श्री शनैश्चर नाम स्तुतिः का संपूर्ण संस्कृत पाठ पढ़ें। भगवान शनिदेव के दिव्य नामों एवं महिमा का वर्णन करने वाली इस पवित्र स्तुति के श्लोक यहां उपलब्ध हैं।
श्री शनैश्चर नाम स्तुतिः भगवान शनिदेव को समर्पित एक पवित्र स्तुति है। इस स्तुति में शनिदेव के दिव्य नामों, गुणों एवं महिमा का वर्णन किया गया है। श्रद्धापूर्वक इसके पाठ से भक्त शनिदेव की कृपा एवं आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना करते हैं।
श्री शनैश्चर नाम स्तुतिः मूल पाठ
श्रीशनिरुवाच ।
क्रोडं नीलाञ्जनप्रख्यं नीलवर्णसमस्रजम् ।
छायामार्तण्डसम्भूतं नमस्यामि शनैश्चरम् ॥ १ ॥
नमोऽर्कपुत्राय शनैश्चराय
नीहारवर्णाञ्चित मेचकाय ।
श्रुत्वा रहस्यं भवकामदश्च
फलप्रदो मे भव सूर्यपुत्र ॥ २ ॥
नमोऽस्तु प्रेतराजाय कृष्णदेहाय वै नमः ।
शनैश्चराय क्रूराय शुद्धबुद्धिप्रदायिने ॥ ३ ॥
य एभिर्नामभिः स्तौति तस्य तुष्टो भवाम्यहम् ।
मदीयं तु भयं तस्य स्वप्नेऽपि न भविष्यति ॥ ४ ॥
इति श्रीभविष्यपुराणे उत्तरपर्वे चतुर्दशोत्तरशततमोऽध्याये श्री शनैश्चर नाम स्तुतिः ।
इस प्रकार श्री शनैश्चर नाम स्तुतिः शनिदेव की भक्ति और आराधना का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। श्रद्धा एवं विश्वास के साथ इसके पाठ द्वारा भक्त शनिदेव की कृपा, संरक्षण तथा जीवन में शुभ फल की कामना करते हैं।