श्री गौरी सप्तश्लोकी स्तुतिः (संस्कृत) | Shri Gauri Saptashloki Stuti Lyrics in SanskritIt takes 1 minutes... to read this article !

श्री गौरी सप्तश्लोकी स्तुतिः का संपूर्ण संस्कृत पाठ पढ़ें। माँ गौरी की कृपा, सौभाग्य, मंगल, शक्ति एवं कल्याणकारी स्वरूप का वर्णन करने वाली इस पवित्र सप्तश्लोकी स्तुति के श्लोक यहां उपलब्ध हैं।

श्री गौरी सप्तश्लोकी स्तुतिः माँ गौरी के दिव्य स्वरूप का गुणगान करने वाली एक संक्षिप्त किन्तु अत्यंत प्रभावशाली स्तुति है। इस स्तुति के सात श्लोकों में देवी गौरी की करुणा, मातृत्व, शक्ति, सौभाग्य तथा भक्तों पर होने वाली कृपा का सुंदर वर्णन मिलता है। श्रद्धापूर्वक इसके पाठ से भक्त देवी की कृपा एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हैं। इस लेख में श्री गौरी सप्तश्लोकी स्तुतिः का संपूर्ण संस्कृत पाठ प्रस्तुत किया गया है।

करोपान्ते कान्ते वितरणरवन्ते विदधतीं
नवां वीणां शोणामभिरुचिभरेणाङ्कवदनां ।
सदा वन्दे मन्देतरमतिरहं देशिकवशा-
त्कृपालम्बामम्बां कुसुमितकदम्बाङ्कणगृहाम् ॥ १ ॥

शशिप्रख्यं मुख्यं कृतकमलसख्यं तव मुखं
सुधावासं हासं स्मितरुचिभिरासन्न कुमुदं ।
कृपापात्रे नेत्रे दुरितकरितोत्रेच नमतां
सदा लोके लोकेश्वरि विगतशोकेन मनसा ॥ २ ॥

अपि व्याधा वाधावपि सति समाधाय हृदि ता
मनौपम्यां रम्यां मुनिभिरवगम्यां तव कलां,
निजामाद्यां विद्यां नियतमनवद्यां न कलये
न मातङ्गीमङ्गीकृतसरससङ्गीतरसिकाम् ॥ ३ ॥

स्फुरद्रूपानीपावनिरुहसमीपाश्रयपरा
सुधाधाराधाराधररुचिरुदारा करुणया ।
स्तुति प्रीता गीतामुनिभिरुपनीता तव कला
त्रयीसीमा सा मामवतु सुरसामाजिकमता ॥ ४ ॥

तुलाकोटीकोटी किरणपरिपाटि दिनकरं
नखच्छायामाया शशिनलिनदायादविभवं ।
पदं सेवे भावे तव विपदभावे विलसितं
जगन्मातः प्रातः कमलमुखि नातः परतरम् ॥ ५ ॥

कनत्फालां बालां ललितशुकलीलाम्बुजकरां
लसद्धाराधारां कचविजितधाराधररुचिं ।
रमेन्द्राणीवाणी लसदसितवेणीसुमपदां
महत्सीमां श्यामामरुणगिरिवामां भज मते ॥ ६ ॥

गजारण्य़े पुण्ये श्रितजनशरण्ये भगवती
जपावर्णापर्णां तरलतरकर्णान्तनयना ।
अनाद्यन्ता शान्ताबुधजनसुसन्तानलतिका
जगन्माता पूता तुहिनगिरिजाता विजयते ॥ ७ ॥

गौर्यास्सप्तस्तुतिं नित्यं प्रभाते नियतः पठेत् ।
तस्यसर्वाणि सिद्ध्यन्ति वाञ्छितानि न सम्शयः ॥ ८ ॥

इस प्रकार श्री गौरी सप्तश्लोकी स्तुतिः माँ गौरी की महिमा का स्मरण कराने वाला एक पवित्र स्तोत्र है। भक्ति और श्रद्धा के साथ इसके पाठ से सौभाग्य, सुख, पारिवारिक मंगल तथा देवी की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।

हमारी संपादकीय टीम अनुभवी वैदिक एवं तांत्रिक साधकों का एक समर्पित समूह है। टीम द्वारा वेद, तंत्र और प्राचीन शास्त्रों का गहन अध्ययन कर प्रामाणिक एवं शास्त्रसम्मत जानकारी तैयार की जाती है। हमारा उद्देश्य साधकों तक विश्वसनीय आध्यात्मिक ज्ञान, मंत्र, स्तोत्र एवं साधना संबंधी मार्गदर्शन सरल और प्रमाणिक रूप में पहुँचाना है।

error: Content is protected !!