श्री काली स्तुतिः (ब्रह्म कृतम्) | Shri Kali Stuti (Brahma Kritam) Lyrics in SanskritIt takes 2 minutes... to read this article !

श्री काली स्तुतिः (ब्रह्म कृतम्) का संपूर्ण संस्कृत पाठ पढ़ें। ब्रह्माजी द्वारा रचित मां काली की इस पवित्र स्तुति के श्लोक यहां शुद्ध एवं सरल रूप में उपलब्ध हैं।

श्री काली स्तुतिः (ब्रह्म कृतम्) मां काली को समर्पित एक पवित्र स्तुति है, जिसे ब्रह्माजी द्वारा देवी की महिमा का वर्णन करते हुए प्रस्तुत किया गया है। इस स्तुति में मां काली के दिव्य स्वरूप, शक्ति और कृपा का गुणगान किया गया है। इस लेख में श्री काली स्तुतिः (ब्रह्म कृतम्) का संपूर्ण संस्कृत पाठ प्रस्तुत किया गया है।

श्री काली स्तुतिः (ब्रह्म कृतम्) मूल पाठ

नमामि कृष्णरूपिणीं कृष्णाङ्गयष्टिधारिणीम् ।
समग्रतत्त्वसागरं अपारपारगह्वराम् ॥ १ ॥

शिवाप्रभां समुज्ज्वलां स्फुरच्छशाङ्कशेखराम् ।
ललाटरत्नभास्करां जगत्प्रदीप्तिभास्कराम् ॥ २ ॥

महेन्द्रकश्यपार्चितां सनत्कुमारसंस्तुताम् ।
सुरासुरेन्द्रवन्दितां यथार्थनिर्मलाद्भुताम् ॥ ३ ॥

अतर्क्यरोचिरूर्जितां विकारदोषवर्जिताम् ।
मुमुक्षुभिर्विचिन्तितां विशेषतत्त्वसूचिताम् ॥ ४ ॥

मृतास्थिनिर्मितस्रजां मृगेन्द्रवाहनाग्रजाम् ।
सुशुद्धतत्त्वतोषणां त्रिवेदपारभूषणाम् ॥ ५ ॥

भुजङ्गहारहारिणीं कपालखण्डधारिणीम् ।
सुधार्मिकौपकारिणीं सुरेन्द्रवैरिघातिनीम् ॥ ६ ॥

कुठारपाशचापिनीं कृतान्तकामभेदिनीम् ।
शुभां कपालमालिनीं सुवर्णकल्पशाखिनीम् ॥ ७ ॥

श्मशानभूमिवासिनीं द्विजेन्द्रमौलिभाविनीम् ।
तमोऽन्धकारयामिनीं शिवस्वभावकामिनीम् ॥ ८ ॥

सहस्रसूर्यराजिकां धनञ्जयोग्रकारिकाम् ।
सुशुद्धकालकन्दलां सुभृङ्गबृन्दमञ्जुलाम् ॥ ९ ॥

प्रजायिनीं प्रजावतीं नमामि मातरं सतीम् ।
स्वकर्मकारणे गतिं हरप्रियां च पार्वतीम् ॥ १० ॥

अनन्तशक्तिकान्तिदां यशोऽर्थभुक्तिमुक्तिदाम् ।
पुनः पुनर्जगद्धितां नमाम्यहं सुरार्चिताम् ॥ ११ ॥

जयेश्वरि त्रिलोचने प्रसीद देवि पाहि माम् ।
जयन्ति ते स्तुवन्ति ये शुभं लभन्त्यमोक्षतः ॥ १२ ॥

सदैव ते हतद्विषः परं भवन्ति सज्जुषः ।
जराः परे शिवेऽधुना प्रसाधि मां करोमि किम् ॥ १३ ॥

अतीव मोहितात्मनो वृथा विचेष्टितस्य मे ।
कुरु प्रसादितं मनो यथास्मि जन्मभञ्जनः ॥ १४ ॥

तथा भवन्तु तावका यथैव घोषितालकाः ।
इमां स्तुतिं ममेरितां पठन्ति कालिसाधकाः ।
न ते पुनः सुदुस्तरे पतन्ति मोहगह्वरे ॥ १५ ॥

इति कालीरहस्ये ब्रह्म कृत श्री काली स्तुतिः ॥

इस प्रकार श्री काली स्तुतिः (ब्रह्म कृतम्) मां काली की भक्ति और आराधना का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। श्रद्धा एवं भक्ति के साथ इसके पाठ द्वारा साधक देवी की कृपा, संरक्षण, शक्ति एवं आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना करते हैं।

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