्तुतिः (हरिमीडे स्तोत्रम्) (संस्कृत) | Shri Hari Stuti (Harimide Stotram) Lyrics in Sanskrit

Shri Hari Stuti (श्री हरि स्तुतिः (हरिमीडे स्तोत्रम्)): पाठ कैसे करें? जानें साधना विधि, नियम, लाभ, महत्व और सावधानियां

सनातन धर्म के विशाल और रहस्यमयी आध्यात्मिक आकाश में, परब्रह्म के पालनकर्ता स्वरूप भगवान श्री हरि (विष्णु) का स्थान सर्वोच्च है। इस अनंत सृष्टि का सृजन भले ही ब्रह्मा जी …

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गर्भ स्तुतिः (देव कृतम्) (संस्कृत) | Garbha Stuti (Deva Kritam) Lyrics in Sanskrit

Garbha Stuti (गर्भ स्तुतिः (देव कृतम्)): पाठ कैसे करें? जानें साधना विधि, नियम, लाभ, महत्व और सावधानियां

सनातन धर्म और वैदिक वांग्मय में ‘श्रीमद्भागवत महापुराण’ को साक्षात भगवान श्री कृष्ण का वांग्मय स्वरूप (शब्द रूपी शरीर) माना गया है। भागवत के दशम स्कंध (10th Canto) में जब …

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श्री नृसिंह स्तुतिः (प्रह्लाद कृतम्) (संस्कृत) | Shri Narasimha Stuti (Prahlada Kritam) Lyrics in Sanskrit

Shri Narasimha Stuti (श्री नृसिंह स्तुतिः (प्रह्लाद कृतम्)): पाठ कैसे करें? जानें साधना विधि, नियम, लाभ, महत्व और सावधानियां

सनातन धर्म के विस्तृत और रहस्यमयी आध्यात्मिक महासागर में, भगवान विष्णु के अवतारों का वर्णन अत्यंत गहराई से किया गया है। जब भी पृथ्वी पर धर्म का नाश होने लगता …

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